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हल्द्वानी हिंसा को ढाल बनाकर प्रकाश का वनभूलपुरा में फेंका शव, कांस्टेबल की पत्नी के साथ बने थे अवैध संबंध

हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में हुए उपद्रव के अगले दिन नौ फरवरी को बिहार के भोजपुर आरा जिला स्थित छीनेगांव निवासी 24 वर्षीय प्रकाश कुमार सिंह पुत्र सामदेव सिंह का शव गौलापार बाईपास के पास मिला था।

हल्द्वानी हिंसा को ढाल बनाकर प्रकाश का वनभूलपुरा में फेंका शव, कांस्टेबल की पत्नी के साथ बने थे अवैध संबंध
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी, हिन्दुस्तानThu, 15 Feb 2024 10:04 PM
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हल्द्वानी के वनभूलपुरा की हिंसा के दौरान बिहार निवासी युवक का शव मिलने का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एसएसपी ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि इस युवक की मौत उपद्रव में नहीं हुई बल्कि उपद्रव के दौरान गोली लगने से मौत की कहानी बनाने के लिए बेहद शातिराना अंदाज में उसकी हत्या की गई।

युवक के सिर में एक जगह ही तीन गोलियां लगी होने से पुलिस का शक गहराया। मामले की छानबीन की तो हत्यारा नैनीताल पुलिस का ही एक सिपाही निकला। उसने अपनी पत्नी, साले और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या आरोपी सिपाही सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में हुए उपद्रव के अगले दिन नौ फरवरी को बिहार के भोजपुर आरा जिला स्थित छीनेगांव निवासी 24 वर्षीय प्रकाश कुमार सिंह पुत्र सामदेव सिंह का शव गौलापार बाईपास के निकट पड़ा मिला था। जहां प्रकाश का शव मिला, वह हिंसाग्रस्त क्षेत्र में आने की वजह से शुरुआत में इसे उपद्रव से जोड़कर देखा जा रहा था।

प्रकाश के सिर के पिछले हिस्से में तीन गोलियां मारी गई थीं। मृतक की शिनाख्त उसके पास से मिले आधार कार्ड से हुई थी। यहां से पुलिस की सूचना पर मृतक के परिजन भी बिहार से यहां पहुंच गए थे। गुरुवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पत्रकार वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि नैनीताल पुलिस के एक सिपाही की पत्नी से प्रकाश के अवैध संबंध हो गए थे।

प्रकाश ने महिला की अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। टुकड़ों-टुकड़ों में प्रकाश कई बार महिला से रकम भी ऐंठ चुका था। हाल ही में प्रकाश ने और रकम की डिमांड की तो महिला ने अपने कांस्टेबल पति को पूरा वाकया बता दिया। यहीं से सिपाही ने प्रकाश को ठिकाने लगाने की योजना तैयार की।

सिपाही ने अपनी पत्नी से ही फोन कराकर प्रकाश को हल्द्वानी बुलवाया। इसके बाद अपने साले और उसके दोस्त की मदद से अवैध पिस्टल का इंतजाम किया। प्रकाश के हल्द्वानी पहुंचने के दौरान ही यहां वनभूलपुरा क्षेत्र में उपद्रव भड़क गया। बेहद शातिराना अंदाज में सिपाही ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रकाश की गोली मारकर हत्या की और शव को गौला बाईपास के पास फेंक दिया, ताकि हर किसी को यह उपद्रव में हुई मौत की कहानी लगे।

मामले में शक होने पर एसएसपी मीणा ने एसओ वनभूलपुरा नीरज भाकुनी को टीम सहित जांच में लगाया। गुरुवार को पुलिस टीम ने हत्या आरोपी सिपाही, उसके साले और साले के दोस्त तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सिपाही की पत्नी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

सिपाही के साले से दोस्ती में हुई थी महिला से मुलाकात
बीती 11 फरवरी को जब प्रकाश के परिजन बिहार से हल्द्वानी पहुंचे थे, तब उन्होंने प्रकाश के पहली बार हल्द्वानी आने की बात कही थी। हालांकि पुलिस की जांच में यह तथ्य सरासर झूठा पाया गया। पुलिस के मुताबिक प्रकाश लंबे समय तक ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज में रहकर मजदूरी कर चुका था।

उस दौरान ही उसकी मुलाकात सिपाही के साले से हुई थी। दोनों की दोस्ती गहराई तो घर तक आना-जाना शुरू हो गया। इसी बीच उसकी मुलाकात सिपाही की पत्नी से हुई और उन दोनों का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था।

इसके बाद इस पूरी कहानी की शुरुआत हुई। पत्नी से जब सिपाही को पूरा वाकया पता चला, तो प्रकाश को बुलाने के लिए उसने पत्नी से ही फोन कराया। इस दौरान सिपाही की पत्नी ने प्रकाश को शादी करने का झांसा दिया। आशंका है कि इसलिए ही मृतक प्रकाश की जेब से एक मंगलसूत्र भी बरामद हुआ था।

हत्या कहीं और करनी थी, उपद्रव की वजह से बदली जगह
एसएसपी मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रकाश हल्द्वानी पहुंचने पर सबसे पहले सिपाही के साले से मिला था। इस मुलाकात के वक्त वहां एक व्यक्ति और भी था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि पहले किसी अन्य स्थान पर प्रकाश की हत्या करने की योजना बनाई थी।

इसी बीच आठ फरवरी को दोपहर बाद करीब तीन बजे पूरी पुलिस फोर्स को हल्द्वानी के वनभूलपुरा थाना क्षेत्र पहुंचने के निर्देश दे दिए गए थे। वनभूलपुरा में हिंसा भड़क चुकी थी। जांच में पता चला है कि उपद्रव के बीच बेहद शातिराना अंदाज से चाल चली। 

प्रकाश को गौला बाईपास ले जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव को वहीं फेंककर हत्या आरोपी भाग गए। हत्यारोपियों का प्लान था कि उपद्रव में गोली लगने से युवक की मौत की बात से वह साफ बच सकें।

एक जगह पर तीन गोलियों ने पैदा किया शक
एसएसपी मीणा ने बताया कि प्रकाश के सिर के पीछे दाहिनी तरफ तीन गोलियां एक ही जगह पर लगी थीं। पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि तीनों गोलियों को बेहद करीब से सटाकर मारी गई थीं। इससे पुलिस का शक और गहरा गया।

शव के पास से मिले मोबाइल फोन की सीडीआर खंगाली गई। जांच की गई तो यहां के कुछ नंबरों पर लगातार बातचीत का सुराग भी मिला। सीडीआर की मदद से पुलिस हत्या आरोपी सिपाही तक पहुंच सकी। फिलहाल मामले की इकलौती महिला आरोपी अभी फरार चल रही है।
 

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