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फैसला: आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन को 07 साल की सजा

आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन को सीबीआई की विशेष अदालत ने सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने श्वेताभ पर साढ़े तीन करोड़ का जुर्माना लगाया है। साथ ही श्वेताभ की दून समेत दिल्ली, नोएडा और बिहार में स्थित होटल, बंगले, जमीन और अन्य संपत्ति भी सरकार में अटैच होगी। श्वेताभ की  मां, जीजा और एक अन्य रिश्तेदार को भी आय से अधिक संपत्ति का दोषी पाते हुए कोर्ट ने सजा सुनाई है। सजा के बाद मां को छोड़कर कर अन्य को जेल भेज दिया।

सीबीआई दिल्ली शाखा में दो अगस्त 2005 को श्वेताभ सुमन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज हुआ था। पांच अगस्त 2005 को सीबीआई ने श्वेताभ के दून, बिहार, यूपी समेत 14 ठिकानों पर छापे मारे थे। इसमें आय से अधिक संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए। सीबीआई के लोक अभियोजक सतीश कुमार ने बताया कि 23 जुलाई 2010 को सीबीआई ने अदालत में श्वेताभ सुमन निवासी बारा जिला औरंगाबाद, बिहार, मां गुलाब देवी, जीजा डा. अरुण कुमार सिंह निवासी वासुदेवपुर, चंदेल जिला वैशाली, बिहार, राजेंद्र विक्रम सिंह निवासी 90 इंदिरानगर(दून) समेत छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दो लोगों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई। इसके बाद श्वेताभ, उनकी मां , जीजा और करीबी राजेद्र पर यह मामला चला।  

 

सीबीआई ने रखा पूरा ब्योरा
सीबीआई ने श्वेताभ, उनके परिवार और करीबी रिश्तेदारों की संपत्ति को लेकर पूरा ब्योरा कोर्ट में रखा। जिसमें यह साफ हो गया कि श्वेताभ ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए अकूत संपत्ति अर्जित की। साक्ष्यों और सबूतों के मद्देनजर सीबीआई की विशेष जज सुजाता सिंह की अदालत ने श्वेताभ सुमन समेत सभी आरोपितों को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई।

 

अवैध कमाई से जुटाई संपत्ति यूं चली जाएगी 
सरकारी पदों पर बैठकर मनमाने तरीके से कालाधन जुटाने वाले अफसरों के खिलाफ श्वेताभ केस में सीबीआई अदालत का फैसला नजीर बनेगा। अदालत ने इस फैसले में आय से अधिक संपत्ति की धारा में उन्हें अधिकतम सजा सुनाने के साथ ही आय से अधिक मिली संपत्ति को सरकार के कब्जे में करने से संपत्ति की कीमत जितना ही जुर्माना लगाया है। अदालत के फैसले ने श्वेताभ को करारा झटका दिया है। सीबीआई अधिवक्ता सतीश ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धारा 13 (2), सहपठित धारा 13 (1) (ई) के तहत सात वर्ष की सजा और 3.50 करोड़ का जुर्माना श्वेताभ पर लगा है। उन्होंने कहा कि इस धारा में अधिकतम सजा भी सात वर्ष होती है। वहीं धारा 11 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीबीआई अदालत में वर्तमान में केंद्रीय जीएसटी इंस्पेक्टर अवनीश गुप्ता, ईपीएफओ के पीडी शंखला, सीपीडब्ल्यूडी के एके शर्मा और जीआरआर लैंसडौन के पीएस रावत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस सीबीआई अदालत में ट्रायल में चल रहा है। अदालत में गुरुवार को आए भ्रष्टाचार पर चोट करने वाले इस फैसले से इन आरोपियों की धड़कनें भी बढ़ने लगी होंगी।   

अचैट संपत्ति से अलग होगी साढ़े तीन करोड़ की वसूली
अदालत ने आदेश दिया है कि श्वेताभ की आठ संपत्तियों को केंद्र सकार के कब्जे में लिया जाएगा। वहीं इन संपत्तियों से अलग श्वेताभ की अन्य संपत्तियों से 3.50 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। श्वेताभ की संपत्तियों के अटैचमेंट का खर्च भी संपत्तियों से वसूला जाएगा।

 

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  • Web Title:income tax commissioner was sentenced seven years imprisonment in dehraudn