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घर वापसी की जगी आस, 62 साल बाद आबाद होगा उत्तरकाशी का जादुंग गांव; 100 फीसदी मदद करेगी सरकार

भारत-चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध की वजह से उत्तरकाशी का जादुंग गाव खाली कराया गया था। अब प्रदेश सरकार फिर से यहं स्थानीय निवासियों को बसाने में मदद करेगी। कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया।

घर वापसी की जगी आस, 62 साल बाद आबाद होगा उत्तरकाशी का जादुंग गांव; 100 फीसदी मदद करेगी सरकार
Sneha Baluniसुरेंद्र नौटियाल,देहरादून उत्तरकाशीThu, 25 Jan 2024 10:03 AM
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उत्तरकाशी में चीन सीमा का एक गांव जादुंग, जिसे 62 साल पहले युद्ध के चलते खाली कराना पड़ा था, उसे अब प्रदेश सरकार फिर से आबाद करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया। जादुंग गांव के मूल निवासी अब अपनी जमीन पर होम स्टे का निर्माण कर सकेंगे। सरकार होम स्टे निर्माण के लिए शत प्रतिशत वित्तीय मदद देगा।

जादुंग गांव में स्थानीय लोगों को वर्ष 1962 में चीन से युद्ध के दौरान हटाया गया था। लड़ाई के चलते भारतीय सेना व आईटीबीपी ने मोर्चा संभाल लिया था जबकि सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय लोगों को वहां से हटा दिया गया था। हालांकि उस क्षेत्र की जमीनें आज भी स्थानीय लोगों के नाम पर ही हैं। लंबे समय से स्थानीय लोग सरकार से इन क्षेत्रों में लौटने को लेकर मांग कर रहे थे। यहां आवास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि गतिविधियां भी शुरू करने की मंजूरी मांगी गई थी। इस पर कैबिनेट ने बुधवार को पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की मंजूरी दे दी। जादुंग गांव के भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। अब सरकार की इस गांव को दोबारा बसाने की योजना है।

2015 में सैलानियों के लिए खोली गई थी नेलांग घाटी

वर्ष 2015 में नेलांग घाटी पर्यटकों के लिए खोली गई थी। तब क्षेत्र में कहीं भी पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था न होने से आवाजाही ज्यादा नहीं बढ़ पाई थी। जिला विकास अधिकारी जयकिशन ने बताया कि गांवों में होम स्टे बनने के बाद पर्यटक और ग्रामीण इस क्षेत्र में घूम और रह सकेंगे।

मोदी ने दिया था घर वापसी का भरोसा

अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष भवान सिंह राणा ने बताया कि वर्ष 2018 के नवंबर में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर्षिल आए तो उन्होंने भारत चीन सीमा सहित नेलांग व जादूंग का हवाई सर्वेक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने हर्षिल में ग्रामीणों से मुलाकात की थी। जहां पर उन्होंने ग्रामीणों की पुन: घर वापसी की बात कही थी। आज यह सपना साकार हो गया है।

वाइब्रेंट विलेज जादुंग के मूल निवासियों को होम स्टे बनाने और संचालन का अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना से अलग शत प्रतिशत वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी। -डॉ.एसएस संधु, मुख्य सचिव

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