ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तराखंडउत्तराखंड:बरसात की स्पीड ने गाड़ियों पर लगाई ब्रेक, बदरीनाथ-गंगोत्री हाईवे सहित 201 सड़कें बंद 

उत्तराखंड:बरसात की स्पीड ने गाड़ियों पर लगाई ब्रेक, बदरीनाथ-गंगोत्री हाईवे सहित 201 सड़कें बंद 

उत्तराखंड में बारिश से बंद 210 सड़कों को अभी तक नहीं खोला जा सका है। इस वजह से राज्य भर में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।गंगोत्री-बदरीनाथ सहित कई हाईवे बरसात के बाद हुए...

उत्तराखंड:बरसात की स्पीड ने गाड़ियों पर लगाई ब्रेक, बदरीनाथ-गंगोत्री हाईवे सहित 201 सड़कें बंद 
हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनSun, 29 Aug 2021 06:22 PM
ऐप पर पढ़ें

उत्तराखंड में बारिश से बंद 210 सड़कों को अभी तक नहीं खोला जा सका है। इस वजह से राज्य भर में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।गंगोत्री-बदरीनाथ सहित कई हाईवे बरसात के बाद हुए भूस्खलन की वजह से बंद पड़े हैं। नोडल एजेंसी ओर से बंद पड़े हाईवे को खाेलने का काम जारी है, लेकिन खराब मौसम की वजह से बंद सड़कों को खोलने में काफी परेशानी आ रही है। 

राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से सड़कों को खोलने के काम में लगातार बाधा आ रही है।  राज्य में अभी भी दो राष्ट्रीय राजमार्ग, पांच स्टेट हाईवे, सात मुख्य सड़क मार्ग बंद चल रहे हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि लोनिवि की राज्य भर में कुल 103 सड़कें बंद हैं। जबकि 107 सड़कें ग्रामीण मार्ग हैं जो पीएमजीएसवाई व अन्य डिविजनों के तहत आती हैं।

उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को जल्द जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यभर में सड़कों को खोलने के लिए 337 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। वहीं मौसम विभाग ने भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार को मसूरी-देहरादून मार्ग पर यातायात सुचारू रहा, हालांकि कोहलू खेत के समीप शनिवार को पहाड़ी से भारी मलवा सड़क पर आ गया था।  जिससे मार्ग बाधित रहा उसी जगह पर रविवार को दोपहर दो बजे करीब पहाड़ी से मलबा आने के कारण आधे घंटे के लिए मार्ग बाधित रहा।

मौके पर खड़ी जेसीबी से मलबे को हटाकर मार्ग को सुचारू किया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वही गलोगी धार के पास रविवार को सुचारू रूप से यातायात चलता रहा। गौरतलब है कि बारिश के चलते ही गलोगी के पास पहाड़ी से पत्थर व मलवा आ रहा है। जिससे मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है, लेकिन रविवार को उक्त मार्ग पर यातायात चलता रहा।

बदरीनाथ व गंगोत्री हाईवे बंद होने से अलग-थलग पड़ा देवप्रयाग क्षेत्र
देवप्रयाग।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग बन्द होने से देवप्रयाग क्षेत्र वासियों की काफी मुश्किलें बढ़ गयी हैं। राजमार्ग बाधित होने की स्थिति में पूरा क्षेत्र फिलहाल अलग थलग पड़ गया है। बारिशे से गंगोत्री राजमार्ग व बदरीनाथ राजमार्ग बन्द होने से देवप्रयाग व उससे लगे पौड़ी व भरपूर पट्टी क्षेत्र की जनता को ऋषिकेश जाने के लिए मसूरी से होकर जाने की मजबूरी बन गयी है।

जिला प्रशासन टिहरी की ओर से बदरीनाथ राजमार्ग को तपोवन से मलेथा तक बन्द किये जाने के बाद देवप्रयाग क्षेत्र वासियों के सामने वैकल्पिक यातायात की विकट समस्या बन गयी है। अभी तक गजा- खाडी-नरेंद्रनगर होकर क्षेत्रवासी ऋषिकेश, देहरादून तक पहुंचते थे। मगर प्रशासन की ओर से इस मार्ग को भी भिन्नु गांव में सड़क के पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद यातायात के लिए बन्द कर दिया गया है। देवप्रयाग होकर पौडी क्षेत्र से जाने वाले लोगों की मुश्किलें तो और बढ़ गयी हैं।

वहीं तोताघाटी से देवप्रयाग तक के 25 किमी क्षेत्र के लोगो को तो समझ नही आ रहा कि वह महज 40 से 50 किमी दूर ऋषिकेश के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग से जाए या पैदल ही चल पड़े। देवप्रयाग से गजा, खाडी, चम्बा, कद्दूखाल, सुरकंडा, धनोल्टी, मसूरी, देहरादून से नेपाली फार्म होकर ऋषिकेश का सफर करीब 220 से 270 किमी तक पड़ रहा है, जो कि तीन गुना अधिक सफर है। क्षेत्रवासी मोतीलाल कोटियाल ने बताया कि वह अन्य बारह लोगों के साथ देवप्रयाग से इस मार्ग होकर दोपहर में निकले थे।

करीब चार घण्टे जाम में फसे होने पर वह करीब 11 बजे रात ऋषिकेश पहुंचे। 11 घण्टे के सफर में कई लोगो का स्वास्थ्य भी यहां प्रभावित हुआ। उधर इस मार्ग से निजी चालक काफी भारी किराया लेकर ही जाने को तैयार हो रहे है। राजमार्ग बंद होने का सबसे अधिक खामियाजा गरीब व बीमार लोगों की भरना पड़ रहा है। जो ऋषिकेश जाने के लिए 120 के बजाय कई गुना किराया भरने को मजबूर हैं व कई घंटे का कष्ट भरा सफर करने की मजबूर हैं।

गंगोत्री राजमार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू
नई टिहरी। गंगोत्री राजमार्ग को भिन्नु गांव के निकट छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही के सुचारू किया गया है। यहां से छोटे वाहनों के साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। यहां पर राजमार्ग को खोलने में तीन से चार दिन का समय लगने के आसार लग रहे थे, लेकिन बीआरओ ने तेजी से काम करते हुये मार्ग को बीते शनिवार दोपहर का ही छोटे वाहनों की आवाजाही के सुचारू कर दिया था। रविवार को ट्रकों को भी यहां से निकालने का काम किया गया।

गंगोत्री राजमार्ग की बदहाली को देखते हुये भले ही डीएम इवा श्रीवास्तव ने बीते गुरूवार को लिखित आदेश जारी कर पूरी तरह से आवागमन के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, अभी भी डीएम ने गंगोत्री राजमार्ग पर आवाजाही की परिमशन जारी नहीं की है, लेकिन बीते शनिवार से ही छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट का कहना है कि गंगोत्री राजमार्ग पर अभी आवाजाही की परमिशन डीएम ने जारी नहीं की है, वाहनों की आवाजाही इंमरजेंसी में करवाई जा रही है। दूसरी ओर बीआरओ के कमांडेंट समीर मदान का कहना है कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुये छोटे वाहनों सहित ट्रकों की आवाजाही शुरू की कर दी गई है। गंगोत्री राजमार्ग को खोलने का काम तेजी से किया गया है। जल्द ही गंगोत्री राजमार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से सुचारू कर दी जायेगी।

बारिश के चलते मलबा आने से पांच ग्रामीण मोटर मार्गों में यातायात बाधित
अल्मोड़ा।
बीते शुक्रवार से जिले भर में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जिससे बढ़ती तपिश से लोगों को राहत मिली। वहीं बारिश के बाद मलबा आने से पांच ग्रामीण मोटर मार्गों में यातायात बाधित रहा। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी। रविवार को भी सुबह से मौसम पल-पल करवट बदल रहा। दिन में कभी धूप कभी बारिश का दौर जारी रहा। देर शाम तक आसमान में घने बादलों का जमवाड़ा लगा रहा। जिससे तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। 

आपदा कंट्रोल से मिली जानकारी अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश के चलते जिले के पांच ग्रामीण मोटर मार्ग पैसिया मल्ला-गड़कोट, बासुलीसेरा-डोटालगांव, मल्ली मयोली-फाराखोली, पारकोट-जाख बैनाली और बाड़ीकोट-खुरेरी में यातायात बाधित रहा। बंद मोटर मार्गों को प्रशासन की ओर से जेसीबी लगाकर खोलने का काम किया गया।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें