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1 अगस्त, 2020|2:59|IST

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फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण तीन माह में ध्वस्त कर रिपोर्ट देने के आदेश 

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हाईकोर्ट ने मुनि चिदानंद की ओर से ऋषिकेश के वीरपुरखुर्द वीरभद्र के पास रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण मामले में राज्य सरकार को तीन माह में अतिक्रमण ध्वस्त कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई कार्यवाहक न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविकुमार मलिमथ और एनएस धानिक की बेंच में हुई।

हरिद्वार निवासी अर्चना शुक्ला ने अपनी जनहित याचिका में कहा है कि ऋषिकेश के पास वीरपुर खुर्द वीरभद्र में मुनि चिदानंद ने रिज़र्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन पर कब्जा किया है। वहां 52 कमरे, बड़ा हाल और गौशाला बना दी गई है। चिदानंद के रसूखदारों से संबंध होने से वन विभाग और राजस्व विभाग भी अनदेखी कर रहे हैं। 

याचिकाकर्ता का कहना है कि कई बार प्रशासन और वन विभाग को अवगत कराया जा चुका है। फिर भी वहां गतिविधियों पर रोक नहीं लगी। इस कारण उन्हें जनहित याचिका दायर करनी पड़ी। याचिकाकर्ता ने भूमि को सरकार को सौंपने की मांग की है।

हाईकोर्ट का मुख्य सचिव, आईजी से जवाब-तलब
नैनीताल। हाईकोर्ट ने शुक्रवार राज्य की जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बीमार, बुजर्ग कैदियों को रिहा करने के लिए अभी तक कोई नियमावली नहीं बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट की खंडपीठ ने मुख्य सचिव और आईजी से जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई के लिए अक्तूबर पहले सप्ताह की तिथि नियत की गई है। सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि कुमार मलिमथ और न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ में हुई। 

खनन नीति के विरुद्ध खनन पर प्रति शपथपत्र दे याची 
नैनीताल।  प्रदेश की नदियों में नियमों के इतर मशीनों द्वारा खनन नीति के विरुद्ध अनियंत्रित खनन करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हाईकोर्ट ने याची से दो सप्ताह में प्रति शपथ पत्र पेश करने को कहा है।

स्टोन क्रशर मामले में बुधवार तक जवाब दे सरकार
उत्तराखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को अल्मोड़ा मासी में लगे स्टोन क्रशर के खिलाफ याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि कि स्टोन क्रशर नदी से कितनी दूर है। 

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  • Web Title:high court instructs state government to table report after removing encroachment in forest land in rishikesh