DA Image
1 अगस्त, 2020|1:55|IST

अगली स्टोरी

नेशनल हाईवे घोटाला:आईएएस चंद्रेश कुमार यादव को मिली क्लीन चिट

सरकार ने यूएसनगर के चर्चित एनएच घोटाले में आरोपी बनाए गए आईएएस चंद्रेश कुमार यादव को क्लीन चिट देते हुए उन्हें सलेक्शन ग्रेड भी दे दे दिया है। अलबत्ता, उन्हें भविष्य के लिए सचेत रहने की चेतावनी दी गई है। अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी की तरफ से यह आदेश किए गए। उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।  

25 मार्च, 2017 को एनएच घोटाला उजागर होने पर सरकार ने सात पीसीएस अफसरों को तत्काल निलंबित कर दिया था। एक पीसीएस तब रिटायर भी हो चुके थे। फिर एसआईटी जांच के दायरे में दो आईएएस डॉ. पंकज पांडे और चंद्रेश कुमार यादव के आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

हालांकि, चंद्रेश को कुछ समय बाद बहाल भी किया गया। आईएएस चंद्रेश के खिलाफ विभागीय जांच, प्रमुख सचिव आनंदबर्धन कर रहे थे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।  सलेक्शन ग्रेड भी दिया गया: 2005 बैच के आईएएस चंद्रेश के साथ अन्य आईएएस अधिकारियों को वर्ष 2018 में सलेक्शन ग्रेड मिल गया था।

सरकार ने उन्हें बैकडेट में सलेक्शन ग्रेड दे दिया है। अब उनका प्रभारी सचिव बनने का रास्ता साफ हो गया है। प्रभारी सचिव के खिलाफ जांच जारी: आईएएस एवं प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पांडे के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। सचिव भूपिंदर कौर औलख के वीआरएस लेने के बाद जांच भी प्रमुख सचिव आनंदबर्धन को सौंपी गई है।

आईएएस सेमवाल को भी दी गई क्लीन चिट 
नैनीताल झील विकास प्राधिकरण में सचिव रहते आईएएस हरिश्चंद्र सेमवाल पर भी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। वे 2013 में प्राधिकरण के सचिव पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ कई आईएएस अफसरों ने विभागीय जांच शुरू की, पर समय-समय पर उनके रिटायर होने पर जांच पूरी नहीं हो पा रही थी। प्रमुख सचिव आनंदबर्धन ने अंतिम विभागीय जांच पूरी की, जिसमें उन्हें क्लीन चिट देकर सलेक्शन ग्रेड दे दिया। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:ias chandresh kumar yadav into alleged national highway scam given clean chit by uttarakhand government