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‘मॉक पोल’ की पोल खुलने पर अफसर खामोश

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निर्वाचन प्रणाली पर राजनैतिक दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच उत्तराखंड में निर्वाचन टीम का तजुर्बाहीन होना उत्तराखंड में आयोग का संकट बढ़ा गया है। उत्तराखंड में अब तक छह ईवीएम में मॉक पोल फंसे होने की जानकारी सामने आ चुकी है, अधिकारियों को मतदान के दिन कुछ और जगह ऐसी ‘पोल’ खुलने की आशंका है। उत्तराखंड में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या और अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी षणमुगम के सामने बड़े चुनाव कराने की यह पहली चुनौती है। लेकिन मतदान के दिन से अब मतगणना तक कई कमियां सामने आने से चुनाव प्रबंधन पर सवाल उठने लग गए हैं। मतदान के दिन जहां कुल मत प्रतिशत का आधिकारिक आंकड़ा जारी करने में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 24 घंटे से अधिक का समय लिया। वहीं, अब मॉक पोल को लेकर बरती गई लापरवाही पर भी अधिकारियों को कुछ कहते नहीं बन रहा है। हद यह था कि ऐसी चूक सामने आने पर भी आयोग ने अब तक राजनैतिक दलों या प्रत्याशियों को सीधे तौर पर विश्वास में नहीं लिया, साथ ही जिम्मेदार मतदान कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की, इस पर भी कोई ठोस जवाब नहीं है। कई जिलों में निर्वाचन अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं कि ऐन मतगणना के दिन जब ईवीएम और वीपीपैट स्ट्रांग रूम से बाहर निकलेंगे तो कुछ और जगह इस तरह की चूक सामने आ सकती है। तब उन्हें प्रत्याशियों को संतुष्ट करना होगा। हालांकि अभी उत्तराखंड में वीवीपैट में मॉक पोल की पर्ची होने की शिकायत सामने नहीं आई है। 

सवा महीने से नहीं हुई कार्रवाई 
प्रदेश में मतदान 11 अप्रैल को समाप्त हो चुका है, लेकिन निर्वाचन टीम इस मामले को एक महीने से अधिक समय तक दबाए रही। अब तक लापरवाह चुनाव कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी।  

देहरादून में मंगलवार को डीएम एसए मुरुगेशन ने टिहरी सीट के मतगणना केंद्र में कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। 
फोटो: हिन्दुस्तान 
 

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  • Web Title:government officials avoiding to comment on mock poll errors in uttarakhand