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भूस्खलन का अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाएगी GSI, अगले साल से होगा लागू; क्या होगा फायदा

उत्तराखंड भूस्खलन के लिहाज से हालिया कुछ वर्षों में काफी संवेदनशील हो चुका है। ऐसे में इसके खतरों का मुकाबला करने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करेगा।

भूस्खलन का अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाएगी GSI, अगले साल से होगा लागू; क्या होगा फायदा
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,देहरादूनFri, 01 Dec 2023 09:37 AM
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हिमालयी राज्यों में भूस्खलन के बढ़ते खतरों का मुकाबला करने के लिए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया  (जीएसआई) अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करेगा। प्रथम चरण में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, तमिलनाडु में नीलगिरी, बंगाल में दार्जिलिंग और कलिंगपौंग को लिया गया है। कोशिश की जा रही है कि अगले साल तक देश के भूस्खलन के प्रति संवेदनशील सभी क्षेत्रों में यह सिस्टम विधिवत रूप से लागू हो जाए।

इसके तहत देश के प्रत्येक जिला, ब्लाक और यहां तक की पचांयत स्तर पर भौगोलिक ब्योरा वर्गीकृत किया जाएगा। इससे आपदाओं का प्रबंधन और उनका असर कम करने के लिए प्रभावी रणनीतियां बनाई जा सकेंगी। छठीं विश्व आपदा प्रबंधन कांग्रेस में जीएसआई के उपमहानिदेशक हरीश बहुगुणा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हर जिले का मानचित्र तैयार कर लिया गया है। अब कोशिश अर्ली वार्निंग सिस्टम की हो रही है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। जीएसआई के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ हरीश बहुगुणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हिमालय के पूरे इकोसिस्टम को प्रभावित कर रही हैं। प्राकृतिक आपदा पूरे इको सिस्टम को प्रभावित कर देती है।

उत्तराखंड में तेजी से बढ़ रहा है भूस्खलन

भूस्खलन के लिहाज से हालिया कुछ वर्षों में उत्तराखंड काफी संवेदनशील हो चुका है। हालिया सात वर्षों के आंकडों पर नजर डाले तो साफ नजर आता है कि यह 50 गुना तक बढ़ चुका है। वर्ष 2015 में जहां राज्य आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र ने भूस्खलन की केवल 33 घटनाएं ही दर्ज की थी। इस साल मानसून सीजन में भूस्खलन की घटनाओं की संख्या 1650 के पार जा चुकी हैं।

रुद्रप्रयाग और टिहरी सर्वाधिक संवेदनशील

देश में भूस्खलन के प्रति संवेदनशील 147 जिलों में रुद्रप्रयाग पहले, टिहरी दूसरे नंबर पर है। चमोली-19, उतरकाशी- 21, पौड़ी- 23, दून-29,बागेश्वर-50, चंपावत-65, नैनीताल-68, अल्मोड़ा-81, पिथौरागढ-86 में नंबर पर आता है।

सीएम धामी ने आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने गुरुवार को ग्राफिक एरा विवि में आयोजित हो रही छठी विश्व आपदा प्रबंधन कांग्रेस में देश-विदेश से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से मुलाकात की। ग्राफिक एरा के सिल्वर जुबली कनवेंशन सेंटर में आयोजित इस चार दिवसीय विश्व स्तरीय सम्मेलन के दौरान उन्होंने विशेषज्ञों के साथ अनेक विषयों पर चर्चा की।

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