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25 नवंबर, 2020|10:36|IST

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हैरानी: शिक्षकों के 60 मुद्दों की समीक्षा को मंत्री अरविंद पांडे ने 89 मिनट में निपटा डाला

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अच्छा-अच्छा, आगे बढ़िए, मीनाक्षी जी और उनियाल जी, इस विषय की समीक्षा कर लीजिए। ठीक है, ठीक है, कार्रवाई करेंगे। चलिए, आगे बढ़िए, समय नहीं है। चार प्रमुख शिक्षक संगठनों संग बैठक को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कुछ इसी अंदाज में निपटाया। शिक्षकों के कई वर्षों से लंबित 60 मुद्दों को 89 मिनट में ही सुनते-न-सुनते कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए। विस्तार से चर्चा की उम्मीद में आए शिक्षक, मंत्री को टी-20 मैच के अंदाज में देख हैरान होकर लौटे। सचिवालय में मंत्री ने राजकीय प्रधानाचार्य परिषद, जू.हा. शिक्षक संघ, प्राथमिक संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ के साथ चर्चा की थी।


बताइये, आपको क्यों दे सरकार प्रमोशन ! 
मंत्री ने प्रमोशन में शिथिलता मांग रहे राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट की खिंचाई भी की। बिष्ट ने जैसे ही बोलना शुरू किया, मंत्री ने सवाल दागा-कहां तैनात हैं? बिष्ट बोले-जी डोभालावाला जीआईसी में। आपके स्कूल में कितने छात्र हैं? जी डेढ़ सौ। टीचर कितने हैं? जी सत्रह। मंत्री ने कहा कि प्रमोशन में रियायत क्यों दें? शिक्षा की बेहतरी के लिए क्या किया? प्रमोशन इसलिए दूं कि नौकरी का तय समय पूरा किया है? ऐसा नहीं होगा। 


तबादला प्रक्रिया पर सवाल
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने तबादला प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि  धारा-27 में मनमाने तबादले हो रहे हैं। दांपत्य नीति के तहत तबादले हो रहे हैं तो सभी अपने पति-पत्नी को देहरादून ही लाना चाहते हैं। सचिव ने कहा कि बताइये कि कौन-सा तबादला गलत हुआ। उसे संशोधित करेंगे। फिर दिग्विजय बोले, प्रमोशन के पदों पर दूसरे जिलों से तबादले न हों।


आंदोलन के लिए चेताया
अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों को तीन माह से वेतन न मिलने का मुद्दा उठाकर माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अनिल शर्मा और जगमोहन रावत ने अफसरों पर लापरवाही का आरेाप लगाया। मंत्री ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। इसके बार शिक्षक, वित्त सचिव सौजन्या से भी मिले। फिर संघ पदाधिकारी निदेशालय पहुंचे और जेडी बीएस नेगी को ज्ञापन दिया। बोले, रविवार तक वेतन जारी न हुआ तो सोमवार से धरना शुरू होगा।


पुरानी पेंशन के विवाद में अफसरों की कमेटी बनाई  
देहरादून। 2005 में विलंब से नियुक्ति की वजह से पुरानी पेंशन योजना से वंचित शिक्षकों की समस्या के हल के लिए सरकार ने शिक्षा-वित्त विभाग के अफसरों की कमेटी गठित कर दी। यह कमेटी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाने के लिए रास्ता तलाशेगी। चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पर एक इंक्रीमेंट और कनिष्ठ-वरिष्ठ की वेतन विसंगति का विवाद हल करने के लिए भी शिक्षा सचिव को कार्यवाही के लिए कहा गया। शिक्षक संगठनों के साथ बैठक में मंत्री अरविंद पांडे ने ये निर्देश दिए। विद्यालय शिक्षा परिषद की 27 सदस्यीय समिति के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों को वेतन जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए। मेडिकल बिल लंबित रहने पर भी मंत्री ने कहा, बजट होने के बावजूद शिक्षकों को भटकना पड़ रहा तो यह गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सभी देयकों और रिटायर कर्मियों के देयकों के भुगतान के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

शिक्षा मंत्री के निर्देश
-प्रथम नियुक्ति, प्रमोशन और तबादलों में काउंसलिंग की व्यवस्था
-शिक्षकों के प्रमोशन समय पर हो, यूएसनगर में जल्द हो कार्यवाही
-शिक्षकों पर नियुक्ति पूर्व आंदोलन करने पर दर्ज हुए मुकदमों की वापसी
-तबादलों में कुछ और रियायतों के लिए तबादला ऐक्ट में संशोधन होंगे
-विभागीय नियमावलियों की समीक्षा करके वक्त की जरूरत के अनुसार बदलाव किया जाएगा

मंत्री ने भी माना नहीं हो पा रही है ऑॅनलाइन पढ़ाई 
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने स्वीकार किया कि ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई प्रभावी रूप से नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चे ज्यादा पढ़ाई करते हैं। सभी के पास महंगे स्मार्टफोन हो, यह मुमकिन नहीं है। बहरहाल, उत्तराखंड के बच्चे पढ़ाई में पीछे नहीं छूटें, इसके लिए दूरदर्शन और रेडियो के जरिए छात्रों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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  • Web Title:education minister arvind pandey reviews teachers association meeting in 89 minutes