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3 मार्च, 2021|1:54|IST

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रसोई गैस बचाने के लिए दून में बने PNG बर्नर की होगी देशभर में सप्लाई, ये हैं फायदे

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भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) बर्नर देश में दस लाख घरों तक पहुंचाया जाएगा। एनर्जी एफिसिएंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल)ने इसके लिए पेट्रोलियम कंजरवेशन रिसर्च एसोसिएशन से एमओयू किया है।  ईईएसएल कंपनी इस समय देश में सस्ते एलईडी बल्ब वितरण का काम कर रही है। एमओयू के तहत पहले चरण में दस लाख घरों में कम दामों पर पीएनजी बर्नर युक्त गैस चूल्हा देने का लक्ष्य रखा गया है।  

उपभोक्ता इस चूल्हे को एडवांस या किश्तों में पेमेंट में खरीद सकेंगे। इस चूल्हे के इस्तेमाल से पीएनजी गैस का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता घरों में तीस फीसदी गैस की बचत कर सकेंगे। जबकि देश को सालाना आठ हजार करोड मूल्य की कुकिंग गैस की बचत होगी। पीएनजी बर्नर बनाने के लिए आईआईपी ने चालीस कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। ताकि आने वाले समय में पीएनजी बर्नर के इस्तेमाल बढ़ाया जा सके। 

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चीन के बाद भारत एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। इसे देखते हुए, सरकार घरेलू पीएनजी नेटवर्क व अगले चार वर्ष में ग्राहकों की संख्या को चार करोड़ तक बढ़ाने की तैयारी में है। शहरी जनता की एलपीजी पर निर्भरता कम करने में पीएनजी की बड़ी भूमिका है। जहां भी पीएनजी नेटवर्क काम कर रहा है, वहां एलपीजी सिलेंडर का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है।

देश में लगातार बढ़ रहा पीएनजी का दायरा 
देश में 400 शहरों में रसोई ईंधन के रूप में पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग किया जा रहा है। सिटी गैस वितरण योजना के तहत देश के अन्य शहरों में भी इस पर काम हो रहा है। गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) इस काम को कर रहा है। भारत में इस समय लगभग 40 लाख घरेलू पीएनजी उपयोगकर्ता हैं, जो वर्तमान में रेट्रोफिटेड एलपीजी स्टोव बर्नर का उपयोग कर रहे हैं, इससे गैस की ज्यादा खपत होती है। आईआईपी में पीएनजी बर्नर पर 2017 से काम शुरू हुआ था। दो साल पहले लैब व फील्ड ट्रायल के बाद इसका पेटेंट कराया गया है। बर्नर विकसित करने वाले वैज्ञानिक डॉ.पंकज आर्य के मुताबिक, एक ही दिन में तीस से ज्यादा कंपनियों को इसका लाइसेंस दिया गया जो एक रिकार्ड है। इस तकनीक को देश से बाहर भी ले जाने की योजना है।

आईआईपी ने विशेष ऑफर के तहत 40 से अधिक बर्नर निर्माता कंपनियों को चालीस हजार की लाइफ टाइम फीस पर इसे बनाने का लाइसेंस दिया है। पेटेंट नियमों के अनुसार, आईआईपी को बीस साल तक इस बर्नर से बने प्रति स्टोव पर साठ रुपये व सिर्फ प्रति तीन बर्नर पर पचास रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होगी।   
डॉ.अंजन रे, निदेशक, आईआईपी 

 

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  • Web Title:indian institute of petroleum iip dehradun made piped natural gas pnp gas burner would be supplied countywide cooking gas efficient burner