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घर से बाहर ना निकलें, हल्द्वानी में अगले आदेश तक कर्फ्यू; बाजार और दुकानें भी रहेंगी बंद

हल्द्वानी मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी गुरुवार देर शाम उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ हालत की समीक्षा की। धामी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

घर से बाहर ना निकलें, हल्द्वानी में अगले आदेश तक कर्फ्यू; बाजार और दुकानें भी रहेंगी बंद
Swati Kumariहिन्दुस्तान,हल्द्वानीThu, 08 Feb 2024 09:55 PM
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हल्द्वानी के वनभूलपुरा में मलिक के बगीचे में अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए मदरसे और धार्मिक स्थल तोड़ने के दौरान भारी बवाल मच गया। सीएम धामी ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ हालत की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसी बीच, डीएम ने डीएम ने हल्द्वानी में कर्फ्यू लगा दिया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मरने के आदेश दिए हैं।

दरअसल, उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी जमीनों पर बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाए जाने की कार्रवाई जारी है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे हल्द्वानी नगर निगम की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ वनभूलपुरा थाने पहुंची। फोर्स ने थाने के अतिक्रमण स्थल मलिक का बगीचे क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाए गए मदरसे व धार्मिक स्थल पर पुलिस ने पहले से ही बेरिकेडिंग कर लोगों को मौके पर आने से रोक दिया। इस दौरान लोगों का मौके पर जुटना शुरू हो गया। पुलिस व निगम की टीम ने जैसे ही मदरसे को खाली कराकर जेसीबी से अतिक्रमण हटाना शुरू किया तो भीड़ ने चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। घटना के दौरान पुलिस के साथ कई मीडिया कर्मी भी चोटिल हो गए। घटना को देखते हुए हल्द्वानी शहर में भी दुकानें बंद होना शुरू हो गई थी।

नजूल भूमि पर निर्माण का है पूरा मामला
वनभूलपुरा क्षेत्र के मलिक का बगीचा की करीब दो एकड़ भूमि को नजूल भूमि बताते हुए प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बीती 29 जनवरी को मौके पर पहुंची। भूमि को अपने कब्जे में लेते हुए निगम ने पक्का निर्माण ढहाया। हालांकि यहां बने एक मदरसे और धार्मिक स्थल को उस दिन नहीं तोड़ा गया। दूसरे दिन भी एक टीम ने मौके पर पहुंचकर तारबाड़ किया। वहीं, इसी दिन शाम को संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर एक फरवरी तक दोनों निर्माण हटा लेने को कहा गया। हालांकि एक फरवरी को कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन फरवरी को विरोध में वनभूलपुरा क्षेत्र के कई लोग नगर निगम पहुंचे और अफसरों के सामने विरोध दर्ज किया। बात नहीं बनी तो अफसरों ने चार फरवरी की सुबह छह बजे अतिक्रमण तोड़ने का मन बनाया। जिसकी भनक लगते ही दर्जनों महिलाएं मलिक के बगीचे के पास दुआएं पढ़ने बैठ गई। देर रात वनभूलपुरा थाने में एसएसपी प्र“ाद नारायण मीणा की मौजूदगी में प्रशासन और निगम अफसरों की बैठक हुई। इस दौरान दोनों निर्माण ध्वस्त न करने का फैसला लिया गया और प्रशासन की एक टीम ने रात में मदरसा और धार्मिक स्थल सील कर दिया था। इधर, गुरुवार दोपहर को प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीम अतिक्रमण ध्वस्त करने अचानक पहुंच गए।
 

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