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इन्हें भूत नहीं लगा है, ये हैं डिप्रेशन के शिकार, पढ़िए पूरी खबर

depression

दून अस्पताल में गंभीर रोगों के इलाज के साथ ही डिप्रेशन के मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है। यह लोग भूत लगने का वहम पाले हुए थे। डाक्टर इसे ‘सीडो सीजर’ बीमारी कहते हैं। ऐसे कुछ मामले दून अस्पताल के मनोरोग विभाग में आए हैं। ये मामले पहाड़ों के दुर्गम इलाकों से आए हैं। काफी प्रयास के बाद भी जब ये लोग ठीक नहीं हुए तो दून अस्पताल में पहुंचे। डाक्टर इनका उपचार काग्निटिव बिहेवियर थैरेपी (सीबीटी) के जरिये कर रहे हैं।  पहाड़ों के दूरस्थ इलाकों में लोग तबीयत खराब होने पर अंधविश्वास के चलते भूत लगने का वहम पाल लेते हैं।  टिहरी और चमोली जिले के कई ऐसे लोग घरेलू उपचार के बाद ठीक नहीं हुए तो मजबूरन उन्हें मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सकों के पास दून लाया गया। ऐसे ही तीन लोगों का उपचार दून अस्पताल में मनोचिकित्सा विभाग के एचओडी डा.(कर्नल) जेएस राणा कर रहे हैं। डा. राणा के अनुसार  ऐसे लोग सीडो सीजर से पीड़ित होते है। ये एक तरह से स्वस्थ्य लोगों को होने वाला मनोरोग है। ऐसे लोग लंबे समय से हीन भावना से पीड़ित होते हैं। सही उपचार न मिलने से समस्या बढ़ जाती है। उन्हें दूसरों का ध्यान अपनी ओर चाहिए होता है। लिहाजा वो मानसिक रूप से सीडो सीजर से पीड़ित हो जाते हैं। गांव में वो आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। ऐसे मरीजों की पहले काउंसलिंग की जाती है और उसके बाद सीबीटी थैरेपी से उपचार। 

पॉश इलाकों से भी आते हैं ऐसे मरीज
देहरादून। ऐसे मरीज शहर के पॉश इलाकों से भी आते हैं। सीडो सीजर से पीड़ित मरीजों का शरीर कई बार अकड़ जाता है और आंखें चढ़ जाती हैं। ऐसे में आम लोगों को लगता है कि इंसान के शरीर पर बदलाव हो गया है। ऐसे कई मामले डाक्टरों के पास डालनवाला, राजेंद्रनगर और राजपुर रोड से आए हैं। विवाहित महिलाओं को ये बीमारी ज्यादा होती है।   
 

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  • Web Title:depression is name of disease instead of believing man is obsessed