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केदारनाथ-यमुनोत्री धाम के कपाट 6 महीने के लिए हुए बंद

केदारनाथ-यमुनोत्री धाम के कपाट 6 महीने के लिए हुए बंद

1 / 2केदारनाथ धाम के कपाट 6 महीने के लिए हुए बंद

2 / 2यमुनोत्री धाम के कापाट बंद होने के बाद अपने मायके खुशीमठ लौटती मां यमुनो की डोली

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केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को भैया दूज पर वैदिक मंत्रोचार और पूजा अर्चना के साथ बंद हुए।

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज भैया दूज के दिन शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद 8:30 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। इससे पहले भगवान केदारनाथ की समाधि पूजा की गई जो ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई। सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच डोली ने गौरीकुंड को प्रस्थान किया। परंपरा के अनुसार मंदिर के मुख्य पुजारी एवं तीर्थ पुरोहितों एवं भक्तों की मौजूदगी में डोली गौरीकुंड को रवाना हुई। पहले दिन डोली रात्रि विश्राम के लिए रामपुर पहुंचेगी। शनिवार को डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी। जबकि  11 नवंबर को भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ओमकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी जहां भगवान शिव की 6 महीने शीतकालीन पूजा अर्चना की जाएगी। शीतकाल के 6 महीनों में भगवान केदारनाथ ऊखीमठ में ही भक्तों को दर्शन देंगे। कड़ाके की ठंड के बीच केदारनाथ में सेना के जवान के सहित पुलिस और यात्रियो ने उत्साह के साथ डोली यात्रा में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य पुजारी  टीगंगाधर लिंग, बद्री केदार मंदिर समिति के  कार्य अधिकारी  एमपी जमलोकी, राजकुमार नौटियाल, केदारनाथ चौकी प्रभारी विपिन चंद्र पाठक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस साल 732241 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। 

विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोपहर 12:15 बजे  अभिजीत मुहूर्त में  भैयादूज के पावन पर्व पर  शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद शनिदेव की अगुवाई में मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खुशीमठ पहुंची, जहां ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने मां यमुना का भव्य स्वागत किया। अब शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन खुशीमठ में ही होंगे। शुक्रवार को यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ से यमुना के भाई शनिदेव की डोली यमुना को लेने ढोल-नगाडों के साथ यमुनोत्री धाम पहुंची। यमुनोत्री धम में सुबह से  ही तीर्थ पुरोहितों द्वारा मंदिर प्रांगण में पौराणिक परंपरा अनुसार विधिविधान के साथ हवन, पूजा-अर्चना की गई। जिसके बाद शुभ लग्नानानुसार दोपहर 12:15 बजे मकर लग्न में अभिजीत मुहूर्त पर भैयादूज के इस पवित्र पावन पर्व के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए गए। यमुनोत्री धाम  के कपाट बंद होने कि इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक परंपरा के गवाह यहां पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु बने। भैया दूज के इस पर्व पर  भाई बहन के भी कई जोड़े यहां पूजा अर्चना करने पहुंचे तथा अन्य राज्यों के भी श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर पूण्य लाभ अर्जित किया। कपाट बंद होने के बाद शनिदेव की डोली की अगुवाई में मां यमुना की डोली जयकारों के साथ खुशीमठ के लिए रवाना हुई और शाम को शीतकाल शीतकालीन प्रवास  खुशीमठ पहुंची, जहां  ग्रामीणों तथा बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं ने  बड़े उत्साह के साथ  मां यमुना का भव्य स्वागत किया । शीतकाल में छह माह तक यमुनोत्री धाम के कपाट बंद रहेंगे तथा इस दौरान मां यमुना शीतकालीन में छह माह तक खुशीमठ में प्रवास करेंगी तथा देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहीं पर मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। वही इस मौके पर उपस्थित तीर्थपुरोहितों ने यमुनोत्री धाम में आई आपदा के पुनर्निर्माण कार्य के शुरू न होने पर गहन नाराजगी व्यक्त की तथा आने वाले यात्राकाल में यमुनोत्री धाम के कपाट बंद रखने की भी चेतावनी दी। इस मौके पर यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान, तहसीलदार बुद्धिराम सरियाल, थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल, पवन उनियाल, मनमोहन उनियाल, भागेश्वर उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, गिरीश उनियाल सहित तीर्थ पुरोहित एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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  • Web Title:kedarnath dham door close For six month during winters