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Hindi News उत्तराखंडजंगल की आग से 4 वनकर्मियों की जिंदा जलकर अल्मोड़ा में दर्दनाक मौत, चार अन्य बुरी तरह झुलसे; रेफर

जंगल की आग से 4 वनकर्मियों की जिंदा जलकर अल्मोड़ा में दर्दनाक मौत, चार अन्य बुरी तरह झुलसे; रेफर

आग ने विकराल रूप ले लिया था। लेकिन, पहाड़ पर तीखी चढ़ाई होने की वजह से वन कर्मी ऊपर नहीं पहुंच सके और वे आग की चपेट में आ गए। आग की चपेट में आने बाद चार वन कर्मियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।

जंगल की आग से 4 वनकर्मियों की जिंदा जलकर अल्मोड़ा में दर्दनाक मौत, चार अन्य बुरी तरह झुलसे; रेफर
Himanshu Kumar Lallअल्मोड़ा, हिन्दुस्तानThu, 13 Jun 2024 07:39 PM
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उत्तराखंड में जंगलों की आग अब जानलेवा साबित हो रही है। गुरुवार दोपहर को अल्मोड़ा जिले के बिनसर के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए गए चार वन कर्मचारियों की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वनाग्नि का प्रकोप इतना भयावह था कि आग की चपेट में आकर चार अन्य वन कर्मी बुरी तरह झुलस गए हैं। बुरी तरह से झुलसे वन कर्मियों को रेस्क्यू कर अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भर्ती किया गया गया है।

जानकारी के अनुसार, बिनसर के जंगल में गुरुवार दोपहर आग लग गई। सूचना पर करीब दोपहर ढाई बजे आठ कर्मचारी आग बुझाने गए थे। बताया जा रहा है कि आग सड़क से नीचे लगी हुई थी। टीम को आग बुझाने के लिए ढलान से नीचे जाना पड़ा। इसी दौरान आग ने विकराल रूप ले लिया था। लेकिन, पहाड़ पर तीखी चढ़ाई होने की वजह से वन कर्मी ऊपर नहीं पहुंच सके और वे आग की चपेट में आ गए।

आग की चपेट में आने बाद चार वन कर्मियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। वन कर्मियों की मदद को चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मदद करने को दौड़ पड़े थे। ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत के बाद जंगल की आग की लपटों में फंसे चार वनकर्मियों को बमुश्किल सुरक्षित बाहर निकाल। बुरी तरह से झुलसे वन कर्मियों को नजदीकि अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बेस में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि चारों घायलों की स्थिति काफी गंभीर हैं। एक 80 प्रतिशत तक जला है, जबकि अन्य तीन भी 40 से 50 फीसदी जले हैं। इन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।

मृतकों का नाम व पता 
1दीवान राम 35 साल, फॉरेस्टगार्ड निवासी भेटुली आयरपानी अल्मोड़ा। 
2करन आर्या 21 साल, फायर वाचर, निवासी भेटुली आयरपानी अल्मोड़ा। 
3त्रिलोक मेहता 56 साल, फॉरेस्ट गार्ड, निवासी बाड़ेछीना अल्मोड़ा।
4पूरन मेहरा, उम्र 50 साल, निवासी कलौन धौलछीना अल्मोड़ा।

घायल वन कर्मियों का नाम व पता
कृष्ण कुमार-  21 साल पुत्र नारायण राम, निवासी आयारपानी। -80 फीसदी जला है। फायर वॉचर 
भगवत सिंह भोज 38 साल, पुत्र बचे सिंह, चालक निवासी अयारपानी 
कुंदन नेगी 44 साल, पुत्र प्रताप सिंह नेगी, खाकरी अल्मोड़ा, पीआरडी जवान  
कैलाश भट्ट 44 साल, पुत्र बद्री दत्त भट्ट, घनेली अल्मोड़ा दैनिक श्रमिक

अल्मोड़ा से रानीखेत तक धधके जंगल, घर जले
अल्मोड़ा, कार्यालय संवाददाता। जिले भर के जंगल वनाग्नि की चपेट में हैं। वन विभाग के जंगल हों या पंचायत के चारों ओर आग लगी हुई है। मंगलवार रात और बुधवार को जिले में 12 से अधिक वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

वनाग्नि की घटना से स्यूरा पैस्यारी कोसी में वनाग्नि की चपेट में बाखली आ गई। वहीं, रानीखेत में आग से झुलसे पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हो गई। पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे कोसी के जंगलों में लगी आग हवालबाग विकासखंड के स्यूरा पैस्यारी गांव तक पहुंच गई।

जंगल की आग तेजी से रिहायसी इलाके की ओर बढ़ने लगी। देखते ही देखते आग ने एक दो मजिला आवासीय मकान (बाखली) को अपनी चपेट में ले लिया। बाखली में धधकी आग को देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। आग लगने की सूचना फायर सर्विस को दी गई।

सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी महेश चंद्र के निर्देशन में फायर सर्विस टीम ने मौके पर पहुंच एमएफई से पंपिंग कर तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक बाखली में रखा सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि मकान में रखा घरेलू सामान, लकड़ी, तख्ते, बल्ली आग की भेट चढ़ गए। टीम में उमेश सिंह, देवेंद्र गिरी, भुवन कुमार, कैलाश सिंह, कल्पना, लीला रहे।

कालिका मंदिर तक पहुंची आग
ताड़ीखेत के ग्राम मल्ला विशुवा में मंगलवार देर रात आग लग गयी। आग कालिका मंदिर तक पहुंच गई। ग्राम प्रधान ईश्वर प्रकाश जोशी ने सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने दो घंटे में आग पर काबू पाया। यहां सतीश जोशी, हिमांशु जोशी, नवीन जोशी, मनोज जोशी, हरीश रहे।

बबरखोला का जंगल जला
रानीखेत में मंगलवार रात लगी आग से बबरखोला के जंगल को काफी नुकसान पहुंचा है। फायर यूनिट ने आग पर काबू पाया। यहां संदीप सिंह, राजकुमार, चांद थापा रहे।

बागेश्वर में भी धधकी जंगलों में आग 
बागेश्वर जिले में जंगलों की आग से टेंशन हो रही है। मंगलवार को पालनीकोट के जंगल में आग लगी वहीं बुधवार को कपकोट के अनर्सा के जंगल धधक गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया। लोगों का कहना है कि इस बार जंगल अधिक जलने से वातावरण में भी धुंध फैली रही। उन्होंने वन विभाग से जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

रानीखेत में भी वनाग्नि से आफत 
क्षेत्र के पाण्डेकोटा में वनाग्नि से झुलसे पेड़ गिर गए। इससे आवाजाही बाधित हो गई। आसपास के लोगों ने पेड़ गिरने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची फायर टीम ने पेड़ों को निस्तारित करने का काम शुरू कर दिया। टीम ने पेड़ों के टुकड़े कर मार्ग से हटाए। यहां उत्तम सिंह रावत, देवेंद्र सिंह, अनुज शर्मा रहे।