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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडहल्द्वानी: खटीमा में ग्रामीण को बाघ ने मार डाला, दहशत में ग्रामीण

हल्द्वानी: खटीमा में ग्रामीण को बाघ ने मार डाला, दहशत में ग्रामीण

पिछले साल फरवरी में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आईसीयू का लोकार्पण किया था। इसके बाद निक्कू वार्ड भी तैयार हो गया। लेकिन, इसका संचालन नहीं किया गया।

हल्द्वानी: खटीमा में ग्रामीण को बाघ ने मार डाला, दहशत में ग्रामीण
Swati Kumariलाइव हिंदुस्तान,लखनऊThu, 26 May 2022 08:50 AM

देहरादून के कोरोनेशन जिला अस्पताल की दूसरी विंग गांधी अस्पताल में करीब पांच करोड़ की लागत से बने 10 बेड के आईसीयू और छह बेड के निक्कू वार्ड पर ताला लगा दिया गया है। कोरोनेशन की गायनी विंग में संसाधनों के अभाव में गंभीर गर्भवती और नवजात बच्चों को रेफर करना पड़ रहा है। रेफर के दौरान कई मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर हो जा रही है और जान पर बन रही है।

पिछले साल फरवरी में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आईसीयू का लोकार्पण किया था। इसके बाद निक्कू वार्ड भी तैयार हो गया। लेकिन, इसका संचालन नहीं किया गया। पिछले दिनों सचिव और डीजी के निर्देश पर गायनी विंग को कोरोनेशन अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां आपात स्थिति में भी जच्चा-बच्चा को संपूर्ण इलाज मिले, इसके लिए आइसीयू और निक्कू वार्ड नहीं हैं। रोजाना क्रिटिकल केस में कई गर्भवती, जच्चा-बच्चा को किसी अन्य अस्पताल रेफर करना पड़ता है। निजी अस्पताल में जाने पर व्यक्ति को इन सुविधाओं के लिए बड़ी रकम चुकानी पड़ती है। खासकर मध्यम एवं निम्नवर्ग को ज्यादा दिक्कतें आती हैं। सीएमएस डॉ. शिखा जंगपांगी के अनुसार, उच्च अधिकारियों को पत्र भेज स्टाफ मांगा गया है। स्टाफ मिलते ही आईसीयू और निक्कू वार्ड का संचालन शुरू कर देंगे।

यह है स्थिति
कोरोनेशन अस्पताल में रोजाना 10 से 15 डिलीवरी हो रही है। सिजेरियन तीन से पांच ही हो पा रहे हैं। रोजाना दो से तीन गर्भवतियों एवं इतने ही नवजात बच्चों को गम्भीर होने पर रेफर करना पड़ता है।

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