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हरिद्वार कुंभ : इस बार 10 व्यवस्थाएं महाकुंभ को बनाएंगी अलग, जानें क्या?

हमारे संवाददाता , हरिद्वारPublished By: Shivendra Singh
Tue, 26 Jan 2021 09:02 AM
हरिद्वार कुंभ : इस बार 10 व्यवस्थाएं महाकुंभ को बनाएंगी अलग, जानें क्या?

धर्मनगरी हरिद्वार महाकुंभ के लिए पूरी तैयार हो गया है। पिछले कुंभों की अपेक्षा इस बार कोविड-19 के बाजवूद तमाम नई व्यवस्थाएं की गई है। ऐसी 10 नई व्यवस्थाएं है जो इस महाकुंभ को अन्य कुंभों से अगल बनाती है। पहली बार कुंभ में चार शाही स्नान होंगे। अब तक तीन ही शाही स्नान हरिद्वार में होते आये है। फ्लाई ओवर से लेकर हाईवे का चौड़ीकरण भी किया गया है।

मेले को हाईटेक करते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर लगाया गया है। इस सॉफ्टवेयर के बाद पुलिस को मैनुअल काम से मुक्ति मिलेगी। रेलवे का दौहरीकरण हरिद्वार तक पूरा हो चुका है। साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस अड्डे का स्वरूप बदल गया है। तीन ही माह में धर्मनगरी का लुक पूरी तरह बदल गया है। शहर के अंदर और हाईवे पर लगने वाले जाम से निजात मिल चुकी है। वर्ष 2010 के 11 साल बाद हो रहे कुंभ में 10 ऐसी व्यवस्थाएं पहली बार की जा रही है। 

नए लुक में हरिद्वार 
पिछले तीन महीनों में हरिद्वार पूरी तरह नए लुक में दिखाई दिया है। गंगा जी से लगती हुई बिल्डिंगों पर भगवा रंग किया गया है। आश्रम अखाड़ों के अलावा खाले पड़े गंगा घाटों को भी पेंट किया गया है। पहली बार पेंटिंग से पूरी तरह धर्मनगरी को सजाया गया है। इससे धर्म नगरी की सुंदरता में चार चांद लगे हैं। पुल हो गया फिर खाली पड़ी दीवार सभी जगह धार्मिंक स्लोगन वाली पेंटिंग की गई है। हरकी पैड़ी आने और जाने वाले मार्ग के अलावा हाईवे के फ्लाई ओवर पर भी पेंटिंग की गई है। पैशवाई मार्ग पर विशेष फोकस करते हुए इस मार्ग को सजाया गया है। 

छह फ्लाई ओवर 
हरिद्वार हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान छह फ्लाई ओवर बनाए गए है। मोतीचूर, चंड़ी चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, सब्जी मंडी ज्वालापुर, पतंजलि फ्लाई ओवर का निर्माण जारी है। इसमें सिंहद्वार और पतंजलि फ्लाई ओवर में कुछ ही दिनों का काम शेष रह गया है। चार फ्लाई ओवर जनता के लिए खोले जा चुके है। पतंजलि फ्लाई ओवर एक ओर से खोला जा चुका है। 

पहली बार चार शाही स्नान 
हरिद्वार में यह पहला मौका है जब चार शाही स्नान हो रहे है। वर्ष 2010 में 12 फरवरी शिवरात्रि को पहला शाही स्नान हुआ था। 15 मार्च सोमवती अमावस्या को दूसरा और अंतिम 14 अप्रैल को बैशाखी का स्नान हुआ था। वर्ष 1886 के कुंभ में 13 फरवरी को बसंत पंचमी,  8-9 मार्च शिवरात्रि और 14 अप्रैल बैशाखी के दिन शाही स्नान हुआ था। इस बार 11 मार्च को शिवरात्रि, 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल को बैशाखी और अंतिम 27 अप्रैल को चैत्र माह पूर्णिमा का शाही स्नान हो रहा है। चैत्र माह पूर्णिमा के दिन पहली बार हरिद्वार में शाही स्नान हो रहा है। 

पहली बार हाईटेक कुंभ
सदी का पहला हाईटेक कुंभ हरिद्वार में होने जा रहा है। पहली बार पुलिस और प्रशासन हाईटेक होकर व्यवस्थाएं पूरी कर रहा है। पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा। इससे बिना, मास्क, रॉग साइड में अपने आप ही चालान कट जाएगा। सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक की प्लानिंग पूरी तरह हाईटेक हो गई है। कंट्रोल रूम से बैठकर ही शहर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था संभाली जा सकेगी। शहर में लगने वाले जाम और पार्किंग की व्यवस्था पर गूगल मैप के जरिए नजर रखी जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा और शहर की हर गतिविधि के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन्हें सीधा इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। दफ्तर में बैठकर अधिकारी अपने मोबाइल फोन से संचालित कर सकेंगे। कुंभ में आए कोई लापता ना हो इसके लिए विशेष ऐप तैयार किया जा रहा है। इस ऐप से कूची मिनटों में लापता व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी।

कोरोना का साया 
कोरोना का साया नहीं होता तो एक जनवरी से कुंभ चार माह अप्रैल तक के लिए शुरू हो चुका होता। इस वक्त हरिद्वार अगल ही दिखाई दे रहा होता। लेकिन इस बार अभी तक कोरोना महामारी के कारण अभी तक नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। 27 फरवरी को नोटिफिकेशन होने की संभावना जताई गई है। संभवत: 60 दिनों का कुंभ मेला होगा। 

पुलों की नगरी हरिद्वार 
धर्मनगरी के साथ ही पुलिस की नगरी की रूप में पहचान रखने वाले हरिद्वार को इस कुंभ में कई और नए पुल मिले है। सर्वनंद घाट, पंतद्वीप पुल, वीआईपी घाट पुल, हरकी पैड़ी हाईवे, बैरागी कैंप, श्रीयंत्र आश्रम के पुल, रानीपुर झाल नहर पटरी पुल, सूखी नदी पुल नदी पर पुल बनाए गई है। हाईवे के अलावा शहर के अन्य मार्गों को जोड़ने वाले पुल भी बने है। चंडीघाट पर भी एक नए पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। जो आगामी कई सालों तक बन जाएगा।

हरकी पैड़ी की बदली तस्वीर 
हरकी पैड़ी की तस्वीर बदल दी गई है। सौंदर्यीकरण के अलावा पहली बार हरकी पैड़ी पर गेट बनाया जा रहा है। गंगा के बीच में अधूरा पड़ा मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। हरकी पैड़ी की आरती प्रत्यके हरिद्वार वासी सुन सके इसके लिए साउंड सिस्टम तक इंतजाम किया गया है। स्टेडियम लाइटें हरकी पैड़ी पर लगाई गई है।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डे की बदली तस्वीर
हरिद्वार, ऋषिकेश और ज्वालापुर स्टेशन की तस्वीर बदल गई है। कुछ ही माह में इस कार्मों को किया गया है। ज्वालापुर रेलवे स्टेशन दो प्लेटफार्स, एक रेलवे लाइन बनी, तीन फुटओवर ब्रिज बने है। हरिद्वार स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज, मेला फ्लेटफार्म, वॉच टॉवर, प्रवेश द्वार निकासी द्वार के अलावा योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पूरी तरह बदल सा गया है। इसके अलावा हरिद्वार का बस अड्डे की भी तस्वीद बदल गई। यात्रियों के लिए बैठने के लिए उचित व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया। प्रवेश और निकास द्वार नए बनाये गए। 

शहर अंडर पास मिली जाम से मुक्ति 
शहर के अंदर अंडर पास बनाए गए है। टिबड़ी और ज्वालापुर के अंडर पास से शहर में लगने वाले जाम से मुक्ति मिली है। शहर के अंदर नई सड़कों के अलावा इन दो जगह बनाए गए अंडर पास ने लोगों के साथ पुलिस को भी राहत दी है। पिछले दस सालों से यहां जाम लग रहा है। इन दो अंडर पास के अलावा भगत सिंह चौक के अंडर पास को भी बड़ा किया गया था। 

डबल ट्रेक पहुंचा हरिद्वार 
रुड़की से हरिद्वार का डबल रेलवे ट्रेक बिछाया गया। पहले रुड़की तक रेलवे ट्रेक था। इसे लक्सर तक बढ़ाने के बाद अब हरिद्वार तक कर दिया गया है। वर्ष 2021 से पहले इसे पूरा करना था। इसका सफल ट्रायल पूरा होने के बाद डबल ट्रेक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। ट्रेनें की बोगी को भी बढ़ाया गया है। 

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