former chief minister harish rawat tries to restore relation with congress activists in uttarakhand - पुराने कांग्रेसियों से मेल-मुलाकात में जुटे हरीश रावत DA Image
15 नबम्बर, 2019|10:14|IST

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पुराने कांग्रेसियों से मेल-मुलाकात में जुटे हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही चुनाव मैदान में पराजित हो गए हों, लेकिन उन्होंने सियासी जंग में हार नहीं मानी है। वे अब पुराने कांग्रेसियों से मेल मुलाकात के अभियान में जुट गए हैं। इसके जरिए कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के प्रयास के साथ-साथ वे कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे लोगों को सक्रिय करने के काम में लग गए हैं। रावत बुधवार को देहरादून में तीन पुराने कांग्रेसियों से मिले। इनमें से कुछ ऐसे हैं, जो पहले कांग्रेस में लगातार सक्रिय रहते थे। लेकिन अब सक्रिय नहीं रहते। रावत ने बातचीत करके उनकी राय भी जानी। नेहरू ब्रिगेड के संतराम से मिलकर पूर्व सीएम ने पुरानी यादें ताजा कीं। संतराम पहले नेहरू का जन्मदिवस हर साल उत्साह से मनाते थे। कांग्रेस नेता ने बताया कि बाकायदा इसके लिए एक कार्यक्रम किया जाता था। कैन्टोन्मेंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद अली व एक समय लगातार पार्टी के लिए सक्रिय रहने वालीं कृष्णा शर्मा के घर जाकर उनसे भी मुलाकात की। रावत ने कहा कि पुराने कांग्रेस नेताओं से मिलने का उद्देश्य अपनी जड़ों से जुड़ने जैसा है। इससे पार्टी में एक तारतम्य बनाने में सहायता मिलेगी और बुजुर्ग नेताओं का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इससे पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी।

 

उत्तराखंड कांग्रेस की राहुल गांधी से इस्तीफा न देने की अपील
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से इस्तीफा वापस लेने की अपील की है। साथ ही कहा कि संगठन उनके साथ है और इस चुनौतीपूर्ण समय में देश को उनकी जरूरत है। कांग्रेस भवन में बुधवार दोपहर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस्तीफे से उपजी परिस्थितियों पर चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद पर यथावत रहें और इस्तीफा वापस ले लें। इस चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस को उनके नेतृत्व की जरूरत है। बैठक के बाद प्रीतम ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यह उत्तराखंड के हर कांग्रेसी की इच्छा है कि राहुल यथावत उनका नेतृत्व करें। हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। हम हारे हैं, पर विचलित नहीं हुए हैं। हम नए संकल्प के साथ जनता के बीच जाएंगे। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इन चुनौतियों का डटकर सामना करेगी। राहुल गांधी ने चुनाव से पहले जिस तरह से काम किया और वह पूरे विपक्ष की आवाज बने, उसकी और ज्यादा जरूरत अब पूरे देश को है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी कहा कि यह मुश्किल घड़ी है और एक-एक कार्यकर्ता राहुल गांधी के साथ खड़ा है। इस मौके पर पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, विजयपाल सजवाण, विजय सारस्वत, सूर्यकांत धस्माना, गिरीश पुनेड़ा, लालचंद शर्मा,दीप बोहरा, सूरत सिंह नेगी, गिरीश पुनेड़ा, प्रभुलाल बहुगुणा समेत अन्य मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश, डॉ.आरपी रतूड़ी, करन माहरा व अन्य नेताओं से फोन पर प्रस्ताव पर सहमति ली गई।  

 

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