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22 अक्तूबर, 2020|12:29|IST

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कांवड़: यात्रा को लेकर पड़ोसी राज्यों के अधिकारी करेंगे मंथन, कोरोना के चलते रद है यात्रा

Four brothers who traveling to Kanwar by sitting old parents on their shoulders

उत्तराखंड सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा रद किए जाने के बाद अब 1 जुलाई को पांच जिलों के जिलाधिकारियों और एसएसपी की हरिद्वार जिला प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। 

यात्रा रद होने के बावजूद अगर साथ लगते बाहरी जिलों से कांवड़िये हरिद्वार आए तो सीमा पर स्थिति टकरावपूर्ण भी हो सकती है। ऐसी स्थिति न आए इसके लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, यमुनानगर, करनाल के जिलाधिकारी और एसएसपी के साथ समन्वय बैठक रोशनाबाद में बुलाई है।

बैठक 12 बजे कलक्ट्रेट सभागार में होगी। कोरोना संकट को देखते हुए उत्तराखंड सरकार कांवड़ मेला रद करने का फैसला ले चुकी है। फैसला लेने से पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बाकायदा साथ लगते राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत भी की। हालांकि आर्थिक संकट से जूझ रहे हरिद्वार के व्यापारी कांवड़ मेला कराने मांग कर रहे हैं।  

यह तो तय है कि कांवड़ मेला नहीं होना है। ऐसे में बाहरी राज्यों से अगर कांवड़िये आए तो राज्य और जिले की सीमा पर टकराव भी संभव है। बाहरी राज्यों और जिलों के शासन प्रशासन ने कांवड़ियों को रोकने के लिए क्या योजना बनाई है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते साल 3.30 करोड़ कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगा जल भरा था। ऐसे हाल में हरिद्वार और साथ लगते जिलों के प्रशासन को संयुक्त रणनीति बनानी होगी। बुधवार को रोशनाबाद कलक्ट्रेट में होने वाली प्रशासनिक बैठक में जिलाधिकारियों और एसएसपी से इन्ही मुद्दों पर चर्चा की जानी है। 

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पांच जिलों के जिलाधिकारियों और एसएसपी के साथ बैठक में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। सभी जानते हैं कि कांवड़ियों को रोकना सभी के लिए एक चुनौती है।            
सी रविशंकर, जिलाधिकारी, हरिद्वार

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  • Web Title:government officials to discuss on kanwar yatra as kanwar yatra suspended due to corona virus pandemic in uttarakhand