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10 हजार भवनों के कारपेट एरिया की होगी जांच,जानिए कारण

नगर निगम टैक्स के दायरे में आ चुके 10 हजार व्यावसायिक भवनों के कारपेट एरिया की जांच होगी। व्यावसायिक भवन स्वामियों की ओर से दी गई जानकारी और निगम की जांच के आधार पर कारपेट एरिया का मिलान किया जाएगा। मिलान में अंतर आने पर संबंधित भवन स्वामी पर भारी जुर्माना लग सकता है।  
मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे ने शुक्रवार दोपहर बाद कर निरीक्षकों की बैठक बुलायी। बैठक में हाउस टैक्स को लेकर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने कर निरीक्षकों से पूछा कि क्या किसी निरीक्षक ने किसी व्यावसायिक भवन की रेंडम चेकिंग की है। क्या पता कराया कि व्यावसायिक भवन स्वामी ने फार्म में जो कारपेट एरिया दर्ज किया है वह सही है। इसका जवाब कोई नहीं दे पाया। इसके बाद मेयर सुनील उनियाल गामा ने साफ किया कि टैक्स के दायरे में आ चुके सभी व्यावसायिक भवनों की वार्डवार रेंडम चेकिंग की जाए। मेयर ने कहा कि जिसने भी कारपेट एरिया कम दिखाया होगा, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 


मेयर ने कर निरीक्षकों को एक माह में व्यावसायिक भवनों की रेंडम चेकिंग कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। मेयर ने निर्देश दिए कि जितने भी निजी स्कूलों ने टैक्स नहीं दिया है, उनके कागजात मांगकर टैक्स लगाया जाए। बैठक में उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, कर अधीक्षक विनय प्रताप आदि मौजूद रहे।  
दरबार साहिब की प्रॉपर्टी पर दो करोड़ टैक्स: नगर निगम ने दरबार साहिब की व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर भी हाउस टैक्स तय कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, दरबार साहिब के अस्पताल, मेडिकल कालेज, नर्सिंग कालेज आदि प्रॉपर्टी को व्यावसायिक दायरे में रखा गया है। नगर निगम ने कागजातों के आधार पर दरबार साहिब की प्रॉपर्टी पर दो करोड़ का टैक्स तय किया है। वसूली के लिए निगम जल्द ही नोटिस भेजेगा। दूसरी तरफ मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर डेढ़ लाख का टैक्स तय किया है।  

 

रेलवे प्रॉपर्टी पर भी लगेगा सर्विस टैक्स, नोटिस 
देहरादून। एफआरआई समेत अन्य केंद्रीय संस्थानों के बाद अब देहरादून रेलवे स्टेशन समेत रेलवे की नगर निगम क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों पर सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम ने रेलवे प्रशासन को नोटिस भेजकर संपत्तियों के कारपेट एरिया का ब्योरा मांगा है।  एफआरआई से नगर निगम ने सवा दो करोड़ का सर्विस टैक्स लिया था। बाकियों से भी टैक्स आने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में नगर निगम ने देहरादून में रेलवे की प्रॉपर्टी को लेकर भी सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी कर ली है। रेलवे प्रशासन को नोटिस भेजकर कहा है कि अपनी सभी प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात निगम को उपलब्ध कराएं। इसमें देहरादून रेलवे स्टेशन के अलावा रेलवे की कालोनियां तक शामिल हैं। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि नियमों के तहत रेलवे की प्रॉपर्टी से भी हाउस टैक्स लेने का अधिकार है।    

 

हाउस टैक्स के सर्वे पर गोलमोल जवाब
नगर आयुक्त ने सर्वे को लेकर सभी कर निरीक्षकों से पूछा कि वार्डों में हाउस टैक्स देने वाले कितने लोग हैं। क्या इसकी सर्वे रिपोर्ट है, लेकिन कर निरीक्षकों ने इसका गोलमाल जवाब दिया। इस पर नगर आयुक्त नाराज हो गए। कर निरीक्षकों को पूर्व में किए सर्वे में लोगों से यह पूछना था कि आप हाउस टैक्स देते हो या नहीं। 


नगर निगम बिल्डरों से हाउस टैक्स वसूलेगा 
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत जहां भी बिल्डरों के फ्लैट बनकर तैयार हैं और फ्लैट बिके नहीं हैं तो ऐसे फ्लैटों पर हाउस टैक्स लगाकर उसकी वसूली नगर निगम बिल्डरों से करेगा।  इस बाबत नगर आयु्क्त ने सभी कर निरीक्षकों को आदेश जारी कर दिए हैं।  नगर आयुक्त ने बताया कि बिल्डरों ने जो फ्लैट बेच दिए हैं तो संबंधित लोगों पर हाउस टैक्स लगाकर वसूली की जाए। जहां पर फ्लैट नहीं बिके हैं तो हाउस टैक्स का नोटिस सीधे बिल्डर को भेजा जाए। मलिन बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाने के लिए जून माह में वार्डवार कैंप लगाने की तिथि तय की जाएगी।  

नए क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों का होगा सर्वे: देहरादून नगर निगम में शामिल नए क्षेत्रों से बने 32 वार्डों में व्यावसायिक भवनों पर हाउस टैक्स लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मेयर सुनील उनियाल गामा ने सभी कर निरीक्षकों को वार्डवार सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं।  सर्वे में एक-एक व्यावसायिक संपत्ति का ब्यौरा निगम की टीम को जुटाना होगा। नगर निगम में शामिल नए क्षेत्रों के आवासीय भवनों में हाउस टैक्स की छूट है, जबकि व्यावसायिक भवनों से टैक्स लिया जाना है।  इस बाबत नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी प्रस्ताव पास हो चुका है।  मेयर की ओर से बुलायी गई बैठक में नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कर निरीक्षकों से कहा कि नए क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों की पूरी संख्या सामने आनी चाहिए। उपनगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि वह नए क्षेत्रों के वार्डों का निरीक्षकवार आवंटन तीन दिन के अंदर कर दें। 

 

75 करोड़ का लक्ष्य
नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में हाउस टैक्स से 75 करोड़ का लक्ष्य तय किया है।  इसके पीछे कारण यह है कि छूटे भवनों को टैक्स के दायरे में लाना, प्राइवेट स्कूलों को टैक्स के दायरे में लाना और नए क्षेत्रों के व्यावसायिक भवन हैं।  बीते वित्तीय वर्ष में ही 25 करोड़ का टैक्स आया था। निगम की मानें तो अभी 50 फीसदी लोगों से टैक्स लेना बाकी है।   
 

 

 

 
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  • Web Title:dehradun municipal corporation to investigate carpet area of 10 thousand buildings in dehradun