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निकाय चुनाव: सियासी अखाड़े में उतरे अधिवक्ता,देहरादून नगर निगम में 03 प्रत्याशी अधिवक्ता


वकालत से दूरी बनाकर कई अधिवक्ता सियासी अखाड़े में कूद पड़े हैं। इस बार के नगर निकाय चुनाव में बड़ी संख्या में अधिवक्ता पार्षद पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। लगभग पार्टियों में अधिवक्ता प्रत्याशी शामिल हैं। मेयर पद पर भी तीन प्रत्याशी अधिवक्ता हैं। निकाय चुनाव में तरह-तरह के पेशे के लोग चुनाव मैदान में हैं। कोई व्यापारी है तो कोई डाक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं तो पूर्व छात्रनेता भी, लेकिन दावेदारों में सबसे अधिक संख्या अधिवक्ताओं की है। भाजपा, कांग्रेस, आप, यूकेडी के अलावा निर्दलीय दावेदारों में काफी सारे ऐसे हैं, जिन्होंने खुद का पेशा वकालत करना बताया है। मेयर प्रत्याशियों में कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल के अलावा यूकेडी के मेयर प्रत्याशी विजय बौड़ाई भी एडवोकेट हैं। बसपा प्रत्याशी विभूति नारायण भी पेशे से एडवोकेट हैं। इसके अलावा पार्षदों में भी कई सारे दावेदार ऐसे हैं, जो सक्रिय रूप से वकालत करते हैं। इससे पूर्व के चुनावों में भी वकालत पेशे से दावेदारों की संख्या अच्छी खासी रही है। कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना के अनुसार एडवोकेट अपने प्रोफेशन की वजह से सामाजिक मुद्दों से जुड़े रहते हैं।

ये अधिवक्ता मैदान में

  • बंजारावाला (वार्ड 84) संगीता वर्मा (यूकेडी)
  • मोहकमपुर (वार्ड 67)एनके गुसाईं (यूकेडी)
  • अजबपुरकलां सरस्वती विहार (वार्ड 52): दीपक रावत (यूकेडी)
  • रीठामंडी (वार्ड-69) नदीम जैदी (भाजपा)
  • नवादा (वार्ड 96) सचिन थापा (कांग्रेस)
  • मोहकमपुर (वार्ड 67) रविन्द्र सिंह रावत (भाजपा)
  • ननूरखेड़ा (वार्ड 62) सुमित पुंडीर (भाजपा) 
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  • Web Title:lawyers contesting elections on different posts in dehradun municipal corporation election