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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडउत्तरकाशी:मंगशीर बग्वाल की धूम,जानिए दीपावली के एक महीने बाद क्यों मनाते हैं बग्वाल?

उत्तरकाशी:मंगशीर बग्वाल की धूम,जानिए दीपावली के एक महीने बाद क्यों मनाते हैं बग्वाल?

संवाददाता, उत्तरकाशी Himanshu Kumar Lall
Sat, 04 Dec 2021 07:01 PM
उत्तरकाशी:मंगशीर बग्वाल की धूम,जानिए दीपावली के एक महीने बाद क्यों मनाते हैं बग्वाल?

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उत्तरकाशी जिले में शनिवार को मंगशीर की बग्वाल को बडे धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान स्थानीय लोग अपनी संस्कृति को बचाने के लिए स्थानीय गणवेश में सजे दिखे। इस अवसर पर कंडार देवता मंदिर से रासौ तांदी नृत्य करते हुए सुंदर झांकियां निकाली गई। वहीं देर सांय को रामलीला मैदान में देवदार तथा चीड़ की लकड़ी से बनाए भैलो को जलाकर लोगों ने मंगशीर की बग्वाल का आनंद लिया। 

अनघा माउण्टेन एसोसिएशन की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित दो दिसवीय मंगशीर की बग्वाल को हर्षोल्लास के साथ मनाय गया।  कार्तिक माह की दीपावली के एक माह बाद मनाई जाने वाली मंगशीर की बग्वाल का इतिहास है कि तिब्बती लुटेरों से जीतने के बाद जब माधो सिंह भंडारी घर वापस लौटे तो उनके स्वागत में मंगशीर की बग्वाल का आयोजन किया गया।  

इसी संस्कृति व पारंपरिक पर्व के संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए अनघा माउटेन एसेासिएशान वर्ष 2007 से मंगशीर की बग्वाल को मनाते आ रहा है।  शनिवार को एसोसिएशन की ओर से कंडार देवता मंदिर से स्थानीय महिलाओं ने अपने पारंपरिक गण वेश में रासौ तांदी व छोल्या नृत्य किया। इसके बाद माधो सिंह भंडारी तथा उनके पीछे उनकी सेना की सुंदर झांकी बाजार में निकाली गई। जिसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ नगर की सड़कों पर लगी दिखी।

झांकी  कंडार देवता मंदिर से होते हुए विश्वनाथ चौक तथा अंत में रामलीला मैदान तक किया गया। झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, दमाऊ एवं रणसिंगे की धुन पर  सुंदर प्रस्तुति के साथ बाड़ाहाट क्षेत्र की महिलाओं ने पारंपरिक रासौ नृत्य किया। वहीं इसके बाद देर सांय को रामलीला मैदान में भैलो जलाकर लोगों ने मंगशीर की बग्वाल का खूब आनंद लिया। बग्वाल के दौरान व्यवस्थाएं बनाने में पुलिस की अहम भूमिका रही। वहीं जिला मुख्यालय के साथ ही एसेसिएशन की पहल पर जिले के 101 गांवों में भैलू नृत्य के साथ मंगशीर बग्वाल का अयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने बढ़चढ़कर प्रतिभाग किया। 

तिब्बत पर विजय का प्रतीक है मंगशीर बग्वाल- सजवाण 
अनघा माउंटेन एसोसिएशन की ओर से आयोजित मंगशीर बग्वाल के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए गंगोत्री क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि  मंगसीर की बग्वाल गढ़वाली सेना की तिब्बत पर विजय का प्रतीक है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी स्थानीय लोगों को मंगशीर बग्वाल की बधाई दी। वहीं मैदान में लगाये गए गढ़ भोज, गढ़ संग्राहलय, स्वेत श्याम फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन कर आयोजक मंडल की सराहना की। वहीं भेलू घुमाकर मंगशीर बग्वाल का लुफ्त उठाया। 

कार्यक्रम में यह रहे मौजूद 
इस मौके पर गंगोत्री क्षेत्र के नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल,अनघा माउंटेन एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु शेखर जोशी, संयोजक अजय पुरी,मेजर आरएस जमलाल,कृष्णा विजल्वाण,मालगजार शैलेन्द्र नौटियाल,सचिव राघवेन्द्र उनियाल,सुरेन्द्र उनियाल,मोहन डबराल, उमेश प्रसाद बहुगुणा, प्रज्ञा जोशी, प्रभात रुडोला, रजनी चौहान, सावित्री उनियाल, मीना नौटियाल, सविता भट्ट, गिरवीर परमार, महाजन, प्रताप बिष्ट व व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश चौहान आदि मौजूद रहे।

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