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Exam Tips: परीक्षा की तैयारी के बीच तनाव मुक्त रहें बच्चे, जानें किन बातों का रखें खास ख्याल VIDEO

लाइव हिन्दुस्तान टीम, देहरादूनPublished By: Himanshu
Thu, 06 Feb 2020 05:42 PM
Exam Tips: परीक्षा की तैयारी के बीच तनाव मुक्त रहें बच्चे, जानें किन बातों का रखें खास ख्याल VIDEO

छात्रों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि परीक्षा की तैयारी कैसे की जाए कि बेहतर नंबर आएं। छात्रों के इसी प्रकार के सवालों के जवाब  बुधवार को ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से रेसकोर्स स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘हिन्दुस्तान एग्जाम टिप्स’ में मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली, सीनियर न्यूरो साइकोलॉजिस्ट डॉ.सोना कौशल गुप्ता और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स की प्रधानाचार्य प्रतिभा अत्री  ने दिए। विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने को लेकर भी टिप्स दिए...

‘हिन्दुस्तान एग्जाम टिप्स’ में विशेषज्ञों ने कहा कि परीक्षा की तैयारी के लिए बेहतर माहौल जरूरी है। साथ ही यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि परीक्षा में आपने सौ प्रतिशत दिया कि नहीं। ऐसे में छात्रों के लिए जरूरी है कि उन्होंने सालभर जो पढ़ाई की है, उसके आधार पर तनावमुक्त होकर प्रश्नपत्र को हल करें। आसान और सरल प्रश्नों के उत्तर पहले लिखें। इसके अलावा जो कठिन लगे उसे छोड़ें नहीं। बल्कि पहले ठीक से समझ लें, उसके बाद उत्तर लिखना शुरू करें। 
उन्होंने कहा कि छात्र टाइम मैनेजमेंट का ख्याल जरूर रखें और पूरा फोकस इस बात पर रखें कि तय समय में सबसे बेहतर प्रदर्शन करना है। परीक्षा से पहले छात्र तनावमुक्त होने के लिए हमेशा एक विनर की तरह सोचें। साथ ही माता-पिता अपने बच्चों का उत्साहवर्धन करते रहें। फिर आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं के सवालों का विस्तार से जवाब दिया। 

छात्र इन बातों का रखें खास ख्याल 

  • छात्र परीक्षा केंद्र का एक बार तय तिथि से पहले दौरा जरूर कर लें, जाम आदि का जायजा ले लें। 
  •     छात्र परीक्षा संबंधित कोई भी सामग्री एक पारदर्शी पाउच में ले जा सकेंगे। 
  •     छात्र परीक्षा केंद्र में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। 
  •     उत्तर पुस्तिका में छात्र अपना रोल नंबर ध्यानपूर्वक लिखें। 
  •     परीक्षा के संबंध में कोई भी मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो तो उसका विश्वास न करें, बल्कि पुख्ता जानकारी के लिए सीबीएसई की         आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल प्रबंधन की मदद लें। 
  •     प्रश्नपत्र में किसी भी तरह की त्रुटि पाए जाने पर छात्र नियमानुसार स्कूल प्रबंधन व सीबीएसई को तत्काल अवगत करवाएंगे। 
  •     छात्र यह सुनिश्चित कर लें कि एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही है। 


परीक्षा तैयारी पर भारी न पड़ जाए ‘पबजी’ गेम
देहरादून। बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं और कई छात्र पबजी जैसे गेम खेलने में व्यस्त हैं। पबजी ने अभिभावक और शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग जल्द पबजी को लेकर एडवाइजरी जारी करने जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों से ज्यादा अभिभावकों को बच्चों की दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपका बच्चा भी मोबाइल पर पबजी जैसे गेम खेलने में ज्यादा व्यस्त रहता है तो भविष्य में इसके घातक परिणाम हो सकते हैं। गेम की लत की वजह से कई छात्र पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षाएं संपन्न होने तक बच्चों का मोबाइल से दूर ही रखें तो बेहतर होगा। एक आवासीय स्कूल की शिक्षक ने बताया कि उन्होंने कुछ छात्रों को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। यह देखकर वह दंग रह गइंर् कि छात्र ने अपना मोबाइल छिपाने के लिए हॉस्टल के पीछे गड्ढा खोद रखा था। 


परीक्षाओं के दौरान छात्रों को सोशल मीडिया एवं मोबाइल से दूरी बनानी चाहिये। अभिभावकों को भी इस ओर ज्यादा ध्यान देना चाहिये। पुराने प्रश्न पत्रों को हल कराकर बच्चों को तैयारी कराएं। सीबीएसई की ओर से भी इस संबंध में एक एडवाइजरी तैयार कराई जा रही है। जिसे जल्द जारी किया जाएगा।
रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई 


अभिभावक रोल मॉडल बनें
सबसे बड़ी जरूरत इस बात की है कि माता-पिता छात्र- छात्राओं के लिए खुद रोल मॉडल बनें। ये परीक्षा का समय है। पहले माता-पिता अपने मोबाइल खासकर बच्चों की परीक्षाएं संपन्न होने तक एक निश्चित समय के लिए खुद से दूर रखने की आदत डाल लें। ताकि वह बच्चों के साथ समय बिता सकें और उन्हें तनावमुक्त रहने में मदद कर सकें। माता-पिता बच्चे की रुचि का विशेष ख्याल रखें। परीक्षा के दिनों में बच्चों को जंक फूड बिल्कुल नहीं खाने दें। और हां अभिभावक छात्र-छात्राओं को अच्छे छात्र के साथ बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करते रहें। 
आशारानी पैन्यूली, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून 

समय प्रबंधन का ध्यान रखें
‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र को इस बात के लिए बधाई देना चाहूंगी कि परीक्षाएं शुरू होने से पहले उनकी ओर से छात्र-छात्राओं के विशेष तौर पर एग्जाम टिप्स कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। छात्रों को चाहिए कि परीक्षाओं को लेकर जो विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है, उसका अध्ययन करें और पालन करें। अपना प्रश्नपत्र हल करने के दौरान पूरी तरह से फोकस रहें और निर्धारित समय के भीतर हर प्रश्न का उत्तर लिखने के लिए टाइम मैनेजमेंट का ख्याल रखें। अभिभावक ध्यान रखें कि प्रत्येक छात्र परीक्षा के दिन आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र में पहुंच जाएं। 
प्रतिभा अत्री, प्रधानाचार्या एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स 

लिखकर पढ़ने का अभ्यास करें
प्रत्येक छात्र के लिए जरूरी है कि वह पूरी तरह से तनाव मुक्त रहे। परीक्षाएं देना तो अच्छी बात है। यह वह समय है जब सालभर की गई पढ़ाई के बाद छात्र के पास परीक्षा देकर अच्छे अंक प्राप्त कर आगे बढ़ने का अवसर होता है। छात्र-छात्राओं को चाहिए कि वह सबसे पहले अपना टाइम टेबल तैयार कर लें। तय करें कि दिनभर में कितने समय उन्हें पढ़ाई करनी है। खेलने व भोजन आदि के लिए कितना समय देना है। सभी बोलकर लिखकर पढ़ने का अभ्यास करें। डाइट पर भी ध्यान दें, स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। 
डॉ.सोना कौशल गुप्ता, सीनियर न्यूरो साइकोलॉजिस्ट एवं निदेशक परी फाउंडेशन 

छात्रों के सवाल-विशेषज्ञों के जवाब
सवाल : परीक्षा में समय के हिसाब से प्रश्न अधिक होते हैं, समय का सदुपयोग कैसे करें। 
आयुष पांडे 
जवाब : सबसे पहले सरल प्रश्न का उत्तर लिखना चाहिये। उसके बाद कठिन प्रश्न का उत्तर लिखें। कठिन प्रश्न में समय व्यर्थ गंवाने से अन्य प्रश्न के उत्तर जल्दबाजी में गलत हो सकते हैं। जो प्रश्न नहीं आते हैं, उनको बाद में हल करना चाहिए। 

सवाल : प्रश्न पत्र हाथ में आते ही घबराहट होने लगती है। क्या करना चाहिए। 
मोहम्मद अदनान 
जवाब :
प्रश्नपत्र मिलने के बाद पांच मिनट तक दिमाग को संतुलित बनाना चाहिये। पांच मिनट बाद प्रश्न पत्र को पढ़ना चाहिये।  कई बार घबराहट की वजह से जिस प्रश्न का उत्तर आता है। छात्र वह भी भूल जाता। 

सवाल : पढ़ती बहुत हूं, लेकिन परीक्षा में अच्छे नंबर नहीं आते। 
अराध्या डोभाल 
जवाब : जिस प्रश्न का उत्तर पढ़ते हैं। उसका दिमाग में एक चित्र बनाना चाहिये। पढ़ाई के वक्त इधर - उधर की बातों में ध्यान नहीं देना चाहिये। जो पढ़ा है उसकी चर्चा दूसरों से करें। आप कभी भी उसको भूल नहीं सकते। यही सरल तरीका है। 

सवाल : पढ़ाई के समय ध्यान भटक जाता। 
अनुकृति बिजल्वाण
जवाब : पढ़ाई के समय टीवी, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया से दूर रहना चाहिए। शोरगुल वाले माहौल में पढ़ाई नहीं करनी चाहिये। एक अध्याय को चालीस मिनट का समय दें। उसके बाद एक घंटे किताब से दूर रहना चाहिये। दूसरों से भी चर्चा करें। 

सवाल : परीक्षा शुरू होते ही भूख नहीं लगती है। 
आकांक्षा चौहान
जवाब : भूख न लगने की सबसे बढ़ी वजह चिंता है। इसलिये परीक्षा को बोझ नहीं समझना चाहिये। इसका सीधा प्रभाव दिमाग पर पढ़ता है। जब भी चिंता सताने लगती है। तो अभिभावकों से खुलकर बात करें। इसका एक ही इलाज है। जिससे दिमाग का संतुलन बना रहे। 

सवाल : परीक्षा शुरू होते ही तनाव में आ जाती हूं। 
अंजली पाल
जवाब : ऐसा नहीं, परीक्षा को बोझ नहीं समझना चाहिये। साल में जो भी पढ़ा है। उसको दोहराना चाहिये। सात घंटे की नींद पूरी करनी अति आवश्यक है। जिससे दिमाग संतुलित रहे। परीक्षा कक्ष में बैठने से पहले अपने आप को सहज बनाये रखें। 

सवाल : परीक्षा के वक्त पढ़ाई से ध्यान भटने लगता है।
आयुष जगूड़ी
जवाब : परीक्षा को बोझ नहीं समझना चाहिये। दिमाग के इधर- उधर भटकने की सबसे बड़ी वजह है चिंता, साल भर में जो भी पढ़ा है उसको दोहराना चाहिये। ऐसे वक्त पर परिवार की मदद लेना जरूरी है। जिससे आप तनाव मुक्त रहें और परीक्षा अच्छे से दे सकें। 

सवाल : इतिहास में अच्छे नंबर नहीं आते, समझने में भी दिक्कत होती है। 
रोहित शर्मा
जवाब : इतिहास पढ़ने का सरल तरीका है कि प्रमुख घटनाओं को लिख लें। इसके बाद उसके नीचे अंडर लाइन करें। कॉपी के पन्ने भरने से नंबर अच्छे नहीं आते हैं। परीक्षक को समझने और अच्छे नंबर लाने का यह सबसे आसान तरीका है। 

ध्यान रखें 
मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली के अनुसार कभी भी टहल कर या फिर छत पर चढ़कर तैयारी न करें। ऐसे में बाहरी दृश्यों के चलते एकाग्रता भंग हो सकती है। 

सहज रहें 
सीनियर न्यूरो साइकोलॉजिस्ट डॉ.सोना कौशल गुप्ता के अनुसार परीक्षा की तैयारी के दौरान शिक्षक और अभिभावक बच्चों के लिए अहम कड़ी होते हैं। वे उनके साथ सहज भाव रखें। 

समय दें
एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स की प्रधानाचार्य प्रतिभा अत्री के अनुसार छात्र प्रश्नपत्र को हल करने के दौरान फोकस रहने के साथ ही टाइम मैनेजमेंट का भी ध्यान रखें। 


 

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