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Hindi News उत्तराखंडझुलसती गर्मी में जंगलों की आग को बुझाना बना मुसीबत, अल्मोड़ा में 4 वन कर्मियों की हो चुकी मौत 

झुलसती गर्मी में जंगलों की आग को बुझाना बना मुसीबत, अल्मोड़ा में 4 वन कर्मियों की हो चुकी मौत 

पुलिस, एसडीआरएफ और राजस्व विभाग की विभिन्न टीमें भी यहां आग बुझाने में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि बिनसर में तेज हवाओं से जंगल की आग और अधिक भड़क रही है। अल्मोड़ा में चार की मौत हो चुकी है।

झुलसती गर्मी में जंगलों की आग को बुझाना बना मुसीबत, अल्मोड़ा में 4 वन कर्मियों की हो चुकी मौत 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमSun, 16 Jun 2024 03:31 PM
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अल्मोड़ा में बिनसर के अभयारण्य क्षेत्र की आग तीन दिन के बाद शनिवार को भी नहीं बुझ पाई है। आग बुझाने के प्रयास में बीते गुरुवार को चार कार्मिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। शनिवार को भी वायु सेना के दो हेलीकॉप्टरों ने सुबह और शाम की शिफ्ट में भीमताल की झील से पानी लिफ्ट किया और आठ से नौ चक्कर लगाकर पानी का छिड़काव किया लेकिन आग नहीं बुझ पाई।

उधर, पिथौरागढ़ के हुड़ेती क्षेत्र के जंगल में शनिवार को लगी भीषण आग बुझाने में क्षेत्र के तीन युवाओं के हाथ झुलस गए। बिनसर अभयारण्य क्षेत्र धधक रहे जंगल की आग अब तक पूरी तरह से काबू में नहीं आ पाई है। शनिवार को वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों ने यहां पानी के छिड़काव के लिए मोर्चा संभाला।

सुबह और शाम की शिफ्ट में दोनों हेली ने भीमताल की झील से करीब 10 हजार लीटर पानी लिफ्ट कर बिनसर के धधकते जंगल पर छिड़काव किया। लेकिन आग अब भी पूरी तरह से काबू में नहीं आई है। नैनीताल के एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि दो शिफ्टों में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने शनिवार को भीमताल की झील से पानी भरकर बिनसर के जंगल में छिड़काव के लिए आठ से नौ चक्कर लगाए।

उधर, पुलिस, एसडीआरएफ और राजस्व विभाग की विभिन्न टीमें भी यहां आग बुझाने में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि बिनसर में तेज हवाओं से जंगल की आग और अधिक भड़क रही है। इसके साथ ही बिनसर अभयारण्य क्षेत्र से सटे मटेना का जंगल भी दो दिन से धधक रहा है।

इसके अलावा अल्मोड़ा में आईटीआई, लोधिया, कालीमठ और रानीखेत क्षेत्र में सोनी के जंगल में शनिवार को आग धधक उठी। इस पर ढाई से तीन घंटे में काबू पाया जा सका। इन चारों जगह आग से करीब तीन हेक्टेयर जंगल को नुकसान का अनुमान है। वहीं बागेश्वर जिले में शनिवार को आग की बैजनाथ फॉरेस्ट रेंज में एक घटना हुई, जिस पर वन विभाग और पुलिस की टीम ने काबू पा लिया।

पिथौरागढ़ में आग बुझाने में 3 युवाओं के हाथ झुलसे
पिथौरागढ़ में हुडेती स्थित कौशल्या देवी मंदिर से सटे जंगलों में शनिवार को भीषण आग लग गई। वन विभाग के कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय युवाओं ने जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया। आग बुझाने के प्रयास में तीन युवाओं के हाथ मामूली रूप से झुलसे हैं। वहीं तीन-चार युवाओं के हाथ में कांटेदार टहनियों से खरोंचे आई हैं।

चम्पावत में क्वैराला घाटी के सिमाड़ गांव का जंगल भी शनिवार को आग की चपेट में आ गया। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। लोहाघाट शहर से लगे फोर्ती वन पंचायत के अद्वैत आश्रम मायावती-झलानदेव के जंगलों में चार दिन से लगी आग नियंत्रण में नहीं आ पाई है। शुक्रवार की रात यहां आग फिर भड़क गई।