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Hindi News उत्तराखंडचढ़ते पारे के बीच कैसे बुझेगी प्यास! देहरादून में पीने के पानी की डिमांड बढ़ी-घटी आपूर्ति 

चढ़ते पारे के बीच कैसे बुझेगी प्यास! देहरादून में पीने के पानी की डिमांड बढ़ी-घटी आपूर्ति 

इसके मुकाबले वह 241 एमएलडी पानी ही लोगों को दे पा रहा है। मसूरी की तलहटी स्थित स्रोतों में पानी घट रहा है। जल संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में पानी की उपलब्धता 60 फीसदी घट चुकी है।

चढ़ते पारे के बीच कैसे बुझेगी प्यास! देहरादून में पीने के पानी की डिमांड बढ़ी-घटी आपूर्ति 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानTue, 21 May 2024 10:41 AM
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चढ़ते पारे के बीच पानी की डिमांड इस समय अपने चरम पर पहुंच चुकी है। इसके मुकाबले पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर, प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों में पेयजल के इस्तेमाल पर लगी रोक खानापूर्ति नजर आ रही है। जल संस्थान का दावा है कि वह हर रोज पानी की बर्बादी करने वालों के चालान काट रहा है। जबकि, असल में जल संस्थान ने अभी तक एक कार्रवाई नहीं की।

देहरादून में रोज 276 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। इसके मुकाबले वह 241 एमएलडी पानी ही लोगों को दे पा रहा है। मसूरी की तलहटी स्थित स्रोतों में पानी घट रहा है। जल संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में पानी की उपलब्धता 60 फीसदी घट चुकी है।

ग्लोगी, कोल्हूखेत, शिखर फॉल, मकडैत, कैलाघाट, तलैनी घाट, कार्लीगाड़ एवं जूडखाला स्रोत को मिलाकर 20115 लीटर प्रति मिनट क्षमता के लिए डिजाइन किए गए हैं। आजकल इन स्रोतों पर सिर्फ 7874 लीटर प्रति मिनट पानी मिल रहा है।

सख्ती पानी की बर्बादी पर पहले नोटिस जारी, अब कनेक्शन कटेंगे
जल संस्थान उत्तर डिवीजन के ईई संजय सिंह मानते हैं कि स्रोत पर पानी की उपलब्धता घट रही है। टैंकर से सप्लाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं। एसई-जल संस्थान राजीव सैनी ने बताया कि रोजाना 30 से 40 लोगों को पानी की बर्बादी पर नोटिस थमाए जा रहे हैं। अभी तक दो से तीन सौ तक चालान काटे जा चुके हैं। अब कनेक्शन काटने या दूसरी कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

दो योजनाओं से साढ़े 11 एमएलडी ही पानी
जानकारी के अनुसार, बीजापुर और बांदल योजना से भी जल संस्थान को साढ़े 11 एमएलडी ही पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान की ओर से निर्माण कार्यों के लिए कारगी ट्रीटमेंट प्लांट से निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग ने की थी। लेकिन शहर से अधिक दूर होने की वजह से आसानी से कोई कारगी ट्रीटमेंट प्लांट जाना नहीं चाहता। वहीं निजी फिलिंग स्टेशन एवं नर्सरी वाले निजी बोरवेल से प्राप्त पानी को बेचने का काम कर रहे हैं।

यह इलाके हैं प्रभावित
दून में रायपुर, ईसी रोड, सर्वे चौक, करनपुर, सुभाष रोड, घंटाघर, पलटन बाजार, न्यू कैंट रोड, कालीदास रोड, नेशविला रोड, डोभालवाला, डिस्पेंसरी रोड, राजपुर रोड, कुठालगेट, मसूरी डायवर्जन, पुरकुल, मालसी, कैनाल रोड, बारीघाट, चालंग, मरोठा, नई चालंग बस्ती, राजपुर, जाखन, शहंशाही एवं सहस्त्रत्त्धारा रोड समेत कई इलाकों में जल संकट की स्थिति है।

बिजली आपूर्ति से प्रभावित हो रही पेयजल सप्लाई
शहर के अनेक हिस्सों में ट्यूबवेल की सीधी सप्लाई पर निर्भर इलाकों में पेयजल सप्लाई के समय बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केशव विहार निवासी दीपक मलिक ने बताया कि जैसे ही सप्लाई का समय होता है, उसी समय बत्ती गुल हो जाती है।

जौलीग्रांट में पेयजल किल्लत को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन
पेयजल किल्लत को लेकर जौलीग्रांट की महिलाओं ने सोमवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। चेताया कि जल्द पेयजल दिक्कत दूर नहीं हुई तो जल संस्थान कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी। जौलीग्रांट वार्ड नंबर चार की महिलाएं डोईवाला स्थित जल संस्थान कार्यालय पहुंची और वहां प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाते हुए हुए कहा कि हमारे वार्ड में ही ट्यूबवेल है, मगर यहां का पानी दूसरी जगह भेजा रहा है। जहां पानी जा रहा है, वहा 24 घंटे पानी है। मगर जिस जगह ट्यूबवेल है वहां घरों तक पानी ही नही पहुंच रहा है। ग्रामीण मंजू नौटियाल ने कहा कि क्षेत्र में लो प्रेशर की समस्या की वजह से क्षेत्रवासी परेशान हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं होता, तो तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में कांग्रेस नेता सागर मनवाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, संगीता नेगी, रेखा नेगी, दीपिका नेगी, प्रदीप नेगी, निकिता नेगी, हिना नेगी, रेखा भंडारी, सरिता सजवान, बीरा गुंसाई, सावित्री पंवार, मधु भंडारी आदि शामिल रहे। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विनोद असवाल ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है सभी जगह पानी की पूर्ति हो रही है। जिन क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत है वहां की समस्या दूर की जाएगी।