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Hindi News उत्तराखंड मां! अभी समय लगेगा, रेस्क्यू जारी,  उत्तरकाशी टनल में फंसे 41 मजदूरों का दर्द

मां! अभी समय लगेगा, रेस्क्यू जारी,  उत्तरकाशी टनल में फंसे 41 मजदूरों का दर्द

मां...अभी पुष्कर समेत अन्य के सुरंग से निकलने में काफी समय लगेगा। क्योंकि रेस्क्यू इतना आसान नहीं है। बार-बार बाधांए आ रहीं हैं, सभी के सब्र को और अधिक बढ़ा रही हैं। सुरंग में सभी सुरक्षित हैं।

 मां! अभी समय लगेगा, रेस्क्यू जारी,  उत्तरकाशी टनल में फंसे 41 मजदूरों का दर्द
Himanshu Kumar Lallटनकपुर, संवाददाता। Sun, 26 Nov 2023 03:08 PM
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मां...अभी पुष्कर समेत अन्य के सुरंग से निकलने में काफी समय लगेगा। क्योंकि रेस्क्यू इतना आसान नहीं है। बार-बार बाधांए आ रहीं हैं, सभी के सब्र को और अधिक बढ़ा रही हैं। लेकिन इतना है कि सुरंग में सभी सुरक्षित हैं। यह बात पुष्कर के बड़े भाई ने अपनी मां से कही है।

टनकपुर के छीनीगोठ गांव निवासी पुष्कर ऐरी पुत्र राम सिंह ऐरी 14वें दिन भी सुरंग से बाहर नहीं निकल पाए। इसका कारण ड्रिलिंग में आई तमाम बाधाओं का लगातार सामने आना। इस वजह से पुष्कर सिंह के माता-पिता बेटे को लेकर काफी चिंतित हैं।

उसकी मां गंगा देवी ने बताया कि धीरे-धीरे सब्र का बांध टूट रहा है। गंगा देवी का कहना है कि मौके पर जाकर वह बेटे का हाल जानना चाहती हैं। पुष्कर के बड़े भाई सिलक्यारा में ही हैं। उन्होंने मां गंगा देवी को बताया कि अभी और समय लगना है।

उन्होंने कहा कि रेस्क्यू चल रहा है। लेकिन उनके पास इंतजार के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। खाने की सामाग्री उन तक भेजी जा रही है। इधर, तहसीलदार जगदीश गिरी ने बताया कि परिजनों तक सही जानकारी समय-समय पर पहुंचाई जा रही है।

इंतजार बढ़ा पर बेहतर हो रहा संपर्क
उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में 14 दिनों से फंसे मजदूरों के बाहर आने में भले ही अभी समय लग रहा हो, लेकिन उनसे बाहरी संपर्क लगातार बेहतर हो रहा है। टनल में एसडीआरएफ द्वारा स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के जरिए लगातार मंजदूरों से संपर्क बना हुआ है। छह इंच के पाइप के जरिए टनल में इंडोस्कोपिक कैमरा भेजा गया है, जिससे मजदूर लगातार अपने परिजनों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

इसके अलावा मजदूरों के इलाज एवं काउंसलिंग के लिए 18 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात हैं। डॉक्टर इमरजेंसी मेडिकल सेटअप से दिन में दो बार मजदूरों से बात कर उनके तनाव को कम करने के प्रयास कर रहे हैं। ऑक्सीजन की सप्लाई भी नियमित रूप से सुरंग में बनी हुई है।

मेडिकल टीम के नोडल अफसर विमलेश के नेतृत्व में प्रत्येक दिन मजदूरों की मेडिकल जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप भोजन पहुंचाया जा रहा है।