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6 अगस्त, 2020|12:29|IST

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राजद्रोह में दून का पत्रकार हुआ गिरफ्तार, सरकार अस्थिर करने के लगे आरोप 

Arrest

नेहरू कालोनी पुलिस ने राजद्रोह में पत्रकार को गिरफ्तार किया है। पत्रकार पर अन्य लोगों के साथ मिलकर सरकार अस्थिर करने का प्रयास और  सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन में सरकार के प्रति झूठ फैलाने का आरोप है। पुलिस ने मुकदमे में उमेश शर्मा और अमृतेश चौहान को भी आरोपी बनाया है। 

डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि 31 जुलाई को सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा. हरेंद्र सिंह रावत निवासी डिफेंस कालोनी की तहरीर पर नेहरू कालोनी थाने में पत्रकार उमेश शर्मा और अमृतेश चौहान पर राजद्रोह समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

डा. रावत की तहरीर के अनुसार उन्हें परिचित ज्योति विजय रावत ने जानकारी दी कि उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया में एक वीडियो अपलोड किया है। वीडियो में बताया गया कि डा. रावत तथा उनकी पत्नी सविता रावत के बैंक खातों में नोटबंदी के दौरान झारखंड निवासी अमृतेश चौहान ने धनराशि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को देने के लिए भेजी थी।

इसके बदले अमृतेश को झारखंड गो सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने का दावा था। सविता को सीएम की बड़ी बहन होने का दावा किया गया था। कहा कि उमेश शर्मा व अमृतेश चौहान द्वारा अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश के तहत डा. रावत के बैंक खाते और निजी सूचनाओं को सार्वजनिक किया।

इसकी जांच सीओ नेहरू कालोनी पल्लवी त्यागी ने कर रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में पाया कि उमेश शर्मा द्वारा अमृतेश चौहान, शिव प्रसाद सेमवाल तथा राजेश शर्मा के साथ मिलकर पोर्टल और अन्य में असत्य, निराधार व कपटपूर्ण खबरें प्रसारित की और सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया।

शुक्रवार की रात्रि में ही राजेश शर्मा निवासी सुमननगर चोरखाला को घर से गिरफ्तार किया गया। डीआईजी ने बताया कि अन्य लोगों की गिरफ्तारी को प्रयास किए जा रहे हैं। राजेश को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 
 

एसआईटी गठित
देहरादून। डीआईजी जोशी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच के लिए एसपी क्राइम प्रकाशचंद्र के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एसओ दिलबर सिंह नेगी, एसओ प्रेमनगर धर्मेंद्र रौतेला, एसओ वसंत विहार नत्थीलाल उनियाल, एसआई आशीष रावत व सिपाही दीपप्रकाश को शामिल किया गया है।

 

कोर्ट पहुंचे उमेश शर्मा
देहरादून। डीआईजी जोशी ने बताया कि जांच में आरोपी पक्ष को जवाब और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए समय दिया गया। लेकिन आरोपों के संबंध में दस्तावेज नहीं दिए गए। डीआईजी ने बताया कि उमेश शर्मा ने कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें यह जिक्र किया है कि वीडियो में दिखाए जा रहे दस्तावेज, ऑडियो आदि साक्ष्य राजेश शर्मा ने उन्हें दिए थे।

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  • Web Title:journalist rajesh sharma arrested into alleged sedition charges in dehradun