DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उत्तराखंड: शिक्षा-स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी नहीं

उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में अभी आवश्यक सुविधाओं को भी नहीं जुटाया जा सका है। शिक्षा के बजट में हर साल इजाफा हुआ है। लेकिन बजट प्रतिशत पहले के मुकाबले कम हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं में भी खासी कमियां हैं। स्वास्थ्य के लिए राज्य में बजट आवंटन भी कम है।  आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार शिक्षा के लिए राज्य के बजट में 2010-11 में 22 प्रतिशत राशि रखी गई थी। जो 18-19 में 19 प्रतिशत हो गया था। राज्य के 15 से 29 साल के 10 प्रतिशत लोग  निरक्षर हैं। आज भी दो प्रतिशत स्कूलों में मिड डे मील पकाने के लिए रसोई नहीं है। 13 प्रतिशत स्कूलों में पीने का पानी, दो प्रतिशत स्कूलों में शौचालय, 18 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय नहीं है। इसी तरह 14 प्रतिशत स्कूलों में बिजली नहीं है और महज दस प्रतिशत स्कूलों में ही कंप्यूटर की सुविधा है। 


उत्तराखंड से बेहतर हिमाचल : स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकारों का ध्यान नहीं रहा। पिछले तीन बजटों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महज छह-सात फीसदी बजट दिया गया। सर्वेक्षण में इस राशि को नाकाफी बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग में सभी संवर्गों के पांच हजार से अधिक पद खाली हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में उत्तराखंड की स्थिति हिमाचल से खराब है। हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में प्रति एक लाख की आबादी पर 156 बेड हैं। जबकि उत्तराखंड में प्रति एक लाख की आबादी के लिए 92 बेड ही मौजूद हैं। शिशु मृत्युदर, टीकाकरण, लिंगानुपात जैसे मामलों में भी राज्य की स्थिति में बहुत अच्छी नहीं है।

छह माह से पांच साल तक के 60 प्रतिशत बच्चे बीमार 
राज्य में छह माह से 59 माह तक की उम्र के 60 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी है। जबकि 15 वर्ष से 49 वर्ष आयु की 45 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। इसी आयु वर्ग की 45 गर्भवती महिलाओं में भी खून की कमी है। राज्य में 17 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित हैं। 

आर्थिक सर्वेक्षण राज्य के विकास का मजबूत आधार है। यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर बढ़ते राज्य की तस्वीर पेश करता है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। छह महीनों में ही 17 वर्षों के बराबर निवेश आया है। इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। 
त्रिवेंद्र रावत, मुख्यमंत्री 

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:education and health is in poor condition in uttarakhand