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Hindi News उत्तराखंडफ्री राशन में गेहूं-चावल, चीनी के बाद तेल-दाल, मसाला देने का प्लान, 14 लाख परिवारों को फायदा

फ्री राशन में गेहूं-चावल, चीनी के बाद तेल-दाल, मसाला देने का प्लान, 14 लाख परिवारों को फायदा

लाभार्थी परिवार को उसकी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं यानि दाल, तेल, मसाले समेत सभी उपयेागी वस्तुएं होंगी। अधिकारियों को पोषण किट के संबंध में दूसरे राज्यों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

फ्री राशन में गेहूं-चावल, चीनी के बाद तेल-दाल, मसाला देने का प्लान, 14 लाख परिवारों को फायदा
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानSat, 22 Jun 2024 12:58 PM
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उत्तराखंड के अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी राशन कार्ड वाले करीब 14 लाख परिवारों को सरकार रियायती मूल्य पर विशेष पोषण किट देने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को पोषण किट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इस किट में दाल, तेल,मसाले सहित कई जरूरत की सामग्री होंगी। यह सामग्री 50 फीसदी तक सब्सिड़ी पर देने पर विचार किया जा रहा है। बैठक के बाद खाद्य मंत्री आर्या ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने आम गरीब और जरूरतमंद परिवारों के कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की है। पोषण किट इसी की अगली कड़ी है।

इसमें लाभार्थी परिवार को उसकी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं यानि दाल, तेल, मसाले समेत सभी उपयेागी वस्तुएं होंगी। अधिकारियों को पोषण किट के संबंध में दूसरे राज्यों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मालूम हो कि पडोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में पिछले कई वर्षों से रियायती मूल्य पर जरूरत की खाद्य वस्तुएं दी जा रही है। मंत्री ने बताया कि इस योजना के दायरे में फिलहाल अंत्योदय परिवार और एनएफएसए राशन कार्ड वाले परिवारों को रखने पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही रियायती नमक योजना को भी शुरू कर दिया जाएगा।

दाल योजना भी होगी नियमित
राज्य में मुख्यमंत्री दाल पोषण योजना पिछले कुछ वर्षों से लागू तो है लेकिन नियमित रूप से लोगों को नहीं मिल पा रही। दाल और सब्सिड़ी की उपलब्धता की वजह से कई बार लोगों को महीनों दाल का इंतजार करना पड़ता है। पोषण किट के जरिए प्रति परिवार प्रतिमाह दाल समेत अन्य जरूरत की चीजें भी उपलब्ध रहेंगी।

मानसून से पहले अनाज का हो जाए भंडारण
खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले पहले हर जिले में पर्याप्त अनाज की व्यवस्था कर दी जाए। जिलावार आवंटित अनाज का समय पर उठान कर दिया जाए। खासकर आपदा के प्रति संवेदनशील पर्वतीय जिलों में प्राथमिकता के साथ अगले तीन माह के अनाज का भंडारण करा दिया जाए। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।

 

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