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Lok Sabha Elections Result 2019: सर्जिकल स्ट्राइक: जानिए क्या रहा फौजी मतदाताओं का जनादेश

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बालाकोट एयर स्ट्राइक और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों ने किस तरह भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल बनाया, यह उत्तराखंड में भाजपा को मिले फौजी मतों से स्पष्ट हो रहा है। उत्तराखंड के 83.24 प्रतिशत फौजी मतदाताओं ने भाजपा को वोट किया। राफेल विमान का विवादित सौदा और फौजी सम्मान का मुद्दा कांग्रेस को फायदा नहीं दिला सका। खुद मनीष खंडूड़ी को गढ़वाल सीट पर 8% से कम फौजी वोट मिले। सैन्य बहुल उत्तराखंड में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को अहम माना जा रहा था। चुनाव प्रचार में भाजपा बालाकोट एयर स्ट्राइक, आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई और पाकिस्तान को करारा जवाब देने जैसे मुद्दों को उठा रही थी। दूसरी ओर, कांग्रेस राफेल डील के मुद्दे को उठाकर वोट मांग रही थी। भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड की रैलियों में इन मुद्दों पर वार-पलटवार किए। कांग्रेस ने इसी दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए ठीक चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर) बीसी खंडूड़ी के बेटे मनीष खंडूड़ी को गढ़वाल से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। मनीष ने भी केंद्र स्तर पर उनके पिता के साथ कथित व्यवहार को मुद्दा बनाकर फौजी सम्मान की लड़ाई लड़ने का दंभ भरा। मगर, सर्विस बैलेट पेपर के नतीजे बताते हैं कि ज्यादातर फौजी वोटरों ने कांग्रेस को नकार दिया।

 

कांग्रेस को टिहरी सीट पर मिले सर्वाधिक फौजी वोट
सबसे अधिक फौजी मतदाता वाली गढ़वाल सीट पर 21,435 फौजी वोट पड़े। इनमें से अकेले 19,367 वोट भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत के खाते में गए। कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को महज 1,701 वोट मिले, जो इस सीट के कुल फौजी मतों का महज 7.94 प्रतिशत बैठता है। कांग्रेस को सर्वाधिक फौजी मत टिहरी लोकसभा सीट पर मिले।

 

उत्तराखंड की जनता ने देखीं कई शहादतें 
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हुए। इसके बाद उपजे हालात के बीच देहरादून के दौ सैन्य अफसर भी शहीद हुए। इनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। तब माहौल भांप रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद दून पहुंचकर शहीदों के परिजनों से भेंट की। देहरादून में चुनाव रैली में आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शहीदों के परिजनों का हालचाल लिया। तब राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा लगातार चुनावी विमर्श में शामिल रहा।

 

पौने दो लाख सैन्य परिवार हैं राज्य में 
सैनिक कल्याण निदेशालय के मुताबिक, उत्तराखंड में सैन्य परिवारों की संख्या करीब पौने दो लाख है। राज्य के तमाम प्रमुख शहरों में सैन्य छावनियों में भी सैन्य परिवार रहते हैं। गढ़वाल सीट फौजी वोटरों की संख्या के लिहाज से देश में जम्मू के बाद दूसरे, अल्मोड़ा सीट चौथे स्थान पर आती है।

विवरण

लोस सीट     कुल मत     भाजपा     कांग्रेस 
अल्मोड़ा 16548 14196 1829
नैनीताल 9314  7022     1998
टिहरी 12263     9213 2576
गढ़वाल 21435 19367    1701
हरिद्वार 5817 4624 0681

 

 

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  • Web Title:defence personnel prefers to cast vote in favour of bjp after surgical strike during lok sabha election 2019