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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडदुल्हन लेने जा रहे दूल्हे ने रास्ते में रुकवाई गाड़ी, बारातियों संग सड़क पर दिया धरना, यह है पूरा मामला

दुल्हन लेने जा रहे दूल्हे ने रास्ते में रुकवाई गाड़ी, बारातियों संग सड़क पर दिया धरना, यह है पूरा मामला

उत्तराखंड में सड़कों का बुरा हाल है। खराब सड़क की वजह से बारातियों को काफी परेशानी हुई। बारात लेकर घर से निकले दूल्हे ने अपनी मांग को पूरा करने के लिए धरना दिया। दुल्हन को इंतजार करना पड़ा।

दुल्हन लेने जा रहे दूल्हे ने रास्ते में रुकवाई गाड़ी, बारातियों संग सड़क पर दिया धरना, यह है पूरा मामला
Himanshu Kumar Lallहल्द्वानी, कार्यालय संवाददाताTue, 06 Dec 2022 08:23 PM

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उत्तराखंड में सड़कों का बुरा हाल है। खराब सड़काें की वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन, आज  मंगलवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खराब सड़क को देखकर बारात लेकर जा रहे दूल्हे का पारा चढ़ गया। शादी के मंडप में पहुंचने से पहले नाराज दूल्हे ने बारातियों संग धरना दिया। तो दूसरी ओर, दुल्हन का इंतजार भी बढ़ गया।  

काठगोदाम-हैड़ाखान सड़क क्षतिग्रस्त होने के चलते 23 दिनों से बंद है। इससे 120 गांव के 50 हजार से ज्यादा लोग परेशानी झेल रहे हैं। सहालग के सीजन के चलते क्षेत्र में होने वाली शादियों के दौरान दिक्कत हो रही है। मंगलवार को कोटाबाग ब्लॉक से भीमताल विधानसभा के पसौली गांव के लिए रवाना हुई बारात क्षतिग्रस्त सड़क से पहले फंस गई।

मार्ग बंद होने की वजह से दूल्हे सहित बारातियों को गाड़ियों से उतराना पड़ा। इससे खफा दूल्हा रोहित बिष्ट रोड के मामले में उपवास कर रहे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को समर्थन देते हुए उनके साथ धरने पर बैठ गया। सांकेतिक रूप से पांच मिनट के लिए धरने पर बैठे रोहित की आंखों में शादी की खुशी के साथ मार्ग की हालत को लेकर गुस्सा भी था।

बारात में आए लोगों और बैंड वालों को करीब 280 मीटर क्षतिग्रस्त मार्ग पर जान जोखिम में डालकर दूसरे छोर पर जाना पड़ा। दूसरी तरफ दुल्हन पक्ष की ओर से की लाई गई गाड़ियों में बैठकर बाराती पसौली गांव के लिए रवाना हुए। दूल्हे रोहित ने कहा कि सड़क तीन हफ्ते से बंद है। इसे ठीक करने का इंतजाम किया जाना चाहिए था। लोगों को इससे काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी की शादी इस तरह से यादगार होती होगी।

शादी का सामान ले जाने में आई दिक्कत
बारातियों को मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से को पैदल पार करना पड़ा। ऐसे में शादी का तमाम सामन ले जाने में दूल्हे के परिजनों को परेशानी हुई। साथ ही बैंड वालों को वाद्य यंत्र ले जाने में दिक्कत झेलनी पड़ी।

रोजाना इसी प्रकार की दिक्कत झेल रही बारातें
ग्रामीणों के अनुसार भीमताल विस क्षेत्र के 120 प्रभावित गांवों में सहालग के इस सीजन 20 से ज्यादा शादियां होनी हैं। हर दूसरे दिन एक बारात या तो गांवों में आ रही है या गांव से बाहर जा रही है। लेकिन हैड़ाखान मार्ग क्षतिग्रस्त होने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है।