DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तराखंड › मेडिकल कॉलेज : 80 फीसदी फैकल्टी को प्रोफेसर बनने का इंतजार, यह है वजह 
उत्तराखंड

मेडिकल कॉलेज : 80 फीसदी फैकल्टी को प्रोफेसर बनने का इंतजार, यह है वजह 

हिन्दुस्तान टीम, हल्द्वानी। मोहन भट्टPublished By: Himanshu Kumar Lall
Sun, 06 Jun 2021 01:26 PM
मेडिकल कॉलेज : 80 फीसदी फैकल्टी को प्रोफेसर बनने का इंतजार, यह है वजह 

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर आदि की भारी कमी है। इसका बड़ा कारण पूरी योग्यता रखने के बावजूद 80 प्रतिशत फैकल्टी का अभी तक प्रमोशन न होना है। मेडिसिन विभाग में 5 एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर बनने के योग्य हैं। पिछले 8-10 सालों से डिपार्टमेंटल प्रमोशन नहीं किए गए हैं। इसके चलते राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी फैकल्टी मिलना मुश्किल हो रहा है। सरकार ने राज्य में कई जगह पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने शुरू कर दिए हैं तो कुछ जगह की तैयारी चल रही है। जो मेडिकल कॉलेज पहले से खुले हुए हैं, वहीं आज फैकल्टी का संकट पैदा हो गया है। इसके चलते एमसीआई की  मान्यता खतरे में पड़ी हुई है। इसकी एक बड़ी वजह मेडिकल कॉलेज  में तैनात फैकल्टी के प्रमोशन नहीं होना है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज इसका सबसे बड़ा उदहारण है। फैकल्टी के प्रमोशन होने पर जहां राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों को खोलने का रास्ता आसान होगा, वहीं मान्यता समाप्त होने का खतरा भी कम होगा। 

ये हैं मानक:किसी भी एसोसिएट प्रोफेसर के प्रोफेसर बनने के लिए जरूरी है कि उसने दो पेपर पब्लिश किए हों और साथ ही उसको कम से कम 4 वर्ष फैकल्टी का अनुभव हो। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के 80 प्रतिशत एसोसिएट प्रोफेसर पिछले 10 सालों से इस योग्यता को पूरा करने के बाद भी प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।

22 असिस्टेंट प्रोफेसर को बनना है एसोसिएट प्रोफेसर: एसोसिएट प्रोफेसर की तरह असिस्टेंट प्रोफेसर का भी प्रमोशन होना है। नियमों के अनुसार प्रमोशन होकर एसोसिएट प्रोफेसर बन जाना था। सर्जरी विभाग में 7 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, जिनको तरक्की मिल जानी चाहिए थी। असिस्टेंट प्रोफेसरों की संख्या 42 है, जिनमें से करीब 22 से ज्यादा का प्रमोशन होना है। 

कॉलेज के 25 फैकल्टी प्रोफेसर की लाइन में: मेडिकल कॉलेज में करीब 31 एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इनमें से करीब 25 से ज्यादा ने दो पेपर भी पब्लिश कर दिए हैं और 10 साल से ज्यादा पढ़ाने का अनुभव भी रखते हैं। केवल मेडिसन विभाग में ही करीब 5 डॉक्टर ऐसे हैं। 

राजकीय मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के प्रमोशन का मामला शासन में पहुंचाया गया है। शासन में इस पर कार्यवाही की जा रही है। 
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी  

संबंधित खबरें