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कैलास मानसरोवर में दर्शन को अब नहीं टेंशन, यात्रा रूट पर बजेगी मोबाइल फोन की घंटी

पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में अब भी कनेक्टिविटी सेवा एक सपने जैसा है, सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। पीएम नरेंद्र मोदी के बीते साल अक्तूबर में आदि कैलास यात्रा सुगम करने पर काम हो रहा।

कैलास मानसरोवर में दर्शन को अब नहीं टेंशन, यात्रा रूट पर बजेगी मोबाइल फोन की घंटी
Himanshu Kumar Lallअल्मोड़ा। भावना आर्याWed, 21 Feb 2024 01:57 PM
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कैलास मानसरोवर यात्रा जाने वाले लोगों के मोबाइल अब शोपीस नहीं रहेंगे। भारत दूर संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) जल्द अति दुर्गम क्षेत्रों में भी मोबाइल टावर लगाने की तैयारी कर रहा है। जल्द चीन की सीमा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चार टू- जी टावर लगाएगा।

पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में अब भी कनेक्टिविटी सेवा एक सपने जैसा है, लेकिन यह सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। पीएम नरेंद्र मोदी के बीते साल अक्तूबर में आदि कैलास यात्रा में आने के बाद यहां लोगों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इन्हीं में से एक मोबाइल कनेक्टिविटी भी है। बीएसएनएल ने प्रधानमंत्री 4-जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट के तहत चीन बॉर्डर और उच्च हिमालयी क्षेत्रों के सैन्य चौकियों के आसपास मोबाइल टावर लगाने की योजना बनाई है।

बीएसएनएल कैलास मानसरोवर मार्ग में पड़ने वाले कालापानी 3600 मीटर, नाभीढांग 4266 मीटर, गुंजी 3220 मीटर और ज्योलिंगकांग 4572 मीटर में टू-जी टावर लगाएगा। इसके लिए बीएसएनएल ने तैयारी शुरू कर दी है।

बीएसएनएल कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग के चीन बॉर्डर और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी देने वाला पहला नेटवर्क बनेगा। इससे अब लोग कई दिनों की कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान भी परिजनों से फोन पर बात कर पाएंगे।

बीएसएनएल के लगातर बढ़ रहे यूजर्स : पर्वतीय क्षेत्र के चार जिलों की बात करें तो यहां बीएसएनएल के 1 लाख 40 हजार उपभोक्ता हो चुके है। 1 फरवरी 2024 तक अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत में टू-जी के 94000, थ्री जी के 43000 और फोर-जी के 2500 यूजर्स हैं। बीएसएनएल जल्द ही कई हिस्सों में नेटवर्क को अपग्रेड करने की तैयारी में है।

स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कई हिस्से ऐसे हैं जहां आज तक मोबाइल नेटवर्क सेवा संचालित नहीं हो पाई है। लेकिन अब इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी मोबाइल का इस्तेमाल कर सकेंगे। खासकर आईटीबीपी और एसएसबी जवानों के लिए यह सेवा राहत देगी। इसके अलावा माइग्रेशन में जाने वाले ज्योलिंगकांग, नाभीढांग, गुंजी और कालापानी के लोगों को भी इसका लाभ मिल पाएगा।

बीएसएनएल की चीन बॉर्डर और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से लगे हिस्सों में चार मोबाइल टावर लगाने की योजना है। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को लाभ होगा। साथ ही अर्द्धसैनिक बलों के जवानों और कैलास मानसरोवर यात्रियों को भी योजना का फायदा मिलेगा।
मनीष पंत, एसडीई सीएम बीएसएनएल, अल्मोड़ा।
 

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