DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तराखंड  ›  उत्तराखंड में फिर आएगी तबाही ? भारी बारिश से उफाना पर गंगा-अलकनंदा, नदियों के जलस्तर बढ़ने से अलर्ट, देखें वीडियो
उत्तराखंड

उत्तराखंड में फिर आएगी तबाही ? भारी बारिश से उफाना पर गंगा-अलकनंदा, नदियों के जलस्तर बढ़ने से अलर्ट, देखें वीडियो

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu Kumar Lall
Sat, 19 Jun 2021 11:08 AM
उत्तराखंड में फिर आएगी तबाही ? भारी बारिश से उफाना पर गंगा-अलकनंदा, नदियों के जलस्तर बढ़ने से अलर्ट, देखें वीडियो
उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से तबाही मची है। मानसूनी बरसात के बाद गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर आदि नदियां ऊफना गईं हैं।  बारिश के चलते रुद्रप्रयाग में अलकनंदा व मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। प्रशासन ने रुद्रप्रयाग व श्रीनगर में नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट किया। ऋषिकेश में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नदियों के उफान पर आने से बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, मौसम विभाग ने भी अगले 72 घंटों तक नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ आदि जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
 
वहीं, ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे समेत कई संपर्क मार्गों पर आवाजाही बाधित रही। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोता घाटी के पास करीब सुबह साढ़े 11 बजे अचानक पहाड़ी से मलबा आ गिरा। पुलिस ने देवप्रयाग से ऋषिकेश की ओर जाने वाले वाहनों को चाका-गजा-खाड़ी सड़क से होते श्रीनगर के लिए डायवर्ट कर दिया। श्रीनगर की ओर से आने वाले वाहनों को मलेथा होकर ऋषिकेश की ओर भेजा जा रहा है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा और सम्राट होटल के बीच में पहाड़ी से पत्थर एवं मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। वाहनों को तिलवाड़ा घनसाली टिहरी होते हुए भेजा गया।

हरिद्वार में गंगा में आठ साल बाद आया रिकार्ड पानी
हरिद्वार। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा में जल स्तर बढ़ गया है। 2013 के बाद शनिवार को गंगा में 392104 क्यूसेक पानी आया। जबकि 2013 में हरिद्वार में 525310 क्यूसेक पानी आया था। तब हरिद्वार में जल भराव के साथ साथ तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर भूमि कटाव हुआ था। बैरागी कैंप में भी तब पानी भर गया था। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ अनिल निमेष ने बताया कि राज्य स्थापना के बाद हरिद्वार में बरसात के दौरान सबसे कम पानी 2006 में आया था। तब 117646 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया था। शुक्रवार को शाम तक गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर ही बह रहा था। जिस कारण उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने कानपुर तक अलर्ट घोषित किया हुआ था। साथ ही एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया था।

पहाड़ में लगातार बारिश से गंगा ने दिखाया रौद्र रूप
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से ऋषिकेश में गंगा उफान पर है। शनिवार शाम गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों चंद्रेश्वरनगर और मायाकुंड से करीब 275 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। त्रिवेणीघाट में गंगा आरती स्थल पानी में डूब चुका है। घाट किनारे आधा दर्जन से अधिक स्टील से बने महिलाओं के चेंजिंग रूम, डस्टबिन और जल पुलिस की अस्थायी चौकी पानी में बह गई है। रामझूला पुल के दोनों छोर के तारों को गंगा का पानी छूकर बहा। दिन में जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2 सेंटीमीटर नीचे बहा, लेकिन शाम के वक्त यह खतरे के निशान से ऊपर चला गया। पुलिस प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। खतरे को देखते हुए गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे आवाजाही पर रोक लगा दी है।

शनिवार को त्रिवेणीघाट पर गंगा रौद्र रूप में नजर आई। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर त्रिवेणीघाट पर आवाजाही पर रोक लगा रखी है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल और सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने हालात का जायजा लिया। उधर, शनिवार को रामझूला पुल पर आवाजाही बनी रही, लेकिन उफनती गंगा का पानी रामझूला पुल के दोनों किनारों के सिरों पर लगे तारों को छूकर बह रहा था। मुनिकीरेती नगर पालिका ने गंगा के बढ़ते जलस्तर से संभावित खतरे को लेकर मुनादी भी कराई। अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, पटवारी पवन कुमार टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते नजर आए।

जल पुलिस और आपदा राहत दल 40 पीएसी वाहिनी के जवान लक्ष्मणझूला से ऋषिकेश त्रिवेणीघाट, बैराज तक निगरानी रखे हुए थे। उधर, गंगा के तटीय इलाके चंद्रेश्वनगर की गली नंबर 10 में नमामि गंगे का ट्रीटमेंट प्लांट और उसके सामने की गली पानी से लबालब थी। यहां सत्तर-अस्सी घरों में पानी घुस गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंडियाल, कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी यहां हालात का जायजा लेने के लिए टीम के साथ पहुंचे। राहत एवं बचाव टीम ने बाढ़ के खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए।

चंद्रेश्वरनगर में श्मशान घाट के सामने गली नंबर 10 में शनिवार रात करीब 2 बजे बाढ़ का पानी घुसा। प्रभावित करीब 150 लोगों को धनवंतरी धर्मशाला और नेपाली क्षेत्र धर्मशाला में शिफ्ट कराया गया है। गंगा रौद्र रूप में है, लिहाजा तटीय इलाके में अलर्ट जारी किया गया है। चंद्रभागा नदी का जलस्तर अभी सामान्य है।
डीसी ढौंडियाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी

नदी किनारे रहने वालों को किया अलर्ट 
 
शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश के चलते रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। साय 5 बजे बाद नदियों के जलस्तर में और भी इजाफा हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए अलर्ट किया। शुक्रवार सुबह से ही जिले में मूसलाधार बारिश शुरू हुई जो देर शाम तक जारी रही। इस दौरान अनेक जगहों पर जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ गधेरे भी उफान पर आए और अलकनंदा और मंदाकिनी के जलस्तर में भी इजाफा हुआ। अलकनंदा का जलस्तर 627 मीटर के ऊपर पहुंचा जबकि मंदाकिनी का जलस्तर भी 626 मीटर पर रहा। प्रशासन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलग से किया जा रहा है। 

श्रीनगर: सारे घाट जलमग्न
लगातार हो रही बारिश के कारण श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया। जिससे नदी किनारे के सारे घाट जल मग्न हो गए। जिस पर प्रशासन ने नगर पालिका के माध्यम से नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी करा दिया। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नदी का जल स्तर अलर्ट लेबल से ऊपर चला गया है।  

 

 

बारिश से पिंडर नदी में भी बढ़ा पानी
पिंडर घाटी में गुरुवार की देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश शुक्रवार की दोपहर तक भी जारी है। इस बीच कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबा,पत्थरों एवं बोल्डरों के आने के कारण यातायात के लिए बंद हो गया हैं। इसके साथ ही घाटी की अन्य सभी राज्य,जिला एवं ग्रामीण मोटर सड़क भी यातायात के लिए भू-धंसाव, भूस्खलन के कारण बंद पड़े हुए हैं। इस बीच क्षेत्र में बहने वाली प्रमुख नदियां पिंडर, कैल एवं प्राणमती नदियों में तेजी के साथ जलस्तर बढ़ता जा रहा हैं। मानसून के इस सीजन में पहली बार पिछले 24 घंटों से भी अधिक समय से लगातार मूसलाधार बारिश जारी रहने से पिंडर घाटी के थराली, देवाल एवं नारायणबगड़ विकासखंडों का सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

उत्तरकाशी: सड़कों पर बहा बारिश का पानी
जिले में गत गुरुवार सांय से बारिश का सिलसिला जारी है। जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन एक बार फिर अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं निरंतर हो रही बारिश से जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है।  जिले में गत शुक्रवार सांय को मौसम ने अचानक करवट बदली और सांय को मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। निरंतर हो रही बारिश से नदी नाले ऊफान पर आ गए। वहीं सड़कों पर नालियां ओवरफ्लो हो गई और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। कई जगह तो सड़कें तालाब बन गई।  
 

संबंधित खबरें