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NH-74 घोटला: आईएएस अफसर पंकज कुमार और चंद्रेश कुमार सस्पेंड

NH-74 Scam

राज्य सरकार ने ऊधमसिंहनगर के चर्चित एनएच-74 जमीन मुआवजा घोटाले में दो आईएएस अफसरों डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया है। उन पर सरकारी और अवैध कब्जे की जमीनों के साथ ही कृषि भूमि को अकृषि दर्शा कर करोड़ों का मुआवजा दिलाने का आरोप है।

सोमवार देर रात सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दोनों आईएएस अफसरों के निलंबन को मंजूरी दी थी। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दोनों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों ही अफसरों के कार्यालयों में निलंबन का आदेश भी रिसीव करा दिया है। वहीं केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (डीओपीटी) को भी इसकी जानकारी भेज है।

ऊधमसिंहनगर में वर्ष 2011 से 2016 तक चार तहसीलों जसपुर, काशीपुर, बाजपुर और सितारगंज में एनएच-74 चौड़ीकरण के नाम पर अब तक लगभग 500 करोड़ का घपला सामने आ चुका है। अफसरों पर काश्तकारों के साथ मिलीभगत कर सरकार का करोड़ों रुपये के नुकसान का आरोप है। यहां तक कि अफसरों ने सरकारी जमीनों, अवैध कब्जे की जमीनों तक का कई गुना ज्यादा मुआवजा बंटवा दिया था।

सरकार ने इस घपले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। आरोप है कि दोनों ही निलंबित अफसरों ने ऊधमसिंहनगर के जिलाधिकारी के पद पर रहते ये कारनामा किया था। बतौर आर्बिट्रेटर रहते अफसरों पर मनमर्जी से मुआवजा दिलाया। यहां तक कृषि जमीन को अकृषि दर्शा कर सरकार के खजाने पर डाका भी डाला। मौजूदा समय में निलंबति आईएएस डा. पांडेय प्रभारी सचिव जबकि चंद्रेश कुमार यादव अपर सचिव के पद पर तैनात हैं। दोनों ही मूलरूप से इलाहाबाद (यूपी) के रहने वाले हैं। इस घपले में सरकार सात पीसीएस अफसरों को भी निलंबित कर चुकी है, जबकि एक रिटायर पीसीएस के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है। 

दोनों एसीएस कार्यालय से संबंद्ध
दोनों सस्पेंड आईएएस अफसरों को अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी के कार्यालय से संबंद्ध किया गया। निलंबन की अवधि तक दोनों अपनी हाजिरी वहीं लगाएंगे। इस दौरान उन्हें वेतन का आधा हिस्सा ही मिलेगा।

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा- 17 मार्च 2017 को जब मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उस वक्त ही प्रदेश की जनता के समक्ष ईमानदार सरकार देने का संकल्प लिया था। अफसरों और कर्मचारियों से ईमानदारी पेश करने का आह्वान किया था। मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध तक लड़ने की बात कह चुका हूं। आज भी मेरा उत्तराखंड की जनता से यही वादा है कि भ्रष्टाचार में जो भी लिप्त होगा चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं, मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि प्रदेश को स्वच्छ प्रशासन देने के लिए शासन की मंशा बहुत स्पष्ट है। सरकार व शासन पूरी तरह से इसके लिए प्रतिबद्ध भी हैं। एनएच-74 घपले में जो तथ्य सामने आए थे, उसी के आधार पर दो आईएएस अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, उनका जबाव मिलने और परीक्षण के बाद सरकार ने उन्हें निलंबित करने का फैसला लिया है।

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  • Web Title:IAS officers Pankaj Pandey and Chandresh Yadav suspended on NH 74 scam