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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंडतीर्थ यात्रा के साथ श्रद्धालु रख सकेंगे अपनी सेहत का ख्याल, पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 230 वेलनेस सेंटर को मंजूरी

तीर्थ यात्रा के साथ श्रद्धालु रख सकेंगे अपनी सेहत का ख्याल, पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 230 वेलनेस सेंटर को मंजूरी

चारधाम यात्रियों की संख्या में रिकार्ड बढ़ोतरी और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए 230 नए आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर मंजूर किए हैं। यह पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।

तीर्थ यात्रा के साथ श्रद्धालु रख सकेंगे अपनी सेहत का ख्याल, पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 230 वेलनेस सेंटर को मंजूरी
Himanshu Kumar Lallदेहरादून। ● विमल पुर्वालMon, 04 Jul 2022 10:55 AM

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चारधाम यात्रियों की संख्या में रिकार्ड बढ़ोतरी और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए 230 नए आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर मंजूर किए हैं। इन सेंटरों की स्थापना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तो फायदा होगा ही, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार के साथ युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे।

राज्य में अभी तक आयुर्वेद के 70 वेलनेस सेंटर थे। 230 नए सेंटरों की स्थापना होने से प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही देशभर से तीर्थयात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

होम स्टे से जोड़े जाएंगे सेंटर : चारधाम यात्रियों व पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार वेलनेस सेंटरों को होम स्टे योजना से भी जोड़ने जा रही है। इसके तहत यात्रा रूट और गांवों के होम स्टे में ठहरने वाले यात्रियों को इन वेलनेस सेंटरों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। राज्य सरकार चारधाम रूट पर फुट मसाज आदि सेवाएं शुरू कर चुकी है और तीर्थ यात्रियों को इससे खासा लाभ हुआ है।

वेलनेस सेंटर पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट:वेलनेस सेंटरों की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत एलोपैथी,आयुर्वेद पद्धति के वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन सेंटरों का मकसद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं देना और रोगमुक्त शरीर पर फोकस करना है। वेलनेस सेंटरों पर लोगों को स्वस्थ रहने के लिए किए जाने वाले उपायों की भी जानकारी दी जाती है।

टूरिस्ट हब बन रहा उत्तराखंड: उत्तराखंड में वेलनेस सेंटरों को बढ़ाने के पीछे मुख्य मकसद यह है कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करना चाहती है। राज्य में सभी प्रकार के टूरिस्ट और तीर्थयात्रियों को मिलाकर एक साल में एक करोड़ से अधिक लोग आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से राज्य एक बड़ा टूरिस्ट हब बन सकता है।

प्रशिक्षित युवाओं को मिलेगा रोजगार
राज्य में 230 नए वेलनेस सेंटर खुलने के बाद आयुर्वेद के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इन केंद्रों पर आयुर्वेदिक डॉक्टर या स्टाफ नर्स को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा योग और पंचकर्म के लिए भी सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। एक सेंटर पर तीन कर्मचारियों की नियुक्ति से ही सात सौ के करीब युवाओं को नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे।

राज्य के अनुरोध पर केंद्र ने आयुष मिशन के तहत 230 नए वेलनेस सेंटर मंजूर किए हैं। इनकी स्थापना का काम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था नामित करने का काम चल रहा है। इन सेंटरों की स्थापना से आयुर्वेद को बढ़ावा मिलने के साथ ही लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे।
डॉ. पंकज पांडेय, सचिव आयुष

सेंटरों में ये सुविधाएं मिलेंगी
वेलनेस सेंटरों पर आयुर्वेदिक इलाज के साथ ही पंचकर्म, मसाज और योग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। इन सेंटरों पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती के साथ ही पंचकर्म सहायक, योग प्रशिक्षकों को भी तैनात किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग के निदेशक प्रो.अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ये 230 नए वेलनेस सेंटर मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश पर इन सेंटरों की स्थापना का काम शुरू किया जाएगा।

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