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मस्कबीन हो सकता है उत्तराखंड के युवाओं के लिए गेम चेंजर ग

पौड़ी जिले के धूमाकोट रणगांव निवासी महिपाल सिंह रावत के मुताबिक, उत्तराखंड के पारम्परिक वाद्य यंत्र मश्कबीन, हुड़का व ढोल दमौं के अच्छी मार्केटिंग की जरुरत है। संस्कृति को बचाने की जरूरत है।

मस्कबीन हो सकता है उत्तराखंड के युवाओं के लिए गेम चेंजर ग
Himanshu Kumar Lallदेहरादून। शैलेन्द्र सेमवालSat, 24 Feb 2024 06:55 PM
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सुरक्षित भविष्य के लिए रोजगार के सपने संजोने वाले उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपेक्षित पारम्परिक वाद्य मश्कबीन और ढोल दमाऊं एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। ये मानना है पर्यटन विशेषज्ञ गढ़वाल केन्द्रीय विवि के एलुमिनाई एसोसिएशन के महासचिव व अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैवल एजेंसी मदरसन के असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट महिपाल सिंह रावत का। 

पौड़ी जिले के धूमाकोट रणगांव निवासी महिपाल सिंह रावत के मुताबिक, उत्तराखंड के पारम्परिक वाद्य यंत्र मश्कबीन, हुड़का व ढोल दमौं के अच्छी मार्केटिंग की जरुरत है, बिना कॉरपोरेट को जोड़े संस्कृति को बचाने की बात नहीं हो सकती। इसकी शुरूआत उन्होंने अपने गांव से की। जहां उन्होंने गांव के परम्परागत ढोल वादकों को ढोल दमौं उपहार बांटे।

विशेषकर मश्कबीन से युवाओं को पर्यटन सेक्टर व सेना में रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण देने की पहल की। महिपाल के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय वाद्य यंत्र मश्कबीन को अंग्रेज लेकर आए। मश्कबीन गढ़वाल, कुमाऊंनी रेजीमेंट, अर्द्धसैनिक बलों में आज भी बजाया जाता है। लेकिन इसे सीखने का सेना से बाहर कोई माध्यम नहीं है।

फाइव स्टार होटलों, कॉरपोरेट व सार्वजनिक क्षेत्र में भी मश्कबीन पहुंचे इसके लिए उन्होंने अनेक युवाओं के समूह तैयार किए हैं। उनका प्रयास है कि होटल इंडस्ट्री ढोल दमौं, मश्कबीन को बजाने का प्रशिक्षित स्टॉफ रखे और पर्यटकों को आर्कषित के लिए इसका इस्तेमाल करे।

पर्यटन विशेषज्ञ के रुप में कर रहे काम
महिपाल के पास यात्रा और पर्यटन उद्योग का दो दशक लम्बा अनुभव है और उन्होंने गढ़वाल विवि के पर्यटन विभाग से मास्टर डिग्री हासिल की है। महिपाल ने जेटएयर ग्रुप में भी सालों तक काम किया और पर्यटन व रोजगार सृजन क्षेत्र में जमकर अनुभव बटोरा है।

इसके लिए 2015 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ यात्रा पेशेवर का दक्षिण एशिया यात्रा पुरस्कार(राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार)हासिल हुआ। महिपाल ने राज्य में पर्यटन क्षेत्र में काम करते हुए पचास से अधिक ऑनलाइन वेबिनार व नवाचार को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां की है।

ऋषिकेश में होटल में ढोल दमौं देने समेत इस साल राज्य के होटलों में 100 से अधिक ढोल दमौं व मश्कबीन बेचने का लक्ष्य निधारित किया है। पर्यटन विशेषज्ञ के रुप में वह ऋषिकेश में गाइड प्रशिक्षण वर्कशाप में मास्टर ट्रेनर के रुप में शामिल हुए। महिपाल ने अभी तक गढ़वाल विवि के पर्यटन विभाग के एक हजार छात्रों को विभिन्न कंपनियों में रोजगार से जोड़ा है।

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