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Hindi News उत्तराखंडकेदारनाथ आपदा 2013 के 1 दशक के बाद भक्तों का हुजूम, इन बदलावों के साथ दर्शन को बढ़ा क्रेज

केदारनाथ आपदा 2013 के 1 दशक के बाद भक्तों का हुजूम, इन बदलावों के साथ दर्शन को बढ़ा क्रेज

यह संख्या इस साल केदारनाथ में शुरुआत के दिनों में ही पार हो गई थी। आपदा के बाद 2014 में जरूर संख्या घटी थी, तब मात्र 40 हजार श्रद्धालु केदारनाथ आए थे। इसके बाद साल दर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी।

केदारनाथ आपदा 2013 के 1 दशक के बाद भक्तों का हुजूम, इन बदलावों के साथ दर्शन को बढ़ा क्रेज
Himanshu Kumar Lallरुद्रप्रयाग। बद्री नौटियालMon, 17 Jun 2024 11:38 AM
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वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि केदारपुरी में फिर से रौनक दिखेगी। आपदा के बाद एक-दो साल तक ऐसा नजर भी आया, लेकिन अब लगभग एक दशक बाद न सिर्फ केदारपुरी नई आभा और दिव्यता के साथ उभर रही है। वहीं श्रद्धालुओं की संख्या भी ढाई गुना तक बढ़ गई।

इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि इस साल 16 जून तक केदारनाथ में 8.88 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं। जबकि आपदा के साल इस दरमियान 3.33 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। आपदा से पहले 2012 में 5.73 लाख श्रद्धालु पूरे साल पहुंचे थे।

यह संख्या इस साल केदारनाथ में शुरुआत के दिनों में ही पार हो गई थी। आपदा के बाद 2014 में जरूर संख्या घटी थी, तब मात्र 40 हजार श्रद्धालु केदारनाथ आए थे। इसके बाद साल दर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी।

2023 में संख्या 19. 28 लाख पहुंच गई थी। केदारनाथ में रविवार शाम 7 बजे तक 8,87,883 यात्रियों ने दर्शन किए। पिछले 11 सालों में केदारनाथ मंदिर में आए नए बदलावों ने तीर्थस्थल को नया रूप दे दिया है। बाबा केदार के दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ है।

दिव्य शिला बनी आस्था का नया केंद्र
आपदा के दौरान आई बाढ़ ने केदारपुरी में हर तरफ तबाही मचा दी थी, लेकिन बाबा केदार के मंदिर का बाल भी बांका न हुआ। दरअसल बाढ़ के दौरान ही एक विशाल शिला ठीक मंदिर के पीछे कवच बनकर आ गई थी।

शंकराचार्य प्रतिमा और ओम ने दी नई आभा
ग्यारह साल की अवधि में केदारनाथ मंदिर परिसर की तस्वीर भी पूरी तरह से बदल गई है। आदि गुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा, ओम का भव्य ढांचा परिसर में अलग ही भव्यता दे रहा है।

परिसर में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था बढ़ी
केदारनाथ क्षेत्र में यात्रियों के ठहरने की क्षमता में भी लगातार सुधार हुआ है। वर्तमान में केदारनाथ में 10 हजार तक यात्रियों के ठहरने की क्षमता विकसित की जा चुकी है। टेंट कॉलोनी की वजह से इसमें सुधार आया है।

घोड़े- खच्चर वालों का कारोबार पहुंचा 1अरब पार
एक अनुमान के अनुसार आपदा से पहले जहां घोड़े-खच्चर वालों का कारोबार 20 से 25 करोड़ रुपये तक ही रहता था। वो अब बढ़कर एक अरब रुपये से भी ज्यादा का हो चुका है। पिछले साल100 करोड़ की कमाई हुई।

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रिय
आपदा के बाद केदारनाथ आने वालों में युवाओं की संख्या में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी हुई है। सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा बनाए जा रहे रील्स में केदारनाथ मंदिर की यात्रा के काफी ज्यादा रहे हैं।