ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तराखंडकेदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, उत्तराखंड चार धाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड VIDEO

केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, उत्तराखंड चार धाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड VIDEO

केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद बदरीनाथ के कपाट 18 नवंब को बंद हो गए। बदरीनाथ में भगवान के मंदिर के कपाट बंद होने के दिन शनिवार को मौसम भी सुहावना रहा। भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, उत्तराखंड चार धाम यात्रा में टूटा रिकॉर्ड VIDEO
Himanshu Kumar Lallबदरीनाथ, क्रान्ति भट्ट Sat, 18 Nov 2023 04:49 PM
ऐप पर पढ़ें

केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बाद आज शनिवार को बदरीनाथ धाम के कपाट भी बंद हो गए। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन 18 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 33 मिनट पर कपाट वैदिक परंपरा , मंत्रोच्चार और  मंदिर परम्पराओं व मान्यताओं के साथ शीतकाल के लिए बंद  हो गए हैं।

उत्तराखंड चार धाम यात्रा में इस साल 2023 तीर्थ यात्रियों की संख्या के सारे रिकॉर्ड टूट गए। 2023 में 52 लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे थे। ज्योतिष पीठ बद्रीकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अनेक साधु संत और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।  

बदरीनाथ में भगवान के मंदिर के कपाट बंद होने के दिन शनिवार को मौसम भी सुहावना रहा । इस लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ में भगवान दर्शन और कपाट बंद होने की विशिष्ट परम्परा के साक्षी बनने के लिए बद्रीनाथ पहुंचे थे।  
 

शनिवार को भी परम्परा के अनुसार, प्रातः 4 बजे भगवान बदरी विशाल के मंदिर के कपाट खुले । बद्रीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार व धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने बताया  परम्परा अनुसार कपाट खुलने पर भगवान का पुष्प श्रृंगार किया गया।

बाल भोग लगने के बाद यात्रियों ने भगवान के दर्शन शुरू किए गए। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कपाट बंद होने से पूर्व की विभिन्न प्रक्रियाओं का नियमानुसार पालन किया गया। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने पर भगवान उद्धव जी कुबेर जी के विग्रह सहित डोली मंदिर परिसर में लायी गई।

अपराह्न ठीक 3:33 पर भगवान बदरी विशाल के मंदिर के गर्भ गृह और सिंह द्वार के कपाट  शीतकाल के लिए बंद किये गये। इस अवसर पर बदरीनाथ के रावल महाराज ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी, ज्योर्तिमठ बद्रीकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, आचार्य गण  बीकेटीसी के अधिकारी, ज्योर्तिमठ के प्रभारी मुकंदानन्द ब्रह्म चारी व  बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के बंद हो चुके कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद हो चुके हैं। उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम के कपाट 14 नवंबर को बंद हुए थे। जबकि, भैया दूज के अवसर पर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को बंद कर दिए गए थे।