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Hindi News उत्तराखंडठगी का ऐसा बनाया नया प्लान पुलिस भी रह गई हैरान, डीलरशिप के नाम पर ऐसे ठगे 20 लाख 

ठगी का ऐसा बनाया नया प्लान पुलिस भी रह गई हैरान, डीलरशिप के नाम पर ऐसे ठगे 20 लाख 

ठगी के प्लान से पुलिस भी हैरान हो गई। विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर 16 अक्तूबर को डीलरशिप रजिस्ट्रेशन के लिए 38 हजार 500 रुपये की फीस की डिमांड की। उन्होंने ऑनलाइन धनराशि का भुगतान करवाया।

ठगी का ऐसा बनाया नया प्लान पुलिस भी रह गई हैरान, डीलरशिप के नाम पर ऐसे ठगे 20 लाख 
Himanshu Kumar Lallपिथौरागढ़, हिन्दुस्तानWed, 15 Nov 2023 07:31 PM
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एक व्यक्ति से सीमेंट कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पिथौरागढ़ नगर निवासी हिम्मत सिंह खंपा ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उन्होंने सीमेंट की डीलरशिप के लिए एक सीमेंट कंपनी में ऑनलाइन आवेदन किया था।

ऑनलाइन आवेदन के बाद बीते अक्तूबर माह में उनके मोबाइल पर सुशील कुमार साहू और अनामिका नामक की एक महिला जिन्होंने स्वयं को सिमेंट कम्पनी के मुंबई स्थित कार्यालय का सीनियर एक्जीक्यूटिव और सेल्स एक्जीक्यूटिव बता कर उससे डीलरशिप के बारे में बातचीत की।

उन्होंने विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर 16 अक्तूबर को डीलरशिप रजिस्ट्रेशन के लिए 38 हजार 500 रुपये की फीस की डिमांड की। उन्होंने ऑनलाइन धनराशि का भुगतान करवाया। चार दिन बाद फिर एनओसी के लिए एक लाख रुपये सीमेंट कंपनी के नाम पर खाते में आनलाइन डालने को कहा।

फिर सीमेंट के 4 हजार बैग के लिए नकद 6 लाख 58 हजार भेजने को कहा। कहे अनुसार उन्होंने धनराशि ऑन लाइन बताए गए खातों में डाल दी। बाद में 27 अक्तूबर को लाइसेंस फीस के लिए दो लाख 25 हजार, 30 अक्तूबर को ट्रान्सपोर्टेशन चार्ज के रूप के लिए दो लाख भुगतान करने को कहा।

एक नवंबर को फिर से उन्होंने दिवाली ऑफर का हवाला देकर सीमेंट के 4 हजार बैग के लिए आठ लाख 14 हजार 125 रुपये भेजने को कहा। उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों का कहना था कि यह भुगतान होने पर दोनों आर्डर की आपूर्ति कर दी जाएंगी।

बाद में फिर पांच लाख इंश्योरेंस की डिमांड करने पर हिम्मत को संदेश हुआ तो उन्होंने कंपनी के मुंबई स्थित प्रधान कार्यालय में बात की। तब उन्हें पता चला कि दोनों कर्मचारी सिमेंट कंपनी के कार्यालय में कार्यरत ही नहीं है। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने अब पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। इधर, पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    

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