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Hindi News उत्तराखंडLIVE UPDATES: 4 दिन बाद भी सुरंग में सुराख नहीं, 40 मजदूरों को निकालने में और कितना लग सकता है वक्त?

LIVE UPDATES: 4 दिन बाद भी सुरंग में सुराख नहीं, 40 मजदूरों को निकालने में और कितना लग सकता है वक्त?

 योजना बी में भी टीमों को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है [नई योजना हल्के स्टील पाइपों के 900-मिमी व्यास वाले खंडों को - एक के बाद एक - ड्रिलिंग उपकरण का उपयोग कर रेस्क्यू करना था।

LIVE UPDATES: 4 दिन बाद भी सुरंग में सुराख नहीं, 40 मजदूरों को निकालने में और कितना लग सकता है वक्त?
Himanshu Kumar Lallउत्तरकाशी, लाइव हिन्दुस्तानWed, 15 Nov 2023 10:11 AM
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 40 जिंदगियों को बचाने की जंग अब भी जारी है। सिलकियारा-बरकोट सुरंग में मलबा गिरने से फंसे मजदूरों को निकालने की अब तक की सभी कोशिशें नाकाफी साबित हुई हैं। ताजा मलबा गिरने की वजह से प्लान-बी में भी चुनौती उत्पन्न हो गई है।

हर पल बीतने के साथ जहां अंदर मजदूरों की तबीयत खराब होने लगी है तो बाहर सबकी चिंता बढ़ गई है। दो मजदूरों की स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें कंप्रेशर पाइप से दवा भेजी गई है। उत्तराखंड सरकार टनल में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने को युद्ध स्तर पर बचाव कार्य करने में जुटी हुई है। 

11:15 AM: सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों में से कुछ की तबीयत खराब होने की सूचना आ रही है। मंगलवार सुबह पाइप के जरिए हुई बातचीत के दौरान भीतर से मजदूरों ने यह जानकारी दी। उनका कहना था कि कुछ लोगों को उल्टी की शिकायत है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि भी की।

11:00 AM: झारखंड के अफसरों का तीन सदस्यीय दल उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने में मदद करने के लिए उत्तराखंड रवाना हो गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

10:30AM: झारखंड के अफसरों का तीन सदस्यीय दल उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने में मदद करने के लिए उत्तराखंड रवाना हो गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उत्तरकाशी जिले में सिलक्यारा और डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा रविवार सुबह ढह गया था। इस घटना में झारखंड के 15 लोगों सहित 40 श्रमिकों के फंस गए हैं। 

10:00AM: योजना बी में भी टीमों को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है [नई योजना हल्के स्टील पाइपों के 900-मिमी व्यास वाले खंडों को - एक के बाद एक - ड्रिलिंग उपकरण का उपयोग करके रूबल में धकेलना और भागने का मार्ग बनाना था अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी सुरक्षित हैं और उन्हें ट्यूबों के माध्यम से ऑक्सीजन, पानी, भोजन के पैकेट और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

9:30 AM: उत्तरकाशी आपदा आपदा प्रबंधन अधिकारी (डीडीएमओ) देवेंद्र पटवाल ने कहा कि मशीन में अब तकनीकी समस्या आ रही है, हमने एक नई मशीन बुलाई है।  कहा कि मंगलवार शाम को ताजा मलबा वहां गिरा, जहां बड़े व्यास के पाइपों को सेट करने के लिए ढेर हुए मलबे में छेद करने के लिए बरमा मशीन लगाई गई थी। फिर, जब बचाव दल ने बरमा मशीन के माध्यम से ड्रिलिंग शुरू की तो मलबे में एक बोल्डर ने उनका रास्ता रोक दिया।

9:00 AM: बुधवार की सुबह, ऑपरेशन में शामिल बचाव कर्मियों ने जेसीबी मशीनों का उपयोग करके ताजा मलबा हटाना शुरू कर दिया और मलबे के माध्यम से बड़े व्यास के पाइपों को धकेलने के लिए बरमा मशीन को फिर से एक प्लेटफॉर्म पर स्थापित किया। मंगलवार शाम को, बचावकर्मियों ने बरमा मशीन का उपयोग करके ड्रिलिंग शुरू की थी और 2 मीटर तक मलबे के माध्यम से सफलतापूर्वक ड्रिल करने में सक्षम थे, लेकिन मशीन के रास्ते में एक बोल्डर आ गया।

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