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एक हफ्ते बाद भी वनभूलपुरा में कैद लोग, हल्द्वानी हिंसा से जुड़े 5 बड़े अपडेट

हल्द्वानी हिंसा के एक हफ्ते बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। वनभूलपुरा में कर्फ्यू में ढील दी गई लेकिन किसी को भी क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस की सख्ती जारी है।

एक हफ्ते बाद भी वनभूलपुरा में कैद लोग, हल्द्वानी हिंसा से जुड़े 5 बड़े अपडेट
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी, हिन्दुस्तान टीमFri, 16 Feb 2024 11:07 AM
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हल्द्वानी के वनभूलपुरा में 8 फरवरी हिंसा भड़कने के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 8 फरवरी की शाम को कर्फ्यू लगा दिया है।  वनभूलपुरा में  अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के बाद दंगाइयों ने पुलिस-प्रशासन की टीम पर पेट्रोल बम फेंकने से लेकर पत्थरबाजी और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था।

हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। जबकि,  पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 42 दंगाईयों को पकड़ लिया है। नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर लोगों को कुछ राहत देने का फैसला लिया है।

हिंसा के एक हफ्ते बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। वनभूलपुरा में कर्फ्यू में ढील दी गई लेकिन किसी को भी क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति  नहीं दी जा रही है। वनभूलपुरा में पुलिस  और पैरा-मिलिट्री फोर्स का सख्त पहरा है।  
 
1 वनभूलपुरा में कर्फ्यू में 3 घंटे की सर्शत छूट, पाबंदी रहेगी जारी
जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शांति व्यवस्था में सुधार को को देखते हुए वनभूलपुरा के कर्फ़्यू प्रभावित क्षेत्र में स्थित गौजाजाली, रेलवे बाजार, एफसीआई गोदाम क्षेत्र में सुबह 8 से 4 बजे तक कर्फ्यू में 8 घंटे की छूट दी है। जबकि शेष वनभूलपुरा में सुबह 8 से 11 बजे तक कर्फ्यू में 3 घंटे छूट देने का आदेश जारी किया है।

यह आदेश 16 फरवरी शुक्रवार को सुबह 5 बजे से अगले आदेशों तक लागू रहेगा। जिलाधिकारी के जारी आदेश के मुताबिक वनभूलपुरा में 16 फरवरी से सुबह 5 बजे कर्फ़्यू में छूट दिए जाने का आदेश लागू होगा। जिसके तहत गौजाजाली, रेलवे बाजार, एफसीआई गोदाम क्षेत्र में सुबह 8 से 4 बजे तक कर्फ्यू में 8 घंटे की छूट दी गई है।

जबकि शेष वनभूलपुरा में सुबह 8 से 11 बजे तक कर्फ्यू में 3 घंटे छूट रहेगी। कर्फ़्यू में छूट के दौरान क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े प्रतिष्ठान और दुकानें खुली रहेंगी। इस दौरान आम लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए दुकानों तक आ जा सकेंगे। जबकि अनावश्यक आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

क्षेत्र के लोगों के लिए यह छूट सिर्फ कर्फ़्यूग्रस्त क्षेत्र में ही आवागमन पर लागू होगी। क्षेत्र के लोग कर्फ़्यू वाले क्षेत्र से बाहर आ जा नहीं सकेंगे। कर्फ़्यू में छूट के तहत छात्र-छात्राएं परीक्षा देने के लिए क्षेत्र से परीक्षा केंद्र तक आ जा सकेंगे। साथ ही क्षेत्र में निवासरत कर्मचारी भी बोर्ड ड्यूटी पर जा सकेंगे। क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन भी मजिस्ट्रेट के पास के बाद ही क्षेत्र में जा सकेंगे।

आदेश का उल्लंघन करने पर लोगों के खिलाफ धारा-188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को लाउडस्पीकर से क्षेत्र में इस आदेश का प्रचार करने के आदेश दिए हैं। साथ आदेश की प्रति को कर्फ़्यू वाले क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा करने के आदेश भी दिए गए हैं।

2 हल्द्वानी में सामान्य हो रहे हालात, बाजारों में दिखने लगी रौनक
हल्द्वानी  के वनभूलपुरा में बीते 8 फरवरी को उपद्रव की घटना के बाद हल्द्वानी शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था, लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य करने के लिए हिंसा प्रभावित क्षेत्र में कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में कुछ ढील दी गई है।

वर्तमान में सिर्फ वनभूलपुरा के हिंसाग्रस्त क्षेत्र में ही ढील के साथ कर्फ्यू है। जबकि शहर में अब परिस्थितियां सामान्य होने से जन-जीवन पूरी तरह पटरी पर लौटने लगा है। गुरुवार को कुमाऊं के सबसे बड़े हल्द्वानी बाजार में लोग कुछ खरीदारी के लिए पहुंचे। इससे व्यापारियों में भी राहत दिखाई दी।

हालांकि व्यापारियों का कहना है कि लगनों के सीजन में पूर्व की अपेक्षा कारोबार अब भी आधा है। उन्होंने कहा कि अफवाहों और आशंकाओं के चलते पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ व्यापारी और आम जनता हल्द्वानी आने से कतरा रही है। व्यापारिक संगठनों ने पहाड़ के कारोबारियों, आम लोगों से बेहिचक हल्द्वानी आने को कहा है।

वनभूलपुरा की घटना के बाद शहर में अब हालात सामान्य हो रहे हैं। कारोबार में भी तेजी आने लगी है। हालांकि लगनों के सीजन में अब भी कारोबार आधे से अधिक नहीं हो पाया है। 
योगेश शर्मा, महानगर अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

 

अफवाहों से आशंकित पहाड़ के व्यापारी व जनता अब भी हल्द्वानी आने से कतरा रहे हैं, जिससे सीजन में कारोबार नहीं होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। शहर में हालात अब सामान्य हैं। 
विपिन गुप्ता, जिलाध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल नैनीताल

कुमाऊं के सबसे बड़े बाजार हल्द्वानी में फिर रौनक लौटने लगी है, कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ने शुरू कर दी है। जल्द व्यवसायिक गतिविधियां पूरी तरह पटरी पर लौटेने की उम्मीद है।
दलजीत सिंह दल्ली, प्रदेश उपाध्यक्ष देवभूमि व्यापार मंडल

पहाड़ी जिलों से व्यापारी फोन कर हल्द्वानी में कर्फ्यू और हालातों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। अफवाहों के कारण वह हल्द्वानी आने से अब भी कतरा रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित है। व्यापारी व ग्राहक हल्द्वानी आएं, यहां हालात सामान्य हैं।
नवीन वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

3 कर्फ्यू में राहत लेकिन चेहरों पर दहशत दिखी
हल्द्वानी में बीती आठ फरवरी को हुए उपद्रव के बाद लगे कर्फ्यू के बाद गुरुवार को दी गई ढील के दौरान मीडियाकर्मियों को वनभूलपुरा क्षेत्र में जाने की इजाजत मिली। यहां हर गली में पुलिस और अर्द्धसैनिकों बलों का पहरा दिखाई दिया। घरों की छतों और खिड़कियों से लोग कौतूहलवश झांकते नजर आए।

खास हिंसाग्रस्त क्षेत्र रहे वनभूलपुरा में कर्फ्यू में पहली बार दो घंट की ढील दी गई थी। इस राहत के बावजूद यहां चारों ओर खामोशी रही। यहां हुई आगजनी और पत्थरबाजी के निशान अब भी सड़कों, दीवारों, घरों के दरवाजों और दुकानों के शटर पर आज भी ताजा लग रहे थे।

वनभूलपुरा क्षेत्र में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में करीब 12 से अधिक मीडियाकर्मी उपद्रव के बाद यहां के हालात देखने पहुंचे। वनभूलपुरा में मलिक का बगीचा क्षेत्र में मदरसे व धार्मिक स्थल ध्वस्तीकरण वाली जगह में जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस एवं प्रशासन ने सभी को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नई बस्ती गोपाल मंदिर वाली गली से ही फोटो और वीडियोग्राफी करने को कहा।

4 अब्दुल मलिक और उसके बेटे के खिलाफ लुकआउट नोटिस
हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद की विदेश भागने की आशंका पर गृह मंत्रालय ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। अब मलिक और मोईद देश-विदेश की सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर भी आ गए हैं।

इधर, नैनीताल पुलिस भी दिल्ली, यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड में दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही है। दोनों के बैंक अकाउंट ट्रेस कर उन्हें सीज करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। पुलिस ने  हिंसा में शामिल 42 आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

कर्फ्यू में भले ही छूट मिली हो लेकिन पुलिस की सख्ती कायम है। उपद्रव में शामिल लोगों की तलाश के लिए पुलिस सर्च अभियान सख्ती से चला रही है। गुरुवार को भी पुलिस ने क्षेत्र में अभियान चलाकर दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया।

वहीं गौलापार के कुंवरपुर में स्थित अस्थाई जेल में पूछताछ के लिए ले जाए गए लोगों की संख्या करीब 100 पहुंच चुकी है। पुलिस अभी तक 400 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। संदिग्ध पाए गए कुल 37 लोगों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

5 पैरामिलिट्री के पहरे में बाहर निकली जिंदगी
वनभूलपुरा हिंसा को आठ दिन हो चुके हैं। अब प्रशासन ने वनभूलपुरा क्षेत्र के कर्फ्यू में ढील दी है। इसमें भी हिंसाग्रस्त इलाके में केवल दो घंटे तो इससे लगे कुछ इलाकों में सात घंटे की राहत दी गई है। हालांकि पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के कड़े सुरक्षा पहले में ही लोगों को घरों से निकलकर खरीदारी और अन्य जरूरी कार्य करने की इजाजत रहेगी।

वनभूलपुरा क्षेत्र के कर्फ्यू से लोगों को कुछ राहत दी गई। गौजाजाली, आरएफसी गोदाम और रेलवे बाजार इलाके में सात घंटे और हिंसाग्रस्त क्षेत्र में दो घंटे की छूट दी गई। दो घंटे की छूट के दौरान पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की निगरानी में डेली नीड्स की दुकानों को खुलने की छूट दी। इन्हीं दो घंटों में वहां फल और सब्जियों की दुकानें भी संचालित कराई गईं।

लेकिन कई पाबंदियां वनभूलपुरा क्षेत्र में बरकरार रखी गई हैं। दो घंटे की राहत वाले क्षेत्र में लोग बाहर तो निकलेंगे लेकिन सीमित दायरे में ही रहेंगे। न ही इस क्षेत्र से बाहर जाने और न ही बाहर से इस क्षेत्र में आने की इजाजत होगी। पुलिस के अलावा पीएसी, एसएसबी और आईटीबीपी के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच लोगों को रहना होगा।

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