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आर्थिक सर्वेक्षण से खुली विकास के दावों की पोल

विधानसभा में रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण ने राज्य में विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। उत्तराखंड के 64 फीसदी परिवार महीने में महज पांच हजार रुपये पर गुजारा कर रहे हैं। एक साल में सिर्फ 2268 लोगों को ही रोजगार मिला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी की स्थिति आज भी खराब है। जबकि एक लाख से अधिक परिवार बिना रसोई गैस के खाना पकाने को मजबूर हैं। 

विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।  इस सर्वेक्षण में उत्तराखंड की आर्थिक, सामाजिक स्थिति का आकलन किया गया है। राज्य में विकास योजनाओं की हकीकत के साथ ही भविष्य की चुनौती और संभावनाओं का भी जिक्र किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2018-19 में राज्य की आर्थिक विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि प्रति व्यक्ति आय का आंकड़ा एक लाख 90 हजार रुपये के पार पहुंच गई है। इन दोनों ही मोर्चों पर राज्य की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। 


05 हजार रुपये से कम में गुजारा कर रहे हैं 64 फीसदी परिवार 
उत्तराखंड के 63.41 प्रतिशत परिवार महीने में पांच हजार रुपये से कम की आय पर गुजारा कर रहे हैं। 21 प्रतिशत परिवार 10 हजार रुपये महीने से कम जबकि 14 प्रतिशत लोग महीने में दस हजार से अधिक कमाते हैं। कम पैसे में गुजारा करने के मामले में उत्तरकाशी जिले की स्थिति सबसे खराब है। उत्तरकाशी के 80 प्रतिशत से अधिक परिवार इस स्थिति से गुजर रहे हैं। इस मामले में देहरादून जिले की स्थिति सबसे अच्छी है दून में 48 प्रतिशत परिवार ही पांच हजार से कम कमाते हैं। 

02 हजार 268 लोगों को ही रोजगार मिला प्रदेश में
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार इस साल राज्य में कुल एक लाख 6 हजार 721 बेरोजगार सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत हुए। प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार मेलों में कुल 9959 युवा आए इसमें से 2268 युवाओं का चयन किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति भी महज 54 प्रतिशत रही। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य के सेवा योजना कार्यालयों में कुल 8 लाख 38 हजार से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं। 

01 लाख परिवारों के पास गैस कनेक्शन नहीं
उत्तराखंड के एक लाख तीन हजार गरीब परिवारों के पास गैस कनेक्शन नहीं हैं। उज्जवला योजना के दायरे के बाहर के इन परिवारों को राज्य सरकार को अपने स्तर से गैस कनेक्शन देने थे। लेकिन 31 दिसम्बर तक 7267 परिवारों को ही गैस उपलब्ध कराई जा सकी। एक लाख से अधिक परिवार अभी भी बिना गैस के ही खाना पकाने को मजबूर हैं। 

01 हजार 230 तोकों को नहीं मिली बिजली 
सरकार की ओर से लगातार राज्य में हर घर तक बिजली पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन प्रदेश के बड़ी संख्या में तोक अभी बिजली से जुड़ने बाकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 1230 तोकों को अभी तक बिजली से जोड़ने का काम चल रहा है। जबकि 308 गांवों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। 


 

 

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  • Web Title:development activities reality was highlighted in economic survey conducted in uttarakhand