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उत्तराखंडभारत-नेपाल सीमा विवाद: नेपाल महापालिका के संरक्षण में हुआ था नोमैंस लैंड में कब्जा

हिन्दुस्तान टीम, चम्पावत। नवीन भट्टPublished By: Himanshu Kumar Lall
Sat, 01 Aug 2020 03:23 PM
भारत-नेपाल सीमा विवाद: नेपाल महापालिका के संरक्षण में हुआ था नोमैंस लैंड में कब्जा

चम्पावत जिले में टनकपुर से लगी भारत-नेपाल सीमा के नोमैंस लैंड में कब्जा जमाने के मामले में खुफिया एजेंसियों को कई चौकाने वाली जानकरियां मिली हैं। जांच में पता चला है कि नोमैंस लैंड पर अतिक्रमण नेपाल के कंचनपुर जिले की महापालिका और मेयर सुरेंद्र बिष्ट के संरक्षण में हुआ।

जिसके लिए बाकायदा करीब 49 लाख रुपये की फंडिंग भी की गई थी। मेयर सुरेंद्र नेपाल के नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली के करीबी माने जाते हैं।  बीते 22 जुलाई को टनकपुर से लगी भारत-नेपाल सीमा स्थित नोमैंस लैंड पर करीब 150 नेपाली नागरिकों ने एक बड़े हिस्से में तारबाड़ कर ढ़ाई हजार से अधिक पौधे लगा दिए हैं।

एसएसबी और चम्पावत जिला प्रशासन के कड़े विरोध पर भी अतिक्रमणकारी नेपाल एपीएफ की नाक के नीचे तीन दिनों तक विवादित स्थल में तारबाड़ और पिलर लगातेे रहे। सीमा पर तैनात एसएसबी अब तक केंद्रीय दिशा-निर्देश के इंतजार में है। इस बीच खुफिया एजेंसियों को नो मैंस लैंड पर अतिक्रमण के पीछे नेपाल का हाथ होने के प्रमाण मिले हैं। जिसकी जांच उच्चस्तरीय अधिकारियों ने शुरू कर दी है।

 

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नेपाली पीएम ओली के करीबी माने जाते हैं मेयर 
खुफिया जांच में सामने आया है कि तारबाड़ और पौधरोपण की आड़ में नोमैंस लैंड पर कब्जे की अगुवाई नेपाल के कंचनपुर के मेयर सुरेंद्र बिष्ट कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा के सरकार ने पौधरोपण, तारबाड़ आदि कार्य के लिए 49 लाख रुपये का बजट भी जारी किया था। मेयर सुरेंद्र नेपाल कम्युनिस्ट विचारधारा के बड़े नेता हैं। प्रधानमंत्री केपी ओली से उनके मजबूत संबंध माने जाते हैं। 


ब्रह्मदेव के पास जिसे नोमैंस लैंड बताया जा रहा है वह नेपाल की भूमि हैं। वहां पूर्व में नेपाली नागरिक घास काटते थे। साथ सरकार को भूमि कर भी देते हैं। इसी को देखते हुए कंचनपुर महापालिका नेपाल की जमीन पर पौधरोपण और तारबाड़ आदि का कार्य करा रही है, जोकि कतई गलत नहीं है। दोनों देशों की सरकारों को सीमा विवाद का मामला मिलकर जल्द सुलझाना चाहिए।
माधव जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष, उद्योग वाणिज्य संघ कंचनपुर नेपाल

नोमैंस लैंड पर तारबाड़ और पौधरोपण के लिए नेपाल में करीब 49 लाख का बजट भी जारी किया गया था। जांच में सामने आया है कि नेपाल के लोकल बॉडीज भी इस कार्य में शामिल हैं। विवाद सुलझाने की कोशिशें जारी है। इसके लिए अगले मंगलवार को कंचनपुर और चम्पावत प्रशासन के अधिकारियों की बैठक तय हो गई है।    
लोकेश्वर सिंह, एसपी चम्पावत

 

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