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बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा एक जुलाई से नहीं होगी शुरू, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu Kumar Lall
Mon, 28 Jun 2021 03:29 PM
बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा एक जुलाई से नहीं होगी शुरू, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

हाईकोर्ट नैनीताल ने एक जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने के राज्य कैबिनेट के फैसले पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को पूजा-अर्चना का लाइव टेलीकास्ट कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात जुलाई को कोर्ट में शपथ पत्र पेश करने को कहा गया है। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने की। चारधाम यात्रा को लेकर सोमवार को सरकार ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया। शपथ पत्र से अदालत संतुष्ट नहीं हुई।

याचिकाकर्ताओं ने शपथ पत्र को लेकर कोर्ट में अलग-अलग आपत्तियां जाहिर कीं। सच्चिदानंद डबराल के अधिवक्ता शिव भट्ट ने कोर्ट को बताया कि शपथ पत्र भ्रामक है। इसमें यह उल्लेख नहीं है कि गौरी कुंड में नहाने की अनुमति है या नहीं। तीन जिलों के लोगों को यात्रा में जाने की अनुमति के साथ अन्य लोग लिखना भी भ्रमित करता है। तीन जिलों में मेडिकल की सुविधाओं के बारे में कुछ नहीं लिखा गया है। इसके अलावा एंबुलेंस और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी स्थिति साफ नहीं है।

26 जून को उत्तराखंड में डेल्टा वेरियंट के 30 केस आए थे। इसका भी सरकार ने कोई उल्लेख नहीं किया। आपको बता दें कि सीएम तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में पहले  चरण में उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के निवासियों को मंदिरों में 01 जुलाई से जाने की अनुमति दी है। रुद्रप्रयाग जिले के लोग केदारनाथ धाम के दर्शन को जा सकेंगे, जबकि चमोली जिले के यात्रियों को बदरीनाथ धाम में दर्शन करने की अनुमति दी गई है।

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लाइव टेलीकास्ट पर नाराज हो सकते हैं पुरोहित
चारधाम यात्रा का लाइव प्रसारण करने पर एडिशनल सेक्रेटरी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस पर पुरोहित लोग नाराज होंगे। कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की पावर है, उसका इस्तेमाल करे। इसके अलावा कोर्ट ने जगन्नाथ रथयात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां यात्रा का लाइव टेलीकास्ट हो सकता है तो यहां क्यों नहीं। अदालत ने सात जुलाई तक लाइव टेलीकास्ट को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है।

एक पूर्ण एसओपी जारी नहीं कर पा रही सरकार
अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि सरकार बार-बार चारधाम के लिए एसओपी जारी कर रही है। इससे कोर्ट का समय बर्बाद हो रहा है।

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