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भाजपा-कांग्रेसी पार्षदों की संयुक्त बैठक में कौन हुआ नाराज, पढ़िए

मेयर सुनील उनियाल गामा को सूचना दिए बिना ही भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने सभाकक्ष में बैठक बुलायी। इस बैठक में भाजपा पार्षदों ने नगर निगम से जुड़े मुद्दों पर निगम प्रशासन को ही घेर दिया। बैठक के बाद जब पार्षद मेयर के पास पहुंचे तो मेयर ने भाजपा पार्षदों को खूब खरी खोटी सुनायी।  हाथीबड़कला वार्ड से भाजपा पार्षद भूपेंद्र कठैत ने सभी पार्षदों को सूचना देकर मंगलवार को बैठक में आने को कहा। तय समय सुबह 11.30 बजे पार्षद कक्ष में पार्षद आने शुरू हुए। बैठक में कुल 27 पार्षदों ने शिरकत की। इसमें भाजपा के 20 और कांग्रेस के सात पार्षद मौजूद रहे।  

मजेदार बात यह रही कि बैठक चाय के बहाने नगर की समस्याओं पर चर्चा को लेकर बुलायी थी, लेकिन यहां पर भाजपा से लेकर कांग्रेस पार्षद निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे। बैठक के बाद जब पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल मेयर सुनील उनियाल गामा के पास पहुंचा तो मेयर नाराज हो गए। मेयर की नाराजगी की असल वजह भाजपा और कांग्रेस पार्षदों की संयुक्त बैठक रही।  सूत्रों के अनुसार एक भाजपा पार्षद ने बैठक की सूचना भी सौ पार्षदों के बने व्हाट्सएप ग्रुप में भेज दी। इससे पहले पार्षदों ने नगर आयुक्त से मिलकर समस्याएं गिनाईं। बैठक में रमेश बुटोला, भूपेंद्र कठैत, विनोद नेगी, चुन्नी लाल, सुशीला रावत, कमली भट्ट, विमल उनियाल, नंदिनी शर्मा, अमित भंडारी, एमएस रावत, उर्मिला पाल, एसएस बोहरा, कमल थापा, देविका रानी, इनात खान, आलोक मौजूद रहे।  

 

मेयर बोले अनुशासन तोड़ना बर्दाश्त नहीं 
पार्षद कक्ष में बैठक के बाद भाजपा से लेकर कांग्रेस पार्षद मेयर सुनील उनियाल गामा से मिले। पार्षद यहां पर अपनी तकलीफ और सफाई बताने के लिए पहुंचे। तभी मेयर बोले कि बैठक में मुझे क्यों नहीं बुलाया? क्या मुझे व्हाट्स एप ग्रुप से बैठक की सूचना मिलेगी? अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद पार्षद मेयर से मिले और समस्या बताने लगे। बैठक के मसले पर भाजपा पार्षद नंदिनी शर्मा बोलीं कि मेयर साहब आप हमारे पास नहीं आ सकते, हम आपके पास आएंगे। मेयर ने कहा कि मैं जा सकता हूं।  बैठक के बारे में मुझे बताते। तभी भाजपा पार्षद विनोद नेगी बोले कि बैठक हुई तो क्या बात हो गई। मेयर बोले कि मुझे ग्रुप के माध्यम से सूचना मिलेगी क्या? मैं अपने कक्ष में आने से किसी को मना करता हूं? मेरे लिए भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के दरवाजे खुले हैं। आइए और समस्या रखिए, पर इकट्ठे होकर आ रहे हैं, इसका क्या मतलब?  पार्षद नंदिनी ने कहा कि क्या हम पार्षद कक्ष में बैठक भी नहीं कर सकते हैं? पार्षद कक्ष में व्यवस्था तक नहीं है। 

 

 

 

बैठक में क्या बोले पार्षद
वार्डों में काम होना चाहिए। सफाई, स्ट्रीट लाइट के अलावा पार्षद कुछ नहीं मांगते हैं। लेकिन यहां केवल नेतागिरी होती है और काम नहीं होते। 
भूपेंद्र कठैत, पार्षद भाजपा

बोर्ड बैठक से पहले नगर आयुक्त ने कहा था कि मैं क्षेत्रों में जा रहा हूं, सफाई का निवारण जल्द से जल्द होगा, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।  
कमली भट्ट, पार्षद भाजपा

नेहरू कालोनी में आवारा पशुओं से लेकर कुत्तों का आंतक है।  निगम आवारा कुत्तों के आंतक को दूर नहीं कर पा रहा है।  निगम को समस्याओं का निराकरण करना चाहिए।                      
अमित भंडारी, पार्षद कांग्रेस

यह पांच साल ऐसे ही कट जाएंगे।  मेयर के कमरे में पानी से लेकर नई मेज हैं, लेकिन पार्षद कक्ष में पानी की व्यवस्था भी नहीं हैं।  हम भी अपने क्षेत्र के मेयर हैं। 
विमल उनियाल, पार्षद भाजपा

बोर्ड बैठक में प्रस्ताव तो पास होते हैं, लेकिन क्रियान्वयन नहीं होता है।  हमे एकजुट होना पड़ेगा।   पहले पार्षद हैं और फिर पार्टी। हर पार्षद की समस्या एक जैसी है।  हमे अपने काम करवाने के लिए एकजुट होना पड़ेगा।  
रमेश बुटोला, पार्षद कांग्रेस

भाजपा संगठन में यह पूर्व में तय हुआ था कि पार्षदों की समस्या होगी तो उसके लिए भाजपा महानगर कार्यालय में बैठक बुलाकर समस्या का निराकरण किया जाएगा, लेकिन संगठन को विश्वास में लाए बिना भाजपा पार्षदों ने बैठक की, जो अनुशासनहीनता है।                  
राजेंद्र ढिल्लो, महानगर महामंत्री

पार्षदों ने अनुशासन तोड़ा है। अलग से बैठक करने का क्या मतलब है।  समस्या है तो मुझे बताते। पार्टी के नियमों के खिलाफ जाकर बैठक की है, इसके लिए पार्टी फोरम में बात रखी जाएगी।  
सुनील उनियाल गामा, मेयर

 

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  • Web Title:dehradun municipal corporation mayor sunil uniyal gama angry in joint meeting of bjp and congress councilors in dehradun