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अचानक बदले मौसम से उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त, 5 लोगों की मौत

हिन्दुस्तान टीम , देहरादूनShivendra Singh
Mon, 18 Oct 2021 07:47 PM
अचानक बदले मौसम से उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त, 5 लोगों की मौत

उत्तराखंड में मौसम के अचानक करवट बदलने से जनजीवन अस्त-व्यवस्त हो गया। भूस्खलन के मलबे में दबकर लैंसडौन के पास समखाल में मां, बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। नेपाल के रहने वाले यह सभी लोग समखाल में एक होटल के निर्माण में लगे हुए थे। उधर, चंपावत जिले के सेलाखोला गांव में मलबे में दबकर मां और बेटे की मौत हो गई।

10 हजार से ज्यादा चारधाम यात्री फंसे
मौसम की मुश्किलों के चलते चारधाम रूट पर लगभग 10,025 तीर्थयात्री विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं। जबकि, सोमवार को बदरीनाथ और केदारनाथ की चोटियों और गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी हुई है। मंगलवार को मौसम को देखते हुए यात्रा को लेकर फैसला लिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिया अपडेट
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज देखते हुए सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात कर बारिश से बचाव की तैयारियों पर अपडेट लिया और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का वादा किया। 

केदारनाथ व बद्रीनाथ समेत 150 मार्ग रहे बाधित
तेज मूसलाधार बारिश की वजह से उत्तराखंड में लगभग 150 मार्ग अवरुद्ध रहे। बद्रीनाथ हाईवे पर तोताघाटी मे एहतियातन यातायात बंद कर दिया है। यमुनोत्री हाईवे बंद होने से रास्ते में तीर्थयात्रियों के कई वाहन फंसे हुए हैं। 

धान की फसल खराब
उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में बारिश की वजह से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। कटाई के बाद सूखने के लिए खेतों में रखा धान पूरी तरह से भीग गया है। 

सीएम ने खुद संभाला मोर्चा
राज्य में मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने खुद मोर्चा संभाल लिया। आपदा प्रबंधन विभाग, देवस्थानम बोर्ड और सभी जिलों के प्रशासन से पल-पल की अपडेट लेकर उन्होंने सभी को जरूरी निर्देश दिए। धामी ने बताया कि, राज्य में लगातार हो रही बारिश को लेकर सरकार अलर्ट है। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर जिलाधिकारियों से अतिवृष्टि के बारे में जानकारी ली गई है। अफसरों को किसी भी सूरत में लापरवाही न बरतने और आपदा प्रबंधन में रिस्पोंस टाइम को कम से कम करने की हिदायत दी गई है। 

यात्री आज भी जहां हैं वहीं बने रहें: आपदा प्रबंधन मंत्री
सरकार ने बारिश की देखते हुए लोगों से बुधवार के दिन भी अनावश्यक यात्राएं न करने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को भी उनके वर्तमान स्थान पर ही बने रहने को कहा है।

सोमवार को आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि, रास्तों में रुके चारधाम यात्रियों को रहने और खान-पान की सभी व्यवस्थाएं करने को कहा गया है। अवरुद्ध हुई सड़कों पर युद्धस्तर पर खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रा पर फैसला आज 
चारों धामों से संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने कहा है कि, मंगलवार को मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा को लेकर फैसला लिया जाएगा। जब तक के लिए सभी यात्रियों से आवाजाही नहीं करने की अपील की है। 

खास बातें
- 4000 यात्री फंसे हैं केदारनाथ
- 1900 के लगभग तीर्थयात्री हैं बद्रीनाथ धाम में
- 150 यात्री हैं गंगोत्री धाम में

इन बातों का रखें ख्याल
- मौसम विभाग ने मंगलवार को भी राज्य में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। इसलिए चारधाम यात्रा पर आ रहे यात्री मौसम की स्थिति को देखकर ही यात्रा पर जाएं।
- चारधाम में हुई बर्फबारी के बाद कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। इसलिए यात्रा सुचारु होने की स्थिति में भी यात्री गर्म कपड़े जरूर साथ लेकर आए।
- बारिश के कारण सड़कें बार बार बंद हो रही हैं। इसलिए सड़कों के बारे में जानकारी लेकर ही आगे बढें।

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