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राज्य सरकार के खिलाफ किसान निकालेंगे क्रांति यात्रा

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किसानों की कर्ज माफी समेत नौ मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की अगुवाई में किसान हरिद्वार से लेकर दिल्ली संसद भवन तक क्रांति यात्रा निकालेंगे। 23 सितंबर को हरिद्वार से शुरू होने वाली यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के किसान शामिल होंगे। जब तक समस्याओं का निस्तारण नहीं होगा तब तक किसान संसद भवन के बाहर ही डटे रहेंगे। यह बात भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जूना अखाड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया क्रांति यात्रा हरिद्वार में रोड़ी बेलवाला स्थित महात्मा महेंद्र टिकैत से शुरू होगी। पतंजलि, रुड़की, मंगलौर, मुजफ्फरनगर, खतौली, मेरठ और गजियाबाद में यात्रा के दस पड़ाव होंगे। यात्रा में उत्तराखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंद्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश के हजारों किसान शामिल होंगे। यात्रा दो अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी। राकेश टिकैत ने बताया कि सरकार किसानों और लघु व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। सरकार की किसान विरोधी नितियों के कारण देश का किसान कर्ज तले दबकर आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं का लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिल रहा है। बड़े कंपनियों के छोटे बाजारों में उतरने से लघु व्यापारी घर बैठ जाएंगे। कहा कि एनजीटी की आड़ में सरकार ने दस साल पुराने ट्रैक्टरों पर रोक लगा दी है। ऐसे में किसान पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। टिकैत ने बताया कि फसल बीमा योजना को किसानों को राहत पहुंचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

कहा कि किसानों की कर्ज माफी, मुफ्त बिजली, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने, किसानों को पांच हजार पेंशन, किसानों की आय सुनिश्चित करने, दस साल पुराने ट्रैक्टर को बंद करने के कानून में संसोधन की मांगों के निस्तारण तक संसद भवन के बाहर किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, प्रभारी मुफ्ती मासूम अली, जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री, नगर अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महंत त्रिकालदर्शी, अर्जुन सैनी, पुष्पेंद्र कश्यप, निशांत चौधरी, चंचल सिंह, अमित सैनी, ईरशाद, ओमप्राकश आदि मौजूद रहे।

पंतजलि होगा किसानों का पहला पड़ाव
भाकियू (टिकैत) की क्रांति यात्रा को बाबा रामदेव के सर्मथन के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि आश्रम सबका होता है। और बाबा रामदेव भी तो किसान ही हैं। टिकैत ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर बाबा रामदेव किसानों को योग भी कराना चाहें तो किसान तैयार हैं।

बीएमडब्लयू और ट्रैक्टर का टायर पर एक समान जीएसटी
राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि उपकरण जीएसटी के दायरे से बाहर होने चाहिए। लक्जरी बीएमडब्लयू और ट्रैक्टर के अगले पहिए पर सरकार एक समान जीएसटी ले रही है।

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  • Web Title:Farmers will start Kranti yatra against state government