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Hindi News उत्तराखंडमॉनसून में चारधाम-पर्वतीय रूटों पर सफर नहीं आसान, बारिश पर अलर्ट; ऐसे रहें सावधान

मॉनसून में चारधाम-पर्वतीय रूटों पर सफर नहीं आसान, बारिश पर अलर्ट; ऐसे रहें सावधान

ऐसे में चारधाम और पर्वतीय रूटों पर जाने वाले यात्रियों से अपील है कि सफर के दौरान वह सतर्क रहें। मॉनसून में भारी बारिश के बाद भूस्खलन या फिर चट्टान खिसकने का भी खतरा बढ़ा जाता है।

मॉनसून में चारधाम-पर्वतीय रूटों पर सफर नहीं आसान, बारिश पर अलर्ट; ऐसे रहें सावधान
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Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमSun, 23 Jun 2024 11:18 AM
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चारधाम यात्रा की शुरुआत से भारी संख्या में भक्तजन दर्शन करने को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। राजस्थान, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ, गंगोत्री, बदरीनाथ समेत चारों धामों में पहुंच रहे हैं। आईएमडी की ओर से उत्तराखंड में मॉनसून की तारीख का भी ऐलान किया जा चुका है।

ऐसे में चारधाम और पर्वतीय रूटों पर जाने वाले यात्रियों से अपील है कि सफर के दौरान वह सतर्क रहें। मॉनसून में भारी बारिश के बाद भूस्खलन या फिर चट्टान खिसकने का भी खतरा बढ़ा जाता है। सड़क बाधित होने भक्तजन चारधाम या फिर पर्वतीय रूट पर फंस सकते हैं।

उत्तराखंड में 25 जून से प्री-मानसून की बारिश हो सकती है। रविवार रात से पहाड़ी इलाकों में खासकर कुमाऊं के जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही भूस्खलन एवं चट्टानें खिसकने का खतरा भी बताया है। शनिवार को मौसम विभाग ने सभी जिलों के डीएम को अलर्ट भेजा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि 25 जून के बाद उत्तराखंड में मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। मानसून दो-तीन में उत्तराखंड को कवर कर लेगा। नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में 23 जून की रात से 26 जून तक भारी बारिश हो सकती है।

नैनीताल में शनिवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी रहा। दोपहर बाद बारिश तो थम गई लेकिन आसमान घने काले बादलों से ढका रहा। करीब दो बजे शहर कोहरे की चादर से ढक गया। मौसम के इस बदले मिजाज का पर्यटकों ने खूब लुत्फ उठाया।

पर्यटन कारोबारियों के अनुसार शनिवार को करीब 15 हजार से अधिक सैलानी नैनीताल पहुंचे। बीते शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार को अधिकतम पार 27 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहा।

केदारनाथ रूट में 60 जेसीबी तैनात होंगी
केदारनाथ रूट में जनपद जिले में मॉनूसन को लेकर प्रशासन स्तर की तैयारियां पूरी हो गई है। एनएच लोनिवि, लोनिवि रुद्रप्रयाग, लोनिवि ऊखीमठ और पीएमजीएसवाई द्वारा सड़कों को लेकर होमवर्क पूरा कर लिया गया है। जनपद के हाईवे और ब्रांच सड़कों में 60 जेसीबी मशीनें तैनात रहेंगी जो जरूरत पड़ने पर शीघ्र बंद मार्ग को खोलने का काम करेंगी।

आपदा की दृष्टि से अति संवदेनशील जनपद में मानूसन को लेकर प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस को खासा मुस्तैद रहना पड़ता है। जनपद में मानूसन को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी। विशेष रूप से ऋषिकेश-बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे के साथ ही ब्रांच सड़कों को सुचारु रखने पर जोर दिया गया।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया जनपद में बरसाती मौसम के दौरान 60 जेसीबी तैनात की गई है। हाईवे और ब्रांच सड़कों को बंद होने की स्थिति में शीघ्र जेसीबी की मदद से सड़क खोल दी जाएगी। यह जेसीबी एनएच लोनिवि, लोनिवि रुद्रप्रयाग, लोनिवि ऊखीमठ और पीएमजीएसवाई की रहेंगी। आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। संवेदनशील स्थानों को चौड़ा किया गया है। 

बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ बन सकता है बरसात में मुसीबत
बदरीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ इस बार भी फिर मुसीबत बन सकता है। यहां का कोई स्थाई ट्रीटमेंट नहीं हो सका है। जबकि वैकल्पिक मार्ग के रूप नदी पार बनने वाले हाईवे और पुल का काम भी अधूरा है। सिरोबगड़ में पहाड़ी पर भूस्खलन का खतरा बना है। हालांकि सिरोबगड़ बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग के रूप में खांकरा-छांतीखाल-डुंगरीपंथ और खांकरा-खिर्सू-डुंगरीपंथ मोटर मार्ग का उपयोग किया जाएगा।

गंगोत्री हाईवे पर चेतावनी बोर्ड लगे
उत्तरकाशी पुलिस ने शनिवार को गंगोत्री यात्रा मार्ग पर संकरे और संवेदनशील स्थानों पर दुर्घटनाएं रोकने को ब्लिंकर लैम्प, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाये हैं। साथ ही नागराजाधार और गंगनानी के पास पुलिस सहायता बूथ स्थापित किया है।

एसपी अर्पण यदुवंशी ने हाल ही में गंगोत्री यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर संवेदनशील और संकरे स्थानों का चिह्नीकरण करते हुए यहां दुर्घटनाओं को रोकने संबंधी दिशा निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए थे। दुर्घटनाग्रस्त सम्भावित क्षेत्र गंगनानी, डबरानी, सोनगाड में सोलर ब्लिंकर लैम्प, चेतावनी बोर्ड एवं रिफ्लेक्टर लगवाए। सुरक्षा की दृष्टि से नागराजाधार, गंगनानी के पास एक पुलिस सहायता बूथ को भी स्थापित किया गया है।

गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर 20 संकरे और दुर्घटना संभावित स्थान हैं। हादसे रोकने को ब्लिंकर लैंप, रिफलेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। डेंजर्स मोड़ों पर क्रश बैरियर और रिफलेक्टर लगाए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर पांच पुलिस सहायता बूथ भी स्थापित किए हैं। 
अर्पण यदुवंशी, पुलिस अधीक्षक, जनपद उत्तरकाशी

24 घंटे फोन खुले रखें अधिकारी एडीएम
नैनीताल। मौसम विभाग ने जिले में 24 से 26 जून तक और 29 जून को मौसम का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। ऐसे में बारिश, आंधी आने की संभावना है। प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मोबाइल फोन भी 24 घंटे ऑन रखने के निर्देश दिए हैं। एडीएम पीआर चौहान ने शनिवार को प्रत्येक घंटे की आपदा संबंधी सूचना तहसील कंट्रोल रूम व जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र पर उपलब्ध कराने को कहा है।

ये बरतें सावधानी
फसल सुरक्षित स्थान पर रखें। नदी-नालों के पास की बस्तियों के लोग ज्यादा सावधान रहें। आकाशीय बिजली, तेज हवाओं के समय अंदर रहें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें। बिजली उपकरणों से दूर रहें। जानवरों को बाहर न बांधें। यात्रा से बचें।

बारिश में ऐसे रहें सावधान
-सफर शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जुटा लें 
-चारधाम सहित पर्वतीय रूटों पर सफर में सतर्क रहें 
-भारी बारिश होने पर सफर होने से बचें
-भूस्खलन होने की स्थिति पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे
-चारधाम रूट पर रात होने से पहले गंतव्य में पहुंच जाएं
-पर्वतीय समेत चारधाम रूट पर गाड़ी को तेज न चलाएं