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‘पीएफ खातों’ में पिछले वर्ष का ‘ब्याज’ अब तक नहीं चढ़ा,जानिए कारण

do not withdraw money from provident fund when leaving job

कर्मचारी भविष्य निधि के खातों में पिछले एक साल का ब्याज अभी तक नहीं जुड़ पाया है। आमतौर पर वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर पूरे साल भर का ब्याज खाते में जमा हो जाता है, पर इस बार ऐसा नहीं हुआ है। ढाई महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है और लाखों खाताधारकों को इसका इंतजार है। अकेले उत्तराखंड में ही करीब 6.55 लाख कर्मचारी है, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े हैं।   वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ खातों पर ब्याज की दर 8.65 फीसदी तय की थी। जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में यह 8.55 फीसदी थी। यानी .10 फीसदी ज्यादा ब्याज पीएफ खातों पर मिलना है। यह फैसला फरवरी में ले लिया गया था, जिस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। अप्रैल में वित्त मंत्रालय से भी इसे मंजूरी मिलने की बात सामने आई, तब चुनाव आचार संहिता के चलते इसे लागू नहीं किया गया। उम्मीद की जा रही थी कि चुनाव आचार संहिता हटते ही नई ब्याज दर को लागू कर दिया गया, लेकिन वित्त मंत्रालय से अभी तक नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। जिसके चलते वित्त वर्ष 2018-19 के लिए तय दर के हिसाब से पीएफ खातों में ब्याज की रकम नहीं पहुंच पाई है। 

कैसे मिलता है ब्याज
पीएफ खातों पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन वित्त वर्ष के अंत में ब्याज की रकम देता है। संगठन की ओर से हर वर्ष तय की जाने वाली दर के हिसाब से ब्याज दिया जाता है। यह ब्याज एक अप्रैल से 31 मार्च के मध्य महीने में खाते में ओपनिंग बैलेंस के हिसाब से लगता है। ईपीएफओ पूरे वित्तीय वर्ष में महीनेवार ब्याज की गणना कर साल के अंत में इसे खाते में जमा करता है। 

श्रमिक संगठनों ने जताया रोष
सीटू के जिला सचिव लेखराज कहते हैं कि यह साफ इशारा करता है कि सरकार श्रमिकों के लिए नहीं बल्कि कारपोरेट के लिए काम कर रही है। क्योंकि श्रमिकों को उनका हक समय पर नहीं दिया जाता है, पीएफ पर ब्याज देने के फैसले लेने में देर की जा रही है। वहीं भारतीय मजदूर संघ के जिला सचिव पंकज शर्मा इस बात से अनभिज्ञता जताते हुए कहते हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन ऐसा है तो केंद्र सरकार को तत्काल कदम उठाना होगा।  

 

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  • Web Title:interest yet to be credited on employees provident fund accounts