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6 अप्रैल, 2020|10:33|IST

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आयुष्मान : प्रमुख कार्यालयों में बनाए जाएंगे गोल्डन कार्ड

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उत्तराखंड के जिन परिवारों को अटल आयुष्मान योजना को लेकर मुख्यमंत्री की चिट्ठी मिली है, वो चिट्ठी के आधार पर भी अपना गोल्डन कार्ड बना सकेंगे। इस संबंध में अटल आयुष्मान सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणेंद्र सिंह चौहान ने राज्य के छह हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को निर्देश दिए हैं।  सोसायटी अध्यक्ष चौहान ने बुधवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों के साथ बैठक की। चौहान ने बताया कि राज्य में छह हजार कॉमन सर्विस सेंटरों में से एक हजार को कुछ समय के लिए जिलों के प्रमुख कार्यालयों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। जिन कार्यालयों में लोगों का आना-जाना अधिक होता है वहां पर सीएससी को शिफ्ट कर दिया जाएगा ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और 2015 तक के राशन कार्ड डेटा के आधार पर राशन कार्ड भी बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान के गोल्डन कार्ड बनाने में लोगों को परेशान न किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने लगभग 18 लाख परिवारों को आयुष्मान योजना को लेकर पत्र भेजे हैं। इस पत्र पर हर परिवार की आईडी दर्ज है। उन्होंने कहा कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए इस आईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम 2012 की मतदाता सूची में नहीं हैं उनके नाम परिवार रजिस्टर के आधार पर लिए जाएं। यदि इसमें भी दिक्कत है तो 2015 तक का खाद्य सुरक्षा का डेटा यूज किया जा सकता है। पत्नी-बच्चों के नाम मैरिज सर्टिफिकेट व बर्थ सर्टिफकेट के आधार पर जोड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने में आनाकानी करने वाले कॉमन सर्विस सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान राज्य के कई अस्पतालों के साथ भी बैठक हुई जिसमें उनसे योजना में जुड़ने का अनुरोध किया गया है। सिनर्जी, कैलाश, सीएमआई और एसके मेमोरियल अस्पतालों को योजना से जुड़ने का अनुरोध किया गया। 


कर्मचारियों के लिए 25 नवंबर को ऐलान संभव
आयुष्मान योजना को 25 नवंबर को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस मौके पर सरकार कर्मचारियों के लिए योजना को लेकर ऐलान कर सकती है। कर्मचारियों को योजना का लाभ कब से मिलेगा, इस पर भी इसी दिन निर्णय लिया जा सकता है। इस दिन से कार्ड बनाने को एक माह का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। 

शिक्षक-कर्मचारी महंगा बीमा कराने को मजबूर 
अटल आयुष्मान योजना लागू करने में देरी से अब सरकारी कर्मचारी और शिक्षकों का धैर्य जबाव देने लगा है। योजना में देरी से तंग कई शिक्षक और कर्मचारियों ने प्राइवेट बीमा लेना शुरू कर दिया है। लोग हजारों रुपये चुकाकर बीमा लेने को मजबूर हो रहे हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ.सोहन सिंह माजिला ने बताया कि सरकार ने योजना लागू करने में काफी देर कर दी है। उन्होंने कहा, लंबे समय से योजना लागू करने की मांग की जा रही है पर इस संदर्भ में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इस वजह से कई लोगों को प्राइवेट बीमा कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।

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  • Web Title:golden cards for Atal Ayushman Yojana to be be made in important offices in uttarakhand